जीवन रक्षा.....
आज दिनांक 03.06.2026 को थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में ग्वालियर गेट के पास एक 20-25 फुट गहरे तालाब में एक युवती डूब रही थी। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने शोर मचा रहे थे, इसी दौरान थाना फतेहपुर सीकरी की चीता मोबाइल वहां से गुजर रही थी कि लोगों का शोर सुनकर रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी वहां पहुँचे तो देखा एक युवती गहरे पानी में डूब रही है। बिना समय गंवाये रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी ने जूते उताकर वर्दी में ही तालाब में छलांग लगा दी।
जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रिक्रूट आरक्षी द्वारा अस्थायी रस्सी की सहायता से युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तत्पश्चात युवती को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया।
आरक्षी दीपक सोलंकी द्वारा अदम्य साहस का परिचय देते हुए युवती की जीवन रक्षा की गयी। पुलिस कमिश्नर आगरा @DeepakKumarIPS द्वारा उक्त आरक्षी को उसके उत्साहवर्धन हेतु ₹1000/- का नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर, सम्मानित किया जायेगा।
#UPPolice #UPPCares #EveryLifeMatters
@Uppolice@dgpup@UPGovt@CMOfficeUP@homeupgov@CPAgra_
हर वक़्त अपने क्षेत्र के कार्य और उसके बाहर भी लोगों की मदद के लिए तत्पर रहने वाले देवरिया के लोकप्रिय विधायक @shalabhmani जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं💐🎂आने वाला हर दिन शुभ और सार्थक हो।जनसेवा का जज़्बा बरकरार रहे
(पहले दिन विधानसभा में प्रवेश की यादगार तस्वीर)
@gyanu999
"धुरंधर का वो सीन याद आ गया.. जब रहमान डकैत जंगल में अधमरा पड़ा होता है और एसपी असलम उसे गोली मारता है.. तब हमज़ा अली मज़ारी कहता है कि रहमान डकैत को जिंदा शहर क्रॉस कराकर ल्यारी ले जाना है.."
एसपी असलम कहता है, छेड़ पे उंगली डाल के खून रोक..
उसके बाद हमज़ा उसे अपने कंधे पर लादकर भागता है.. हाईवे पर चिल्लाता है.. गाड़ी रोको.. रोको.. रहमान भाई को गोली लगी है..
..और अस्पताल पहुंचते ही रहमान डकैत खुदा को प्यार हो जाता है..
बाकी बैकग्राउंड आप सबको याद होगा, यूपी पुलिस के धुरंधर जवानों ने तमाम जिलों में अपने अधिकारियों के साथ धुरंधर देखी ही थी..
कोई कह रहा था, सीख गए सब!!
एक ने कहा, अब ऐसे ही नए-नए आइडिया देखने को मिल सकते हैं..
#Dhurandhar #DhurandharMovie #UPPolice #Police #Criminal #Ghazipur #Crime #Encounter #UttarPradesh
"यूपी में पांच नई जेल बनेंगी.. कानपुर, मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया भदोही में नई जेल बनेंगी.."
मुरादाबाद में 2000 की बंदी क्षमता वाला नया कारागार बनाया जाएगा..
ललितपुर में 552 क्षमता वाला कारागार बनेगा..
औरैया में नवीन कारागार बनेगा जिसकी बंदी क्षमता 1056 होगी..
कानपुर में 2030 बंदी क्षमता वाला नवीन कारागार बनेगा..
भदोही में जिला कारागार बनेगा जिसकी 574 बंदी क्षमता होगी..
इसके अलावा जेल में आपसी झगड़े से बंदी की मौत पर 5 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा..
बंदियों और जेल कर्मचारियों के इलाज में कमी या लापरवाही से मृत्यु पर 5 लाख रुपए दिए जाएंगे.. बंदी की आत्महत्या करने पर 3 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा..
#Cabinet #CabinetDecisions #Jail #Compensation #UttarPradesh #CMYogi
"सरकारी अधिवक्ताओं के लिए योगी सरकार ने खोला पिटारा.. रिटेनर और बहस की फीस बढ़ाई.."
जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, जिला शासकीय अधिवक्ता, नामिक वकील, विशेष अधिवक्ता, वित्त, दीवानी, फौजदारी के रेट रिवाइज्ड किये गये..
जिला शासकीय अधिवक्ता की फीस 9 हजार रुपए थी.. प्रतिकार्य दिवस बहस के 1650 रुपए मिलते थे.. उसके स्थान पर 14000 रुपए प्रतिमाह रिटेनर फीस की गई.. बहस की फीस 2500 रुपए प्रतिकार्य दिवस निर्धारित की गई..
