भाई सुनील वाल्मीकि जी को DCP रोहिणी, दिल्ली पुलिस के समक्ष ले जाकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई गई।
सुनील जी के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ न्याय की लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक हम पीछे नहीं हटेंगे।
@BhimArmyChief
, बार-बार काटने पड़ते हैं दफ्तर के चक्कर, 100 यूनिट मुक्त का रजिस्ट्रेशन होते हुए भी उनको नहीं मिल रही राहत, कुछ समय मिलने के बाद सेवाएं बंद कर दी गई मामला संज्ञान मले
के,नं,130172029352, फिलहाल, बहुत के,नं,के,दीकत हे, स्मार्ट मीटर,से
@AvvnlPro@RajCMO
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
मातेश्वरी गाड़ी ओर, राजधानी उदयपुर टू निंबाडा
उदयपुर sp साहब चितोड spसाहब, इनकी स्पीड 130 रहती है जिसे आए दिन दुर्घटनाएं होती है इन गाड़ियों के ड्राइवर और कंडक्टर नशा कर, गाड़ी चलाते, और घटना को एजाम देते आए दिन,, मामला संज्ञान मे,ले,@RajPoliceHelp@UdaipurPolice
@RajPoliceHelp@UdaipurPolice@RajCMO भिंडर पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद
भिंडर के आसपास की चोरी का खुलासा
लेकिन, अभी तक एक चोरी जो मीणा दरवाजे हुई मोहनी बाई की उसका खुलासा नहींहुआ
मामले को संज्ञान में ले परिवार डरा हुआ है
पुलिस पर विश्वास नहीं पूरा भरोसा है
भिंडर क्षेत्र में गत दो-तीन दिन में जितनी भी चोरीयां हुई, उनका खुलासा करे
और भिंडर के मीना दरवाजा स्थित मोहनी बाई मेघवाल, जिनके घर पर चोरी हुई करीबन 4,5 लाख, का सामान जर जेवर लूट कर ले गए चोर तत्काल इस मामले को संज्ञान में ले और खुलासा करें @RajPoliceHelp@UdaipurPolice@RajCMO
इस मामले को जल्द से जल्द संज्ञान में @ChghPolice@RajPoliceHelp चित्तौड़गढ़ थाना डूंगला यह मामला sc st act का है FIR देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता क्या यही कानून व्यवस्था है आपकी @RajCMO 9929535264 पीड़ित परिवार के कांटेक्ट नंब?
आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़े
डबल मडर का,खुलासा हो, उदयपुर, वल्लभ नगर
आरोपियों को बीच बाजार सरेआम, रैली निकालते हुए एक कड़ी से बड़ी सजा दे
@RoshanMegh76053@RajsamandPolice@UdaipurPolice
जंतर मंत्र पर बच्चों की हालत गंभीर हो रही भूख हड़ताल पर बैठे हुए बच्चों की
सरकार को मैं इतना कहना चाहता हूं कि उन बच्चों में से एक भी बच्चे को कुछ हुआ तो देश के हालात बिगड़ जाएंगे
@BhajanlalBjp@BhimArmyChief@DelhiPolice@CJP_for_India
जंतर मंतर पर जो शांतिपूर्ण जो आंदोलन चल रहा है उसमें तमाम नेता पहुंच चुके हैं लेकिन फिर भी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ लेकिन वहां पर सोनम जी और बहुत सारे बच्चे भूख हड़ताल पर बैठे हैं उनकी एक-एक करके तबीयत खराब हो रही है लेकिन यह अंधभक्त की सरकार में अभी तक कोई एक्शन ना
@alokrajRSSB और आलोक राज जी से निवेदन है कि आप डिवोर्स कैटिग्रेनशन लगने वाली महिला जो उनके कोटे से तो वह लग जाती है लेकिन फिर गलत उपयोग करके शादियां करती है तो यह सिस्टम सही नहीं असलियत उनको मिलना चाहिए वह जिंदगी भर बिना शादी उसे नौकरी के अनुसार जीए
@alokrajRSSB फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर लगने वाले जरा अलर्ट हो जाए आपका भविष्य खराब हो जाएगा
देश का सिस्टम खराब ना करें
असली दिव्यांगों का उनका हक मिलना चाहिए
फर्जी तरीके से बनाए गए सर्टिफिकेट पर गौर करें आलोक जी
लोकतंत्र एक बार फिर सवालों के घेरे में!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों द्वारा अस्पताल ले जाना और उनके साथियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।
देश में पहले भी वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही महिला पहलवानों के आंदोलनों के दौरान भी ऐसे घटनाक्रम देखने को मिले। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार लगातार सीमित होता जा रहा है?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करें।
#SonamWangchuk
@alokrajRSSB आलोक राज जी आपसे निवेदन है जो विधवा और डिवोर्स केटेगरी से लगने वाली महिलाएं हैं जो नौकरी लगने के बाद दूसरी शादियां करके लव इन रिलेशन में रहकर पूरे सिस्टम को भष्ठ कर रहे हैं, डाइवोर्स और विधवा का वास्तविक अर्थ उनका रोजगार मिलना होता है उनकी आज जीवन चलाना होता है