#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
जीवित बाप के लठ्ठम लठ्ठा, मूवे गंग पहुचैया।
जब आवे आसोज का महीना, कौवा बाप बनईयां । जीवित बाप के साथ तो लड़ाई रखते हैं और उनके मरने के उपरांत उनके श्राद्ध निकालते हैं। परमात्मा कहते हैं रे भोली सी दुनिया सतगुरु बिन कैसे सरिया।
#shradh#astrologero
अवश्य #श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
जीवित बाप के लठ्ठम लठ्ठा, मूवे गंग पहुचैया।
जब आवे आसोज का महीना, कौवा बाप बनईयां । जीवित बाप के साथ तो लड़ाई रखते हैं और उनके मरने के उपरांत उनके श्राद्ध निकालते हैं। परमात्मा कहते हैं रे भोली सी दुनिया सतगुरु बिन कैसे सरिया।
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
It has been mentioned in Holy Gita Adhyay 16 Shlok 23-24 that those who abandoning the injunctions of scriptures follow arbitrary way of worship, they neither attain happiness, nor the supreme state, nor only any spiritual success (siddhi) which
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
विष्णु पुराण के तीसरे अंश में अध्याय 15 श्लोक 55-56 प्रश्न 153 पर लिखा है कि श्राद्ध के भोज में यदि एक योगी यानी शास्त्रोक्त साधक को भोजन करवाया जाए तो श्राद्ध में आए हजार ब्राह्मणों तथा यजमान के पूरे परिवार सहित तथा सर्व पितरों का उद्धार कर
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
♦️सूक्ष्मवेद (तत्वज्ञान) में तथा चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथवर्वेद) तथा इन चारों वेदों के सारांश गीता में स्पष्ट किया है कि आन-उपासना नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये शास्त्रों में वर्णित न होने से मनमाना आचरण है जो गीता अध्याय 16 श्लोक 2
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
Is it right to perform the Shradh Ceremony?
Answer- No. It is termed as a useless practice in Holy Vedas and Shrimad Bhagwat Gita chapter 9 Verse 25. Hence, it should not be performed by anyone...,
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
♦️ श्रीमद्भगवत गीता के अध्याय 9 का श्लोक 25 भी यही कहता है कि जो पितर पूजा (श्राद्ध आदि) करते हैं, वे मोक्ष प्राप्त नहीं कर पाते, वे यमलोक में पितरों को प्राप्त ��ोते हैं। जो भूत पूजा (अस्थियाँ उठाकर पुरोहित द्वारा पूजा कराकर गंगा में बहाना, तेरहवीं,
Today's #wednesdaythought
By true way of worship, one obtains a residential place in satlok (eternal home).
- JagatGuru Tatvadarshi Sant Rampal ji Maharaj .....��🙏🌷
#GodMorningWednesday
#श्राद्ध_क्यों_नहीं_करनाचाहिए
जीवित बाप के लठ्ठम लठ्ठा, मूवे गंग पहुचैया।
जब आवे आसोज का महीना, कौवा बाप बनईयां । जीवित बाप के सा�� तो लड़ाई रखते हैं और उनके मरने के उपरांत उनके श्राद्ध निकालते हैं। परमात्मा कहते हैं रे भोली सी दुनिया सतगुरु बिन कैसे सरिया।
#GodMorningWednesday
If one does shraadh then he can never get Salvation. So it's in the benefit of everyone to stay away from it. To know how the benefits of worship are obtained listen satsang of Saint Rampal Ji Maharaj.
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