@RajeshM84519172 तुम सिर्फ सपने देखते रहो। हकीकत कुछ और ही है जिसको अंधभक्त नहीं समझ सकता। वैसे जो भी चन्द्रशेखर आज़ाद से नफरत करता है उनको आज़ाद भाई और रुलाएगा क्योंकि उनके अभी और बुरे दिन अधिक आने वाले हैं.
ये महाशय सबसे पहले भीम आर्मी में थे तब इनका सिर्फ नारा था जय भीम जय भारत जय संविधान। फ़िर इनकी नजदीकिया बसपा से हुई और बसपाइयों ने इन्हें सर हाथों पर लिया क्योंकि अधिकाँश बसपाई चन्द्रशेखर भाई से नफरत करते हैं। अब सुनने में आ रहा है कि Aimim जॉइन करने जा रह है और बिजनौर की किसी सीट से चुनाव लड़ने के मूड में है। अब इनका नारा भी बदल गया जय भीम जय मीम हो गया है. खैर लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है लेकिन सिर्फ चुनाव के लिए लोगो को अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करना चाहिए। इनको चन्द्रशेखर आज़ाद से सीखने की ज़रूरत है। जय भीम जय भारत जय संविधान
सहारनपुर में बसपा में तगड़ी लूटमारी 5 लाख लिए फिर उसकी टेंशन में लड़के के पिता और दादा जी की मौत
क्या ऐसे होगा बहुजन महापुरुषों का सपना पुरा
@journalist_syed@Voiceofpavan@Mayawati
@SurajKrBauddh@RajeshY67690223 तुम बसपा की सरकार बना रहे हो और जो पत्रकार कह रहे हैं कि 4 सीट भी नहीं वो उनका अनुभव बोल रहा है और मुझे भी लग रहा है 2 सीट आना मुश्किल है
@mr_tanvir_singh इनकी पोस्ट में कुछ सुधारात्मक बातें भी होती हैं। लेकिन इनकी चन्द्रशेखर भाई के प्रति ईर्श्या और बसपा के प्रति उदारता इनको भी अंधभक्त बना देती है
चंद्रशेखर आजाद ने कल ही एक वीडियो बनाकर पोस्ट किया था कि वह उत्तराखंड के टिहरी में पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे हैं। उन्होंने सरकार को हड़काते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें रोके नहीं। अगर उन्हें रोका गया, तो वह सीधे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। अब ऐसा सुनते ही लड़कों में जोश आ जाता है और वे चंद्रशेखर आजाद की रैली में हजारों की संख्या में इकट्ठा हो जाते हैं।मेरा अपना मानना है कि ऐसे मामलो में चन्द्रशेखर भाई को गहन विवेचन करना चाहिए की क्या आपको ऐसे मामलो में खास्तौर पर संवेदनशील मामलो में परिवार बालो से मिलने से क्या परिवार को न्याय मिल जाता है। मुझे लगता है ऐसे में कभी-कभी आवेश में युवाओ पर एफआईआर जरूर हो जाती है जिस्से उनका जीवन अंधकारमय जरूर हो जाता हैऔर कभी-कभी परिवार बालों से मिलने के बाद उस परिवार पर संकट के बादल छा जाते हैं. आपको राजनीति करनी है करिये जो जरूरी भी है आप कीजिए लेकिन किसी के मौत पर ये ड्रामेबाजी सही नहीं है।मेरी सलाह है कि आप जाना चाहें तो 1,2 कार लेकर जाओ और सांत्वना देलो जिसे किसी का नुक्सान भी ना हो और परिवार से मिल भी लो।