रेगिस्तानी धोरों से निकलकर दिल्ली विश्वविद्यालय में अपने संघर्ष और समर्पण का परचम लहराना वाकई में काबिल-ए-तारीफ हैं।
Dear Gopal Ji
फासला आंकड़ों का जरूर रहा, मगर बुलंद हौसलों का नहीं।
❤️😍
उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।
राजस्थान के एक छोटे से गाँव और साधारण परिवार से निकलकर राजस्थान के बेटे ने अपने संघर्ष, मेहनत और जज़्बे से सबका दिल जीत लिया।
@SachinPilot#vijayshankarmeena#dusu
किसी ने सच ही कहा है कि " मर्द की कामयाबी के पीछे , औरत का हाथ होता है" 🧘
मेड़ता के कमल चौधरी ( #Rank 09 ) की कहानी , उनकी पत्नी की जुबानी...!!
#नागौर#RAS#GoodEvening
Ras में 9th रैंक लाने वाले कमल चौधरी की पत्नी
ये स्पीच हर महिला , परिवार को सुनना चाहिए और अमल करना चाहिए कि कैसे संघर्ष में एक महिला का साथ होना चाहिए , परिजनों का साथ होना चाहिए
और मच पर पायलट साहब नहीं है
उनकी हिम्मत भी ये बात बोलने की जब हुई जब पायलट साहब जा चुके है
सब के सब चोर मिलके एक आदमी को गैर के मारने में लगे हुए है
इनको लगता है अपन में से किसी का नंबर आ जाए
#अंता_मांगे_नरेश_मीणा#अंता_विधानसभा_उपचुनाव@NareshMeena__
कल शाम उपमुख्यमंत्री श्री @SachinPilot से उनके निवास पर राज्य में विभिन्न भर्तियो के धरने-माँगो व युवाओं की समस्याओं को लेकर मुलाक़ात हुईं।घर नज़दीक होने के कारण बच्चों की साथ चलने व सचिन अंकल से मिलने की जिद्द पूरी हुईं।
सियासत के साथी, अब यादों में रह गए…
जब शब्द साथ छोड़ जाएं, आँसू बोल उठते हैं…
स्व. रामेश्वर डूडी जी क��� निधन पर हेमाराम चौधरी जी की भावनाएं हर दिल को छू गईं। 🙏
#RIP #Emotion #PoliticsWithHeart
पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से प्रारंभ होकर जिला प्र��ुख और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने तक का अविस्मरणीय सफर रहा। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष रहने के दौरान मुझे उनके साथ निकटता से कार्य करने का अवसर मिला। कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने तत्कालीन भाजपा सरकार की ज��विरोधी नीतियों को प्रदेश की जनता के समक्ष उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वे सदा किसान हितों के पक्षधर रहे और उनका ज़मीन से जुड़ाव सदैव यादगार रहेगा।
उनके असामयिक निधन पर श्रीमती सुशीला डूडी जी एवं समस्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवारजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति।
2013 में कांग्रेस महज 21 सीटों पर सिमटी, तब सचिन पायलट (PCC अध्यक्ष) और रामेश्वर डूडी (विपक्ष नेता) ने मिलकर पूरे राजस्थान में कांग्रेस को मज़बूत किया।
वसुंधरा सरकार के खिलाफ माहौल बनाया, किसानों की ��ड़ाई सड़क से विधानसभा तक लड़ी।
2018 में कांग्रेस सत्ता में लौटी, पर डूडी चुनाव हारे और पायलट CM नहीं बन पाए।
राजस्थान की राजनीति का सबसे बड़ा रहस्य...
कुर्सी बदली, चेहरे बदले…
लेकिन पैमाना (benchmark) नहीं बदला।
छह साल हो गए सचिन पायलट को कांग्रेस अध्यक्ष की कुर��सी छोड़े हुए।
लोग सोचते थे उनकी चमक फीकी पड़ जाएगी… लेकिन हुआ इसका उल्टा।
📌आज जिन नेताओं को आप भीड़ जुटाते देखते हैं
📌जिन्हें गाड़ियों पर चढ़कर हाथ हिलाते देखते हैं
📌जिन्हें जनता से संवाद करते देखते हैं
📌जन्मदिन पर भीड़ जुटाते देखते हैं
ज़रा गौर कीजिए…
क्या यह सब आपको पहले से कहीं देखा-सुना नहीं लगता?
याद आया कुछ…
यही तो वो अंदाज़ है, जो कभी सचिन पायलट ने शुरू किया था और राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। बाकी सब आज भी उसी नक़्शे-कदम पर चलने की कोशिश कर रहे हैं, मगर चल नहीं पा रहे हैं।
➡️ हाला��कि इससे एक बात तो साबित हो जाती है कि राजनीति में सफल होने का एक ही पैमाना रह गया है- सचिन पायलट जैसा बनना,
लेकिन सवाल यही है-
👉 क्या कोई सचिन पायलट से आगे निकल पाया है?
👉 क्या कोई उस जुड़ाव, उस सादगी और उस लोकप्रियता को पार कर पाया है?
👉 क्या बिना संघर्ष किए सचिन पायलट बना जा सकता है?
जवाब सबको पता है...🔥🔥
राजस्थान में राजनीति हो या नेतृत्व की बात- आज भी Benchmark सिर्फ़ और सिर्फ़ @SachinPilot हैं, लेकिन उनके जैसी मेहनत कोई करना नहीं चाहता। 🔥🔥
सचिन पायलट वो नाम है जिसने बार-बार प्रदेश की जनता और युवाओं के लिए बिना डरे आवाज़ उठाई है। सत्ता की लाठियाँ झेली, अपमान सहे, फिर भी जनता के हक़ पर समझौता नहीं किया। पायलट सिर्फ़ नेता नहीं, एक पढ़े-लिखे, ईमानदार और जुझारू जननायक हैं – ऐसे नेता राजनीति में बिरले ही मिलते हैं।
जो लोग सचिन पायलट का विरोध करते हैं, असल में वो साफ़ छवि और युवा सोच से डरते हैं। भ्रष्टाचार, जातिवाद और गुटबाज़ी पर पलने वाले नेताओं को पायलट की ईमानदार और निडर राजनीति चुभती है। जनता जानती है
न आवाज़ दबेगी, न पायलट रुकेगा!
@SachinPilot