किसी जरूरतमंद को रोजगार,
किसी बच्चे की स्कूल की फीस,
किसी के घर का राशन,
यां फिर किसी जरूरतमंद के घर में आपके द्वारा जलाया गया दिया,
आप की दिवाली को और रोशन बना देगा ।
शुभ दिवाली ।
बहुत ज़रूरी है कि हिंसा की भाषा और तेवर से दूर रहें। हिंसा का जवाब हिंसा नहीं है। कल ही तो हम सभी इस बेहद साधारण बात को दोहरा रहे थे। एक दिन में भूल जाते हैं। साधारण सी लगने वाली इस बात का अभ्यास बहुत कठिन है। कोशिश कीजिए। शांति और संवाद का आदर हर पक्ष को करना चाहिए।
लोकतंत्र की माँ भारत में किस तंत्र के प्रभाव में किसानों पर गाड़ी चलाई जा रही है? गोदी मीडिया की हिंसक भाषा की गाड़ी रोज़ किसानों को कुचलती है। सर फोड़ने की भाषा अफ़सर की और देख लेने की भाषा मंत्री की। हिंसा सोच से भाषा में और भाषा से कार्य में आ जाती है। हिंसा की भाषा से बचिए।
पहले किसानों के रास्ते में कीलें गाड़ दी गईं और अब किसानों पर गाड़ी चलवा दी गई। मामले को बराबर करने के लिए गोदी मीडिया नाम का रोड रोलर चलवा दिया जाएगा। विपक्ष को रोकने का फ़ैसला भी आता ही होगा। किसानों को निकालने की बात कर मंत्री कैसा देश बनाना चाहते हैं?
जो इस अमानवीय नरसंहार को देखकर भी चुप है, वो पहले ही मर चुका है।
लेकिन हम इस बलिदान को बेकार नहीं होने देंगे- किसान सत्याग्रह ज़िंदाबाद!
#FarmersProtest
भाजपा देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे? बहुत हो चुका। ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है।
किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसान की आवाज और बुलंद होगी।