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता को 7200 रुपए रिटेनर फीस मिलती थी और बहस के लिए प्रति कार्य दिवस 1500 रुपए मिलते थे..
रिटेनर फीस 11000 रुपए की गई.. बहस की फीस प्रति कार्य दिवस 2300 रुपए की गई..
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जो 6300 रुपए महीना पाते थे उन्हें अब 10000 रुपए मिलेंगे. बहस की फीस 1500 रुपए प्रति कार्य दिवस की जगह 2300 रुपए की गई.
उपजिला शासकीय अधिवक्ता रिटेनर फीस 5400 रुपए थी और 1200 प्रतिकार्य दिवस बहस की फीस थी.. रिटेनर फीस बढ़कर 9000 रुपए की गई और बहस के लिए प्रतिकार्य दिवस की फीस 2000 रुपए की गई..
नामिका वकील को रिटेनर फीस नहीं मिलती थी. सिर्फ बहस की फीस 1500 रुपए मिलती थी, उसके स्थान पर 2300 रुपए की गई. विशेष अधिवक्ता को भी 1500 की जगह 2300 रुपए किया गया.. न्याय मित्र दीवानी फौजदारी को भी 1500 की जगह 2300 रुपए किया गया..
महाधिवक्ता की रिटेनर की प्रतिमाह फीस 75 हजार रुपए थी तथा बहस की प्रतिकार्य दिवस 40000 रुपए फीस निर्धारित थी..
दिल्ली अथवा बाहर से मुकदमें की तैयारी के लिए 20000 रुपए मिलते थे..
रिटेनर फीस बढ़ाकर 125000 रुपए की गई. बहस के लिए प्रति कार्य दिवस 60000 रुपए किए गए.. तैयारी वाले 20000 रुपए ही रहेंगे..
अपर महाधिवक्ता को अभी तक रिटेनर फीस 30000 रुपए मिलती थी.. बहस की फीस 20000 रुपए थी.. रिटेनर फीस 50000 रुपए की गई और बहस की फीस 40000 रुपए की गई..
उच्च न्यायालय के अपर महाधिवक्ता को रिटेनर फीस 30000 रुपए और बहस की फीस 20000 मिलती थी.. रिटेनर फीस 30000 से बढ़कर 50000 रुपए की गई.. बहस फीस भी 50000 रुपए की गई..
मुख्य स्थाई अधिवक्ता की रिटेनर फीस 22000 रुपए थी.. बहस फीस 7000 मिलती थी.. अब 35000 मिलेंगे.. बहस फीस 12000 रुपए मिलेगी..
अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता, अपर लोक अभियोजन की रिटेलर फिश 12000 रुपए थी बहस पीस 5000 रुपए मिलती थी उसे बढ़ाकर 20000 और 8000 रुपए किया गया..
स्थाई अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता की रिटेनर फीस 9000 रुपए थी, बहस की फीस 3000 रुपए थी. उसे बढ़ाकर 15000 और 5000 रुपए किया गया..
ब्रीफ होल्डर को सिर्फ 2000 बहस की फीस मिलती थी उसे 3000 रुपए किया गया..
एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को 18000 रुपए रिटेनर फीस और बहस फीस 10000 रुपए मिलती थी.. रिटेनर फीस 30000 रुपए और बहस फीस 15000 रुपए की गई..
विशेष पैनल अधिवक्ता को 15000 रुपए बहस फीस मिलती थी.. एक से अधिक केस की पैरवी पर 25000 रुपए मिलते थे.. अब 15 की जगह 25000 मिलेंगे एक से अधिक बहस पर 32500 रुपए फीस मिलेगी..
वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता को बहन के लिए 8000 रुपए मिलते थे.. एक से अधिक केसों में पैरवी करने पर 12000 रुपए मिलते थे.. अब 12000 और 16000 रुपए किए गए..
कनिष्ठ पैनल अधिवक्ता को बहस के 5000 मिलते थे.. एक से अधिक केस में पैरवी पर 7500 रुपए मिलते थे..
अब एक केस में 7500 रुपए और एक से ज्यादा केस की पैरवी करने पर 10000 रुपए प्रति कार्य दिवस मिलेंगे..
#Cabinet #CabinetDecisions #PublicProsecutor #Fees #FeesIncrement
#AdvocateGeneral #Advocate #UttarPradesh #CMYogi
होटल में फंसे साउथ अफ्रीका के लोगों ने इस तरह बचाई जान.. खिड़कियों से लगाई छलांग.."
