खुशखबरी...पक्की होगी नौकरी!
राजस्थान में नियमित होंगे मनरेगा संविदाकर्मी, व्यावासिक शिक्षा प्रशिक्षक, 3967 लेखा सहायक , JTA व रोजगार सहायक होंगे नियमित
लोकतंत्र का जश्न होता है आंदोलन
इस जश्न का हिस्सा बनने आप सब आइए - कल सुबह फिर से माँगेंगे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
रात भर ये जश्न चलता रहेगा, कॉक्रोचेस धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा ले कर ही जाएँगे
हम कॉकरोच है हम कहीं भी लेट जाएँगे, आपने अब कोई चारा ही नहीं छोड़ा।
इस्तीफ़ा तो करवा के रहेंगे हम कॉक्रोचेस!
देश के युवा की आवाज सुनाई दे रही हैं? @narendramodi@AmitShah
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
माननीय मुख्यमंत्री जी, यह केवल खबर नहीं, बल्कि लाखों संविदाकर्मियों की पीड़ा है। वर्षों की सेवा के बाद भी सम्मानजनक वेतन और भविष्य की सुरक्षा नहीं है। कृपया स्थायीकरण पर शीघ्र निर्णय लें।@BJP4Rajasthan @DrkirodilalBJP
OBC का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर @GovindDotasra के रिश्तेदारों का घोटाला खोलने की सज़ा CM @BhajanlalBjp ने यह दी है कि बिटिया वाले सोशल मीडिया के जिस अकाउंट पर खुलासा किया, वह भारत 🇮🇳 में प्रतिबंधित करवा दिया है… अब इस X अकाउंट को भी बंद कराने के प्रयास जारी हैं…
पेपर लीक वाले मगरमच्छ 🐊 पकड़ेंगे…🤔
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया - दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे - जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
ये मौतें एक टूटी, भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं। और इसके ज़िम्मेदार हैं मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने छात्रों की रक्षा करने के बजाय, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, और भविष्य के सदागरों को संरक्षण दिया।
आज कोटा से हम वो लड़ाई शुरू करेंगे जिसका एक ही मक़सद है - किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी माँ-बाप को फिर कभी अपने बच्चे को इस तरह खोना न पड़े।
हर परिवार की यह पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में गूंजेगी।
#ChhatronKiGoonj
Abhinay Sir:
शिक्षा के लिए
- धर्मेंद्र प्रधान का बेटा USA में है
- निर्मला की बेटी USA में है
- सिंधिया का बेटा USA में है
- पीयूष गोयल का बेटा UK में है
जब उनके अपने बच्चे विदेशों में पढ़ते है, तो उन्हें हमारे शिक्षा सिस्टम की परवाह क्यों होगी?
किसी पेपर लीक का उन पर क्या असर पड़ेगा?