मोदी एवं शाह के हाथ में देश सुरक्षित नहीं है। दोनों विपक्ष में बैठे अराजक नेताओं से निपटने में सक्षम नहीं हैं। बीजेपी को कड़क नेतृत्व को आगे लाना चाहिए।
सदन में सबको पर्याप्त मौक़ा दिया गया।
विपक्ष के हर सांसद ने अपने मन की हर बात कही ।
कोई नारेबाज़ी नहीं, कोई हंगामा नहीं।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी 90 मिनिट बोले.. पीएम हो या बाक़ी मंत्री और सांसद, सबने उन्हें सुना.. टोका-टाकी हुई लेकिन बेरोकटोक उन्होंने अपनी कही।
आज पीएम की बारी थी लेकिन विपक्ष ने संसद की गरिमा का कोई ख़्याल नहीं रखा..पीएम के पहले शब्द से नारेबाज़ी शुरू कर दी।
कोई समझदार व्यक्ति विपक्ष के इस बर्ताव को जायज़ नहीं ठहरा सकता।दुर्भाग्यपूर्ण