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@Radhemahwa कितना बड़ा जाहिल है तू 😂😂
विमान को मारने के लिए उसमें रडार से सिगनल और मेटल डिटेक्टर सब वेरिफाई होता है ऐसे गुब्बारे पर हमला केवल पाकिस्तान आमी कर सकती है 😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂
आप सही में बताओ क्या जूनियर अकाउंटेंट भर्ती की कट ऑफ सही गई थी??
क्या पेपर इतना आसान था??
या मामला कुछ और ही हैं..
कमेंट में आप सब के सुझाव आमंत्रित हैं।।।
#असलम_चोपदार@rajrm01
ट्रंप के कॉमर्स मिनिस्टर को सुनिए
- भारत के पास 3 सप्ताह थे
- यह Trump की डील थी
- Trump ने 3 सप्ताह तक मोदी के कॉल का इंतजार किया
- PM मोदी ने कॉल नहीं की, इसलिए डील नहीं हो सकी
ये नया भारत है... ये भीख नहीं मांगता है
Trump के बौखलाने का कारण ये है
बाबूलाल कटारा का बयान पढ़ कर ऐसा लग रहा है कि पूरी RPSC में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा था।
पता नहीं कितने गरीब बच्चों का इन भेड़ियों ने हक मारा होगा?
किसी ने अपनी जमीन बेच कर, किसी ने जेवर गिरवी रख कर, तो किसी ने साहूकार से कर्ज ले कर पढ़ाई की होगी !
की वो अफसर बनेगा
वर्ष के पहले दिन की खबर सीकर से
रविकांत सिंह की पत्नी रजनी का अवैध संबंध शाहरुख खान से था फिर रजनी और शाहरुख खान ने मिलकर रविकांत सिंह की बड़ी बेदर्दी से हत्या कर दी
शाहरुख खान घर में अक्सर आता जाता रहता था रविकांत सिंह का दोस्त था
लो एक और अब्दुल के लिए पति को मरवा दिया
पति रविकांत को शाहरुख से मरवा दिया रजनी ने
बाबूलाल कटारा को किसने नियुक्ति दी इस पर सवाल उठेगा,
इसमें सुभाष गर्ग का नाम क्यों नहीं आया,,
मुकेश भाकर
लाडनूं विधायक
सरकार मै होते हुए भी तेज तर्रार युवा विधायक मुकेश भाकर ने बाबूलाल कटारा की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए थे,
@MukeshBhakar_@Rajsthanikaka
यह सौदा सस्ता ही था
मैं सोच रहा था RPSC सदस्य बनने के लिए बहुत बड़ी यानी करोड़ों की रकम खर्च होती होगी लेकिन महज 1.20 करोड़ रुपए में अगर इतनी प्रतिष्ठित संस्था का सदस्य कटारा जी बन गए तो यह बहुत ही सस्ता सौदा था।
इसका गणित यूं समझ लीजिए कि सिर्फ एक परीक्षा का पेपर छह लोगों को बेचते ही आपकी छह साल की शानदार नौकरी, आलीशान सरकारी कोठी, तमाम सरकारी सुविधाएं, लग्ज़री गाड़ी, ड्राइवर, सुरक्षा और जगह-जगह साफे, शाॅल, श्रीफल, माला से सम्मान और समाज गौरव, नर रत्न जैसे संबोधन का जुगाड़ हो रहा हो तो इससे ज्यादा सस्ता सौदा और क्या ही होगा?
और छह लोगों को पेपर बेचने से आई रकम चुकाने के बाद जितने भी लोगों को पेपर बेचो, उससे आई हुई पूरी रकम आपकी। ऊपर से पेपर बेचने की पूरी और खुली छूट हो तो कोई क्यों न यह मौज लूटे?
खबर पढ़कर हमें बिल्कुल भी चकित नहीं होना चाहिए। इस देश में बिकता सब कुछ है। जिसके हाथ में जो कुछ होता है, वह उसे बेच देता है और जिसके पास खरीदने की कला होती है वो खरीद लेता है। जहां चुनाव के टिकट बिकते हैं, मंत्री पद बिकते हैं, तमाम नौकरी के पेपर बिकते हैं, मलाईदार पोस्टिंग बोली लगकर बिकती है, विधायक कोटे की राशि पर कमीशन पहले मिलता है वहां सिर्फ RPSC ही पवित्र संस्था कैसे बनी रह सकती है?
