Sant Shri Asharamji Ashram के अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम में हर वर्ष दुनिया से अलग,
Anokhi Diwali मनाई जाति है, जहा पर दुनिया के कोने कोने से साधक,अपने बच्चो,विद्यार्थियों को लेकर आते है,इसे कहते है,
Unique Diwali Celebration
#शिविर_की_झलकियाँ
#विजया_दशमी
Sant Shri Asharamji Bapu अपने सत्संग में बताते हैं, कि हमारा जन्म संसार में पच मारने के लिए नहीं हुआ।मौत आए उसके पहले मौत जिस को छू नहीं सकती,उस अमर आत्मा का अनुभव करने के लिए हम इस संसार में आए हैं।
Dussehra पर्व Asatya Par Satya ki Vijay के प्रति उत्साहित करता है!
@asharamjibapu_ समझदार आदमी वृद्धावस्था आने से पहले ही यात्रा कर लेता है, बुद्धि क्षीण होने से पहले ही ब्राह्मी स्थिति पा लेता है। घर में आग लगने से पहले ह�� जैसे कुआँ खुदवाया जाता है, भूख लगने से पहले भोजन की व्यवस्था की जाती है ऐसे संसार से अलविदा होने से पहले जीवनदाता से सम्बन्ध बाँध लेता है।
संतों की भूमि भारत से Swami Vivekananda के बाद पूज्य Sant Shri Asharamji Bapu एक ऐसे हिंदू संत हैं जिन्होंने 100 साल बाद 1993 में World Religions Parliament में पुनः भारतीय संस्कृति का परचम लहराया व अपनी संस्कृति की महानता का डंका बजाया।
#proudtobehindu
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