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन होटल में अग्निकांड की भयावह तस्वीरें.. होटल में ठहरे विदेशियों ने पिछली गली की तरफ की खिड़कियां तोड़कर नीचे छलांग लगा दी.. कुछ बुरी तरह से घायल भी हो गए..
#Delhi #DelhiHotels #Fire #Hotel #HotelLemonGreen #Basement #MalviyaNagar #Rescue #Foreigner
"दिल्ली में होटल के बेसमेंट से साउथ अफ्रीकन युवक-युवती को गंभीर हालत में निकाला गया.. पता नहीं दोनों विदेशियों की जान बची कि नहीं!!"
दिल्ली के हौजरानी इलाके में मैक्स अस्पताल के सामने स्थित होटल लेमन ग्रीन में लगी आग में मरने वालों में सेंट्रल एशिया और अफ्रीका देशों के नागरिक भी हैं.. जिन युवक-युवती को बेसमेंट से निकाला गया है वो सोमालिया या युगांडा के बताए जा रहे हैं..
ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखें.. 🙏🏻🙏🏻
#Delhi #DelhiHotels #Fire #Hotel #HotelLemonGreen #Basement #MalviyaNagar #Rescue #Foreigner #Casualties
आज हमारे बेटे अद्विक राजभर का ''प्रथम'' जन्मदिन है। अद्विक को इस दिन विशेष की हार्दिक बधाई और शुभकामना।
महादेव से प्रार्थना है कि अपनी असीम अनुकंपा सदैव अद्विक पर बनाये रखें और आपको ढ़ेर सारी खुशियां प्रदान करें।
#happybirthdayadvikrajbhar
"दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी आग में अब तक 21 लोगों की मौत.. कई लोग झुलसे.. अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग जारी.."
हौजरानी इलाके में मैक्स अस्पताल के सामने स्थित होटल लेमन ग्रीन में लगी आग ने उठाए कई सवाल.. बड़ी लापरवाही आई सामने..
होटल में 25 कमरे थे जबकि वहां सिर्फ 6 कमरे बनाने की इजाजत थी..
होटल काफी तंग रिहायशी इलाके में बना हुआ था..
होटल में अवैध रूप से बेसमेंट बनाया गया था..
नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनाया गया था होटल..
आज सुबह करीब 10 बजे लगी.. कैसे लगी?? इसका पता अभी तक नहीं चल सका है..
होटल के रेस्टोरेंट में अग्निकांड के वक्त चल रहा था ब्रेकफास्ट..
होटल में कई विदेशी ठहरे हुए थे.. इसके अलावा मैक्स अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन भी होटल में रुके थे..
अब जांच होगी होटल में 6 के बजाय 25 कमरे कैसे बने?? फायर की एनओसी थी या नहीं?? बेसमेंट कैसे बना??
लेकिन कार्रवाई भी होगी या नहीं!! दोष किसके माथे पर जाएगा?? वर्तमान सरकार के या पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार के!! ये देखना होगा??
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डॉ. विवेक सिंह (Senior Urologist-KGMU)की घटना: FIR, पुलिस की भूमिका और KGMU की चुप्पी पर गंभीर सवाल :
31 मई की शाम लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में KGMU के Urology विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक और प्रोफेसर डॉ. विवेक सिंह से जुड़ी घटना केवल एक road rage case नहीं है। यह डॉक्टरों की सुरक्षा, पुलिस की निष्पक्षता और संस्थागत जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दूसरे पक्ष की ओर से थाना आशियाना में FIR संख्या 0153/2026, दिनांक 01/06/2026 रात 00:15 बजे दर्ज हुई। इसमें BNS की धाराएँ 115(2), 191(2), 127(2), 281, 324(4), 309(4) और 351(3) लगाई गई हैं। इन धाराओं का सामान्य अर्थ है: चोट पहुँचाना, दंगा, अवैध रूप से रोकना, लापरवाह ड्राइविंग, नुकसान पहुँचाना, robbery और criminal intimidation।