कांग्रेस का एक जिलाध्यक्ष क्या पावर रखता है, यह भी समझने की बात है। कोई वेतन नहीं, कोई सुविधा नहीं, खर्चा घर से करना पड़ता है तो कोई ऐसे ही कैसे कर सकता है? तेल तो तिलों से ही निकलता आया है और तिलों से ही निकलेगा भाईसाहब। सीधी सी बात है।
सिर्फ एक सवाल है। जिलाध्यक्ष महोदय को कटारा जी ने 40 लाख रुपए ही क्यों दिए? डील तो 1.20 करोड़ की हुई थी? धोखाधड़ी का मामला तो खोड़ानिया जी की ओर से होना चाहिए था।
ख़ैर! जो भी हो।
खोड़ानिया जी के साथ न्याय होना चाहिए। उन्हें बाकी के 60 लाख रुपए मिलने चाहिए। वे खुद पिछले छह वर्षों से राज्यसभा के टिकट की दौड़ में हैं। अब फिर से राज्यसभा की एक सीट खाली हो रही है। रुपया चाहिए होता है। हो सकता है, उनके साथ इस बार फिर ऐन चुनाव के पहले कोई साजिश हो गई हो।
राम जाने।
@arvindchotia
राजस्थान के लाखो मेहनती बच्चो की जिंदा लाशे उठाने वाले दरिंदे जिन्होने पैसो की आड़ मे हर चीज की बोली लगाई 🥹
परीक्षा केद्र से ज्यादा दलाल केद्र थे,
लाखो बच्चो, अभिभावको का पढ़ाई से मन उठ गया,
प्रतिष्ठित RPSC को इन्होने
R - रिश्वत
P - प्रभाव
S - सौदा
C - कन्फर्म
आखिर मगरमच्छ कब ?
गहलोत सरकार में वो कौन सा नेता?
जिसे दो किश्तों में मिले 1.20 करोड़ रुपये—
कहीं इस खेल के मास्टरमाइंड स्वयं मुखिया ही तो नहीं?—
कटारा ने पूछताछ में 1.20 करोड़ की डील मानने की बात स्वीकार की है।—-
प्राइवेट प्लेन बनाम शाही जीवन-शैली—
रुतबा ऐसा कि साउथ कोरिया के किम जोंग-उन भी फीके पड़ जाएँ।”
@ashokgehlot51@BhajanlalBjp@narendramodi@AmitShah
कांग्रेस नेताओं ने पैसे लेकर RPSC सदस्य बनाये , फिर उन्ही के साथ मिलकर पेपरलीक कर राजस्थान के 70 लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया
यही लोग अब आपको गाहे बजाये नौटंकी करते मिल जाएँगे
क्या दिनेश खोड़निया के माध्यम से ED अशोक गहलोत तक पहुंचना चाहती है? सदस्यों की नियुक्ति मुख्यमंत्री करते है और पैसा कहां तक पहुंचा उसकी जांच जारी है। खोड़निया और गहलोत के रिश्ते राजनीति को समझने वाले अच्छे से जानते है।
@8PMnoCM@Viveksbarmeri@arvindchotia@1K_Nazar
पिछले 6 साल में मैंने सात बार ममता को लेटर लिखे है।
होम सेक्रेटरी ने तीन बार ख़ुद विजिट किया है।
पर TMC सरकार ने बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग नहीं लगने दी।
: अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
आधा राजस्थान तो गहलोत परिवार ने ही खोद डाला है…
सौ मीटर वाली परिभाषा तो गहलोत परिवार के लिए ही बनाई गई है….!!
सौ मीटर से ऊपर के पहाड़ अरावली के….!!
और सौ मीटर से नीचे के पहाड़ गहलोत परिवार के…!!
ये जादूगर का राजस्थान है प्रधान….
यहाँ जादू से पहाड़ियाँ भी ग़ायब होती है..
कांग्रेस के दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा भी सेव अरावली का झंडा लेकर निकल पड़े
लेकिन सीकरी के अरावली के पहाड़ियों में यह जो 25 साल से लगातार क्रशर चल रहा है यह दोसा के सांसद महोदय मुरारी लाल जी का ही है
और मजे की बात यह कि यह कांग्रेस के सांसद भी सेव अरावली सेव अरावली चिल्ला रहे हैं
गजब के दोगले लोग है भाई