यह सभी लोग रामपुर के है जिन्हें खाने-पीने,रहने की कोई समस्या नहीं है।इन्हें बताया गया है व्यवस्था की जा रही है।अभी प्राथमिकता अपने सीमित संसाधनों के साथ उन लोगों को घर पहुंचाना है जिनके खाने-पीने,रहने की कोई व्यवस्था नहीं है,जो पैदल या साइकिल से जनपद में किसी प्रकार पहुंच गए हैं।
शराब से यूपी को 31,000 करोड़ की और कर्नाटक को 21,000 करोड़ की सालाना कमाई होती है. महाराष्ट्रको 17,000 और बंगाल को 12,000 करोड़ मिलते है. इसीलिए राज्य सरकारों के लिये “शराब चीज़ है ऐसी ना छोड़ी जाये”.
ऐतने बड़े-बड़े ओले ? इस मौसम में ? ऐतनी भी का नाराजी प्रकृति अम्माँ 😳? माना अपराध किए आदमजाद ने पर माँ हो, अब माफ़ भी कर दो 😢😢🙏
“सुत अपराध करै दिन केते,
जननी कै चित रहै न तेते॥
कर गहि केस करे जौ घाता,
तऊ न हेत उतारै माता॥
कहैं कबीर एक बुधि बिचारी,
बालक दुखी दुखी महतारी...॥”
सभी प्रवासी कामगार व श्रमिक बहनों-भाइयों से अपील है कि जिस धैर्य का परिचय आप सभी ने अभी तक दिया है उस धैर्य को बनाए रखें, पैदल न चलें, जिस राज्य में है वहां की सरकार से संपर्क में रहें।
आप सभी की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित राज्य सरकार से वार्ता कर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
सरकारी सेवकों के DA पर पाबंदी का फैसला सरकार तुरंत वापस ले. एक तरफ़ बिना अवकाश लिए अधिकारी-कर्मचारी लोग अपनी जान पर खेलकर सामान्य दिनों से कई गुना काम कर रहे हैं, दूसरी तरफ़ सरकार उन्हें हतोत्साहित कर रही है. पेंशन पर निर्भर रहनेवाले बुजुर्गों के लिए तो ये और भी घातक निर्णय है.
कुछ लोगों के हाथ में व्हाट्सएप्प और और स्मार्ट फ़ोन ऐसा हो गया है जैसे बंदर के हाथ में तलवार। बिना सोचे समझे कुछ भी पोस्ट कर देते हैं, जिसका नतीजा मोब लिंचिंग के रूप में निकल रहा है।
आज अगर हम कोरोना संक्रमण की लड़ाई अच्छी तरह लड़ पा रहे है तो इसके पीछे हमारे देश के अन्नदाता, हमारे किसान भाइयों का योगदान अहम है। उनके कारण ही यह सुनिश्चित हो पाया है कि हम कभी भूखे नहीं सोएंगे। आपको मेरा सलाम। #ThankYouCoronaWarriors#ClapForOurCarers
यमुना घाट पर मज़दूर इकट्ठा हुए। उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था कर दी है। उन्हें तुरंत शिफ़्ट करने के आदेश दे दिए हैं।
रहने और खाने की कोई कमी नहीं है। किसी को कोई भूखा या बेघर मिले तो हमें ज़रूर बतायें।
T 3437 -
"आजकल जरुरी नहीं कि किसी की इज्जत पांव छूने से ही की जाए ...
उन्हें देखकर अपना मोबाइल एक तरफ रख देना भी बहुत बड़ी इज्जत है.." ~ Ef vB ..
today it is not essential to touch a persons feet to give respect ; putting your mobile away on seeing them is great respect also