FIR के narrative के अनुसार, शिकायतकर्ता पंडित वेंकटेश अपनी बहन को बाबासाहेब आंबेडकर यूनिवर्सिटी में परीक्षा दिलाने गए थे। आरोप है कि गेट नंबर 1 के पास वाहन संख्या UP32LW7754 ने उनकी कार UP32EJ9010 को टक्कर मारी, फिर गाली-गलौज, मारपीट, चेन छीनने, बहन से अभद्रता और बाद में काली Nexon से आए 5 लोगों द्वारा धमकी व गाड़ी क्षतिग्रस्त करने की बात कही गई।
वहीं, डॉ. विवेक सिंह के अनुसार, “घटना के तुरंत बाद मैं संबंधित पुलिस चौकी पहुँचा था। लेकिन चौकी इंचार्ज के पास अधिवक्ता पक्ष का फोन आने के बाद उन्होंने मेरी शिकायत/FIR लेने से मना कर दिया और मुझे आशियाना थाने जाने के लिए कहा। इसके बाद मेरे साथ कई लोग लिखित आवेदन लेकर आशियाना थाने पहुँचे, लेकिन वहाँ भी FIR दर्ज नहीं की गई। थाने पर कहा गया कि आवेदन की फोटो भेज दीजिए, मैं कार्रवाई कर दूँगा। परंतु काफी समय तक प्रतीक्षा करने और कई लोगों के बार-बार संपर्क करने के बावजूद मेरी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत, रात करीब 12 बजे आरोपी पक्ष की तरफ से मेरे खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।”
यहीं कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि दूसरे पक्ष की FIR रात 12:15 बजे दर्ज हो सकती है, वह भी उस समय जब डॉ. विवेक सिंह स्वयं घायल अवस्था में KGMU में इलाज करवा रहे थे, तो फिर घायल डॉक्टर और उनके परिवार की FIR दो दिन बाद भी क्यों नहीं लिखी जा रही? क्या इसलिए कि दूसरा पक्ष अधिवक्ता है और संगठित होकर थाने पहुँचा? क्या कानून व्यक्ति के पेशे, रसूख या भीड़ देखकर लागू होगा?
सबसे जरूरी सवाल यह भी है कि दूसरे पक्ष का मेडिकल हुआ या नहीं? यदि डॉ. विवेक सिंह का मेडिकल हो चुका है और वे घायल हैं, तो उनकी शिकायत दर्ज करने में पुलिस किस आधार पर बच रही है? पुलिस चाहे तो बाबासाहेब आंबेडकर यूनिवर्सिटी गेट नंबर 1, आसपास की सड़क, 112 कॉल रिकॉर्ड, अस्पताल रिकॉर्ड और CCTV footage निकालकर निष्पक्ष कार्रवाई कर सकती है। निष्पक्ष जांच selective नहीं होनी चाहिए।
कानून का सिद्धांत साफ है: cognizable offence की सूचना पर FIR दर्ज होना अधिकार है, एहसान नहीं। FIR दर्ज होने का मतलब किसी को दोषी ठहराना नहीं होता, बल्कि निष्पक्ष जांच की शुरुआत होती है।
KGMU प्रशासन और KGMU doctors’ association का रवैया भी चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि association यह कहकर दूरी बना रही है कि घटना campus के बाहर हुई है। लेकिन क्या कोई संस्था अपने ही senior faculty member पर हुए हमले को केवल इसलिए नजरअंदाज कर सकती है कि घटना campus boundary के बाहर हुई? क्या एक डॉक्टर की dignity और safety institution के gate के बाहर जाते ही अप्रासंगिक हो जाती है?
यह मामला केवल डॉ. विवेक सिंह का नहीं है। यह हर डॉक्टर की safety, dignity और justice का सवाल है। पुलिस को दोनों पक्षों की शिकायत लेकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। KGMU प्रशासन और doctors’ associations को तकनीकी बहानों के पीछे छिपना बंद कर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
डॉ. विवेक सिंह को न्याय मिले।
कानून सबके लिए बराबर केवल कागज पर नहीं, व्यवहार में भी दिखना चाहिए।
(अन्याय के खिलाफ खड़े हों। आवाज़ उठाएँ, इसे ज़्यादा से ज़्यादा साझा करें, और सच्चाई को हर मंच तक पहुँचाने में मदद करें।)
#JusticeForDrVivekSingh #StandWithDoctors #DoctorsSafety
#FairInvestigation #RegisterFIR #EqualJustice
#KGMU #LucknowPolice
@dgpup@myogiadityanath@Rajeevkrishna69
लखनऊ पुलिस काबिले-तारीफ काम कर रही है इसमें कोई शक नही!
लेकिन कुछ सामान्य जनहित के मसले पर मै लखनऊ पुलिस का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं!
