#Varanasi#Lucknow
ढलती शाम की धूप तक
ऐसी ख़बरें
एक सुलगती हुई तीली-सी रहती है,
फिर अंधेरा होते-होते
सरकारी दफ़्तर की फ़ाइल के पेट में
दफ़न हो जाती हैं
जैसे मुर्दा
अपनी क़ब्र में
ख़ुद ही सिमट जाता है।
और हम,
कीड़े-मकोड़ों की औलादें,
फिर उसी जाम में
रेंगते हुए
अगली सुबह के अख़बार का
इंतज़ार करने लगते हैं।
दिल्ली को किताब में लिखना एक बात है, लेकिन उसे दिल से महसूस करके लिखना कुछ और।
मेरी किताब ‘दिल्ली दिल से’ पर कलास्रोत, लखनऊ में पुस्तक पर चर्चा का आयोजन है। इस अवसर पर मेरे साथ संवाद करेंगे डॉ. रवि भट्ट।
दिल्ली से मैंने देश और समाज को कैसे देखा, दिल्ली के साथ के साथ मेरा रिश्ता, उसकी गलियाँ, उसकी राजनीति, माहौल ,उसकी संस्कृति और उसकी बदलती हुई तस्वीर—इन सब पर बातचीत होगी।
उम्मीद है, यह सिर्फ़ मेरी किताब पर चर्चा नहीं, बल्कि दिल्ली को नए सिरे से देखने और समझने की एक शाम होगी।
आप सब मित्रों से मिलने की प्रतीक्षा रहेगी।
6 सितंबर, रविवार
शाम 6:30 बजे
कलास्रोत आर्ट गैलरी, अलीगंज, लखनऊ #Delhi
26th August त्रासदी के एक हफ़्ते
It’s been a week since this report
The locals are still looking for their families
वक़्त गुज़र रहा है इंतज़ार नहीं
#Nepal#NDTV@ndtv@ndtvindia@NDTVWorld
स्व. एसपी सिंह को भारतीय टीवी पत्रकारिता का युगपुरुष कहा जाता है। वो मूलतः गाजीपुर के थे, उनके बाद गाजीपुर के जो पत्रकार नाम पैदा कर रहे हैं, वो ये साहब हैं... वैसे इन महान पुरुष का कोई परिचय जानता हो तो बताएं। अब समय आ गया है कि जर्नलिस्ट और यूट्यूबर को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाए..!!
#AmaJaneDo ☺
#Dunche के स्थानियों में मान्यता है की जब ये अंदाज़ा होने लगे की कोई लौटने वाला नहीं नहीं चाहे उसका शव नहीं मिला हो
उसकी आत्मा की शांति के लिए उसको विदा कर देना चाहिए #-Nepal
#Nepal@ndtv@ndtvindia@NDTVWorld