‘महाराणा’ की वही चेतना फिर से अब जगानी है
नई स्वतन्त्रता के लिए, अब नई कसम उठानी है!
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती की शौर्यपूर्ण अनंत शुभकामनाएँ!
"मुझे खुशी है इस बात की कि हमारा डेलिगेशन उस परिवार से मिला, 5 लाख से हम लोगों ने मदद की लेकिन न्याय की बात अभी भी अधूरी है। परिवार को न्याय मिले और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर जो झूठे मुकदमे लगे हैं वह वापस लें।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
‘नक़ली शेर’ के साथ मुस्कान
असली देखें तो हो जाएं धड़ाम
लगता है कोरोना काल का शेर है, तभी ‘बाल-अयाल’ इतने लंबे हैं।
शेर बनाना ही था तो क़ायदे का बनाते और इसके लिए सपाकाल में बनी इटावा की लायन सफ़ारी ही देख आते।
“समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बहुत अन्याय हो रहा है, हम लोगों को कोई बड़ा फैसला भी लेना पड़ेगा तो हम समाजवादी पार्टी के लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
महिला पुलिस के साथ अभद्रता करनेवाले भाजपाई क्या किसी महिला का संरक्षण करेंगे और क्या उन्हें आरक्षण देंगे।
विपक्ष के एक वरिष्ठ सांसद वयोवृद्ध श्री नरेश उत्तम पटेल जी के आवास पर जूते से वर्चस्ववादियों द्वारा प्रहार सिर्फ़ इसलिए किया गया है क्योंकि वो ‘पीडीए’ समाज से आते हैं। ये प्रहार-अपमान संपूर्ण ‘पीडीए समाज’ का अपमान है।
आज सरदार पटेल जी की आत्मा बहुत दुखी होगी।
‘5 बड़ा या 7’ वाले प्रदेश के भाजपाई अध्यक्ष अपने समुदाय के अपमान पर कुछ बोलेंगे या सत्ता सुख के लालच में अपमान का घूँट पीकर रह जाएंगे।
भाजपाई हार की हताशा से अपना आपा खो बैठे हैं।
घोर निंदनीय!
"जिस तरह भारतीय जनता पार्टी उस बिल में और चीजों को छुपा कर ला रही थी उसका विरोध था। सेंसस चल रहा है, सेंसस पूरा हो जाए, उसके बाद इस बात को आगे बढ़ाते तो शायद सब पक्ष में होते।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
"भारतीय जनता पार्टी के फैसलों को समझना बहुत मुश्किल है। वो SIR के बहाने NRC कर रहे थे। अब महिला आरक्षण के बहाने अपने मनमर्जी डीलिमिटेशन करके लोकसभाएं बनाना चाहते हैं जिससे कभी हारे नहीं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
"सबसे ज्यादा घटनाएं आतंकवाद की अगर हुई है तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हुई है, सबसे ज्यादा हमारे जवान शहीद हुए हैं तो भारतीय जनता पार्टी के समय में शहीद हुए हैं।"
- श्रीमती डिंपल यादव जी, सांसद मैनपुरी
जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साज़िशन लाए गए ‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल’ की हार भाजपा की हार है। ये भाजपा की बदनीयत की भी हार है।
भाजपा का हर प्रयास, हर बिल या तो कुछ लोगों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए होता है या समाज को बाँटने का छल-छलावा होता है। इस बार भाजपा इस बिल के माध्यम से महिलाओं की एकता में दरार डालकर उनको ठगना चाहती थी लेकिन विपक्ष की एकता ने भाजपाई मंसूबों को धूल चटा दी। ये भाजपा के ख़िलाफ़ देश की सक्रिय हो चुकी जन चेतना की जीत है, जिसका प्रतिनिधित्व देश का विपक्ष कर रहा है।
भाजपा ने सरकार में बने रहने का नैतिक आधार खो दिया है।
आज इंडिया की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि ‘नैतिक रूप’ से भाजपा ने सरकार में बने रहने का आधार खो दिया है। संसद में जो सरकार हार जाती है, वो बाहर जाती है।
ये जनता की जीत है इसीलिए पूरे देश में सालों बाद हर्षोल्लास का वातावरण बना है क्योंकि जनता को विश्वास हो गया है कि ‘बुरे दिन जानेवाले हैं!’
#बुरे_दिन_जानेवाले_हैं!
जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में उद्घाटन के फूल सूखने से पहले ही :
- भाजपा की बनाई सड़क धँस क्यों जाती है?
- ग्रीन कॉरिडोर, विलीन कॉरिडोर क्यों हो जाता है?
- पुल क्यों टूट जाता है?
- हाईवे हाय-हाय क्यों करने लगते है?
- टंकी क्यों धराशायी हो जाती है?
- छत क्यों आँसू टपकाने लगती है?