ये वीडियो मुझे किसी ने कल रात भेजा है, जो विकास नगर लखनऊ का है, इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कैसे शाम होते ही शराब पीने वाले शराब की दुकानों के आस-पास खुलेआम शराब पीते हैं, जिनसे आस-पास का माहौल खराब होता है, आस-पास ज्यादातर डाक्टरों की क्लिनिक है, रिहायशी इलाका है जबकि वीडियो में ऐसा कुछ आपत्तिजनक या अराजकता जैसा कुछ नही है, फिर भी खुलेआम शराब पीने वालों का कोई ठिकाना नही कि कब उन पर नशा सवार हो जाए और वो कोई बदतमीजी कर बैठें!
ये वीडियो गुलाचीन मन्दिर के सामने बनी हुई मार्केट के पास शराब की दुकान के आसपास का है!
कृपया खुले में शराब सेवन पर पाबंदी लगाने की कृपा करें! @lkopolice
"सुक्खी लाला जैसे बेरहम सूदखोर से भी आगे निकल रहे हैं प्राइवेट स्कूल.. पंजाब में स्कूल की फीस के दबाव में 12वीं की छात्रा ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली.."
जालिम और बेरहम प्राइवेट स्कूलों की शिकार 17 वर्षीय छात्रा का नाम अमरजोत कौर था.. पंजाब के अमृतसर स्थित डिसिप्लिन डिसिपल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती थी..
स्कूल की फीस के 20,000 बकाया थे.. फीस जमा करने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था.. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि उसे कमरे में बुलाकर बेइज्जत किया गया.. क्लास के व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया.. इससे परेशान और अपमानित होकर छात्रा ने जहर खा लिया था..
मरने से पहले उसने एक बेहद संवेदनशील वीडियो भी बनाया है जो सोशल मीडिया पर वायरल है.. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल की जांच के आदेश दिए हैं लेकिन प्राइवेट स्कूलों की ये मनमानी कब तक चलेगी??
महंगी फीस के दबाव में कितने छात्र-छात्रा अपमानित होंगे!! कितनों की जान जाएगी!!
#Punjab #School #PrivateSchool #SchoolFees #Student #Suicide #Torture #MentalPressure
"हमारी सड़ी हुई न्यायिक व्यवस्था का ये वीडियो देखिए.."
ये बुजुर्ग 85 साल के हैं.. नाम है दीप राय.. बिहार के वैशाली के हैं..
सीधे खड़े नहीं हो सकते.. बिना सहारे के चल नहीं सकते..
सुना था कि कानून की देवी की आंखों में पट्टी बनी रहती है.. लेकिन बीते कुछ महीनों पहले ये पट्टी खुल गई थी.. उसके बाद लोगों को लगा था कि इंसाफ तराजू पर तौला जाएगा लेकिन बंद आंखों से नहीं!!
हालांकि, हालात बिल्कुल नहीं बदले.. परिस्थितियों वैसी ही हैं..
झुकी हुई कमर वाले बुजुर्ग को 34 साल पुराने मामले में जेल की सजा सुनाई गई है..
आपसी विवाद का मामला था.. पड़ोस के लोग झगड़ गए थे.. दीप राय और उनके साथियों ने मारपीट की.. गोली भी चलाई (जैसा कि पुलिस की चार्जशीट में लिखा गया है..)
दंपति घायल हुए थे.. इस मामले में ट्रायल हुआ.. 10 लोगों की गवाही हुई.. पांच लोग दोषी पाए गए थे.. चार स्वाभाविक मौत मर गए..
बचे एक बूढ़े दीप राय..
कोर्ट ने आज उन्हें सजा सुना दी.. जिंदगी के जितने भी दिन बाकी हैं, दीप राय इन्हीं परिस्थितियों में जेल में काटेंगे..
बलिहारी हो हमारे सिस्टम की!! हमारी अदालतों की!!
ये वही न्यायिक सिस्टम है जो रसूखदारों को कुछ महीनों की वृद्ध आश्रम की सेवा की सजा सुनाता है.. कभी कम्युनिटी सर्विसेज का पनिशमेंट देता है..
लेकिन यहां जीवन का अंतिम पड़ाव बिता रहे बुजुर्ग को जेल भेज दिया..
#Bihar #Vaishali #Court #Jail #Sentence #Punishment #OldMan
बच्चों को पता ही नहीं कि उनके हिस्से के राशन से किसका लालन-पालन हो रहा है?
ऐसी ख़बरें आबादी के 75 साल बाद भी आना हमारी नैतिक पतन की गाथा सुनाती है।
@meevkt शानदार रिपोर्टिंग, ऐसे ही जारी रहो।