माननीय प्रधानमंत्री जी,
वन्दे मातरम l
विप��ा की इस परिस्थिति में हम समस्त देशवासी एक साथ हैं।
मैं तेज प्रताप यादव, पिता : श्री लालू प्रसाद यादव, निवासी : पटना, राज्य : बिहार, बतौर वायुयान चालाक भी अपने दायित्वों का निर्वाह करने में सक्षम हूँ। सीमा पर सुरक्षा प्रहरियों के साथ कंधे-से कंधा मिलाकर शत्रुओं के नापाक इरादों को नेस्तनाबूत करने की प्रबल इच्छा रखता हूँ।
आप से अनुरोध है कि हम नागरिकों को भी भारत माता की सेवा करने का अवसर दिया जाए।
देश व देश के नागरिकों की रक्षा में यदि मेरे प्राण भी निकल जाए तो मैं स्वयं को सौभाग्यशाली समझूँगा। #TejPratapYadav #IndiaPakistanWar #IndianArmy #IndianAirForce #Biharflyinginstitute #NarendraModi
#बिहार_के_युवाओं_के_साथ_धोखा
जब मैंने बिहार विधानसभा में डोमिसाइल नीति का मुद्दा उठाया, तो भाजपा-जदयू के मंत्री और विधायक तर्क दे रहे थे कि “दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी केवल अनारक्षित सीटों पर ही आ सकते हैं तो फिर बिहार में डोमिसाइल नीति की जरूरत क्यों है?
जबकि सच्चाई यह है कि शिक्षक बहाली में बिहारी छात्रों के साथ खुलेआम विश्वासघात हु��� है!
भाजपा-जदयू सरकार ने गाँव-गाँव में पोस्टर चिपकाया – “रोज़गार मतलब नीतीश कुमार” – लेकिन हकीकत यह है कि उन्होंने TRE-1, TRE-2 और TRE-3 – तीनों में बिहार के अभ्यर्थियों को बाहर करने की साजिश हुई!
* हर तरह की आरक्षित सीटों का लाभ केवल बिहार के स्थानीय निवासियों को मिलना था, लेकिन सभी बहालियों में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को बड़ी संख्या में आरक्षित कोटे में भी सम��योजित कर दिया गया!
* दूसरे राज्यों के दिव्यांग अभ्यर्थियों को दिव्यांग कोटे में जगह दी गई, लेकिन बिहार के दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्यूनतम योग्यता अंक लाने के बावजूद बाहर कर दिया गया! (नीचे RTI का जवाब देख लीजिए)
* बिहार की महिला अभ्यर्थियों के हक़ का वर्टिकल रिज़र्वेशन बाहरी राज्यों की महिलाओं को दे दिया गया!
* बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों की अधूरी और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों को मान्यता देते हुए नियुक्ति पत्र दिया गया और बाद में ग़लत पाए जाने पर सप्लीमेंट्री रिज़ल्ट देकर बिहार के युवाओं को मौक़ा नहीं दिया गया!
अब सवाल उठता है:
➡️ अगर बाहरी अभ्यर्थी केवल अनारक्षित सीटों पर ही दावेदार हो सकते हैं, तो फिर TRE-3 में कक्षा 1 से 5 तक की 7,440 में से 6,099 सीटों पर दूसरे राज्य के अभ्यर्थी कैसे चयनित हो गए?
➡️ बिहार सरकार जिस रोज़गार का ढिंढोरा पीट रही है, क्या वह सिर्फ दिखावे का है और बिहार के युवाओं के लिए नहीं ��ै?
➡️ अगर सरकार यह कहती है कि बिहार के अभ्यर्थियों में वह टैलेंट नहीं, जो दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों में है, तो पिछले 20 सालों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के नाम पर बिहार के छात्रों को क्या दिया गया?
यह बिहार के युवाओं के साथ खुला विश्वासघात है!
हम सरकार से इसका जवाब मांगेंगे और बिहार के युवाओं के अधिकार की लड़ाई जारी रखेंगे!
#Domicile #Domicile_in_TRE4
मै सभी बिहार के छात्रों से कहना चाहता हूँ कि जब तक हम लोग अपने हक के लिए लडाई नही लड़ेगे तब तक ये बहरी सरकार नही सुनने वाली। हम सभी को #डोमिसाइल_नीति पे जागना होगा और अपने हक को छिन्ना होगा।
कोई साथ दे या न दे,ये लड़ाई खुद की है तो इसको खुद ही लड़ना होगा।
#बिहार_मांगे_डोमिसाइल
नीतीश जी 6000रुपया सैलरी वाला ग्राम कचहरी सचिव पद पर डोमिसाइल लागू करके फुसलाने से काम नहीं चलेगा।
शिक्षक बहाली Tre 4 में डोमिसाइल लागू कीजिए तभी बिहार के अभ्यर्थी शुक्रगुजार होंगे अन्यथा पूरे बिहार के अभ्यर्थी आक्रोशित है।
इसलिए #बिहार_मांगे_डोमिसाइल@NitishKumar
पढ़ लिख कर खामोश हो तो कलम तोड़ दो।
अगर अपने हक और #डोमिसाइल पर एक शब्द नहीं लिख सकते तो सोशल मीडिया छोड़ दो।
बिहार के अभ्यर्थी को मूर्ख बनाकर तथा गुणवत्ता शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करके उनके भविष्य के साथ खेला गया है।
#बिहार_मांगे_डोमिसाइल#बिहार_मांगे_95_प्रतिशत_डोमिसाइल