"55-56 साल के आदमी को युवा कैसे बोलते हैं आप? 60 साल पर आदमी Retire हो जाता है!"
राहुल गांधी और अखिलेश यादव को "युवा नेता" कहने पर इस महिला ने ऐसा जवाब दिया, जो आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा।
🔥 दिल्ली–अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे 🔥
करीब 1 लाख करोड़ की लागत से बना 8 लेन का यह एक्सप्रेसवे जल्द पूरा होने वाला है। आगे इसे 12 लेन तक बढ़ाया जाएगा।
अब दिल्ली से कटरा का सफर लगभग 7 घंटे में!
विकास पागल हो चुका है चमचों🤣🤣
उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड पर वक्फ की जमीनों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और अरबों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है. रिजवी ने दावा किया कि वक्फ बोर्ड की सही तरीके से जांच हुई तो राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले से भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सिर्फ बरेली में ही वक्फ की जमीनों से जुड़ा करोड़ों और अरबों रुपये का घोटाला हुआ है. उनका कहना है कि सरकार को पूरे मामले की जांच करानी चाहिए, क्योंकि लोगों ने वक्फ की जमीनों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया है.
मौलाना ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीनें गरीब मुसलमानों, महिलाओं, बच्चों, जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की मदद के लिए दी गई थीं. इन जमीनों से होने वाली आमदनी इन्हीं लोगों पर खर्च होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उनका आरोप है कि आज भी गरीब मुसलमान भीख मांगने को मजबूर हैं, जबकि वक्फ की जमीनों से कुछ लोग करोड़ों रुपये का कारोबार कर रहे हैं.
मौलाना ने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों की खरीद-बिक्री का गलत कारोबार समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान सबसे ज्यादा बढ़ा. उन्होंने कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब चाहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड हो या शिया वक्फ बोर्ड, दोनों के जिम्मेदार लोगों ने सरकार के संरक्षण में वक्फ की जमीनों का सौदा किया.
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव तीन बार मुख्यमंत्री रहे. उनका पहला कार्यकाल 1989 से 1991, दूसरा 1993 से 1995 और तीसरा 2003 से 2007 तक रहा. इसके बाद उनके बेटे अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहे. मौलाना का दावा है कि समाजवादी पार्टी के इन चारों कार्यकाल में आजम खान के पास ज्यादातर समय अल्पसंख्यक, वक्फ और हज मंत्रालय रहे.
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान पर गोविंद गिरी ने कहा-
अविमुक्तेश्वरानंद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य नहीं हैं... क्योंकि
राम मंदिर के निर्माण से लेकर आज तक विरोध किया है... पक्ष में कभी नहीं बोले हैं...
वो प्रधानमंत्री के घोर विरोधी हैं... जब पहली बार खड़े हुए तो ये लोग विरोध में प्रचार कर रहे थे...
सपा सरकार के समय में ब्राह्मण पुलिस अधिकारियों की क्या इज्जत हुआ करती थी वह इस फोटो से जाहिर होता है
अपने से उम्र में बेहद छोटे अखिलेश यादव के चरणों में घुटने के बल बैठा यह कोई मामूली कांस्टेबल या इंस्पेक्टर नहीं है बल्कि कानपुर जोन का आईजी है और इसका नाम आशुतोष पांडे है
🚨 बड़ी खबर
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए सरकारी योजना के तहत 1 लाख घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। साथ ही ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए ₹1,000 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई है।
— सुवेंदु अधिकारी🔥
केजरीवाल के प्यारे दुलारे पार्षद ताहिर हुसैन ने कोर्ट में यह स्वीकार किया कि हां मैं हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था
इसीलिए मैंने शरजील इमाम ने और उमर खालिद ने दंगों की पूरी प्लानिंग किया और दंगे किया
“मैंने लोगों की बेहतर सेवा करने के लिए BJP छोड़ी है, न कि उनकी आलोचना करने के लिए।
मैं खुद को हिंदू मानता हूँ, लेकिन लोगों की सेवा करते समय मैं अपने धर्म और जाति को घर पर ही छोड़ देता हूँ; मैं सभी के साथ समान व्यवहार करता हूँ और सबके लिए एक एकजुट रास्ते पर चलने का लक्ष्य रखता हूँ।”
- के. अन्नामलाई🔥
बॉर्डर के पास से हटाएं जाएंगे मस्जिद और मदरसे।
बॉर्डर के पास मस्जिद-मदरसों पर कार्रवाई रोकने से किया इनकार, हाई कोर्ट का बड़ा फैसला।
पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित कई मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के खिलाफ एक्शन पर रोक लगाने से मना कर दिया, कोर्ट ने सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला सुनाया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित कई मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने से सोमवार (13 जुलाई) को इनकार कर दिया।
हालांकि अदालत ने राज्य सरकार को एक समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई के संबंध में अपनी सिफारिश देगी।
अविमुक्तेश्वरानंद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य नहीं हैं,
राम मंदिर के निर्माण से लेकर आज तक
विरोध किया है... पक्ष में कभी नहीं बोले हैं...
वो प्रधानमंत्री के घोर विरोधी हैं... जब पहली बार खड़े हुए तो ये लोग विरोध में प्रचार कर रहे थे :- गोविंद गिरी