...जय बिहार! मेरे पास सीमित संसाधन है और मेरा दायरा भी ज्यादा नहीं है फिर भी अपनी क्षमता के अनुरूप मैं बिहार की प्रगति और तरक्की के लिए प्रयासरत हूं। सरकार में जितने लोग हैं, जिनके पास संसाधन और मशीनरी सबकुछ है वह क्यों बिहार को लेकर उदासीन है?
क्योंकि, उनके पास नीयत नहीं है।
...जय बिहार! हमारे राज्य की एक खूबसूरत चीज बताऊं? यहां की मिट्टी उस जज्बे को पैदा करती है जिससे प्रेरित युवा जो ठान लेते हैं वह हासिल कर लेते हैं। मेरी युवाओं से अपील है कि एक जिद लेकर चलिए कि बिहार की राजनीति को बदल देंगे। तय मानिए यह हो गया तो बिहार अग्रणी राज्य बन जायेगा।
.@NitishKumar जी, न बिहार को आप विकास दे पाए और न शिक्षक अभ्यर्थियों को नौकरी दे पा रहे हैं। क्राइम आपसे कंट्रोल नहीं होता, बाढ़ से भी आप बिहार की जनता को बचा नहीं पा रहे। एक काम कीजिये न कि आप अपनी असफलताओं को स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे दीजिए। #JUSTICE_FOR_BSTET19
"विश्व जनसंख्या दिवस"
बढ़ती जनसंख्या प्रकृति-पर्यावरण व अन्य समस्याओं का बड़ा कारण है।
आइए, इस विश्व जनसंख्या दिवस पर अपनी धरती, अपने समाज के प्रति जागरूक बनें एवं बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों के प्रति अन्य लोगों को जागरूक करें।
#WorldPopulationDay
भोजपुरी भाषा-संस्कृति के महानायक, नाट्य कला के पहिचान, लोकगीत आ लोक-भजन के शान, विदेशिया नाट्य शैली के जनक, सामाजिक कुरितियन प अपना नाटकन से बरिआर चोट करे वाला लोक कलाकार श्रद्धेय भिखारी ठाकुर जी के पुण्यतिथि प बेर-बेर नमन बा, विनम्र श्रद्धांजलि बा।
#भिखारी_ठाकुर#BhikhariThakur
जिस मन में दुसरो के लिए छल, कपट और ईर्षा की उत्पति हो चुकी हो..!!
उस मन में कभी प्नेम और सात्विक ज्ञान टिक ही नही सकती..!!
धन दौलत की गरीबी ठीक है..!!
परंतु
मन की पवित्रता अत्यंत आवश्यक है..!!
🙏💕जय श्री राधे कृष्णा💕🙏
🙏💕सुप्नभात : शुभदिन💕🙏
#SaturdayMorning क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि व्यग्र हो जाती है। जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाते हैं। जब तर्क नष्ट होते हैं तो व्यक्ति का पतन शुरू हो जाता है। तात्पर्य गुस्सा किसी भी व्यक्ति को इस हद तक प्रभावित करता है कि वह अपना नाश खुद ही कर लेता है
भारत में जब तक #AdministrativeReform नहीं किया जाएगा, तब तक #RanbirSharma जैसे अधिकारी खुद को शहंशाह और आम जनता को अपने पैरो की जूती ही समझते रहेंगे। अधिकारियों की अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए। अधिकारियों का काम जनता पर धौंस जमाना नहीं बल्कि जनता की सेवा करना है।