ग्रीष्मकालीन शिविर के दौरान राजकीय विद्यालय बामनवास और हेतमसर में विद्यार्थीयों ने प्रकृति के प्रति करुणा गतिविधि में प्रतिभागिता की, जिसने पेड़ों को गले लगाकर आभार व्यक्त किया। शिविर में वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और कचरा मुक्त समुदाय जैसी गतिविधियाँ भी शामिल थीं।
@PiramalFdn
@ParveenKaswan स्वास्थ्य की दृष्टि से देखे तो मिट्टी के घड़े में रखा पानी में ph वैल्यू सामान्य रहता है और पानी की स्वाद और खुशबू किसी भी महंगे फ्रिज के पानी का तुलना नहीं कर सकती। अर्थव्यवस्था की नजर से देखे- कई ग्रामीण इलाकों में आज भी लोगों की आजीविका मिट्टी के बर्तन बनाने पर निर्भर करती है।
भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा कमजोर जरूर हुई है, मरी नहीं है...
पद्म पुरस्कार ठुकरा चुके ये हैं आलोक सागर जी
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श्री आलोक सागर.... IIT दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में डिग्री, ह्यूस्टन से पीएचडी, टैक्सास से पोस्ट डाक्टरेट, पूर्व आर बी आई गवर्नर रघुराम राजन के प्रोफेसर.... विगत 32 वर्षों से किसी भी तरह के लालच को दरकिनार कर .... मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आदिवासियों के बीच रहते हुए उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक उत्थान और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.
निजी जीवन में दिल्ली में करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक श्री सागर की मां दिल्ली के मिरांडा हाउस में फिजिक्स की प्रोफेसर और पिता भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी थे, छोटा भाई आज भी आई आई टी में प्रोफेसर है।
सब कुछ त्याग कर आदिवासियों के उत्थान के लिये समर्पित, आदिवासियों के साथ सादगी भरा जीवन जी रहे हैं... रहने को घांस-फूस की एक झोपड़ी, पहनने को तीन कुर्ते, आवागमन के लिए एक साइकिल- ताकि प्रकृति को नुकसान न हो.
कई भाषाओं के जानकार श्री सागर आदिवासियों से उन्हीं की भाषा में संवाद करते हैं ... उनको पढ़ना लिखना सिखाने के साथ-साथ आसपास के जंगलों में उनसे लाखों फलदार पौधौं का रोपण करवा चुके हैं ...फलदार पौधौं का रोपण करवाकर आदिवासियों में गरीबी से लड़ने की उम्मीद जगा रहे हैं... साइकिल से आते जाते बीज इकट्ठा कर आदिवासियों को बोने के लिए देते हैं.
~ शिवेंद्र श्रीवास्तव
पढ़ाई के साथ कमाई भी, धनबाद के SSLNT महिला महाविद्यालय के सामने छात्रा ने चाय दुकान लगाकर शुरू किया स्टार्टअप। सरकारी नौकरी नहीं लगने के बाद आत्मनिर्भर बनने के चाह में आया चाय की दुकान लगाने का ख्याल। https://t.co/ZQ3g0UTFvz
#dhanbad#news#startups#YouthInTheShade#tea
जिंदगी बचाने की जद्दोजहद,हाथ से मिट्टी खोदकर पानी पीने को मजबूर ग्रामीण।पानी की समस्या का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए गांव के लोग दिन ही नहीं,रात में भी जागकर पानी इकट्ठा करते हैं।
झारखंड के धनबाद जिले के कतरास क्षेत्र के धर्माबांध के नीचे देवघरा बस्ती में ग्रामीण रात को भी जागकर पानी ढोने का काम करते हैं।ढाई हजार आबादी वाले गांव में लोग एक कुएं पर निर्भर हैं।
पीने का पानी के लिए बस्ती की महिलाएं,पुरुष, बच्चे तीन किलोमीटर दूर जंगल-झाड़ियों के बीच से रास्ता बनाते हुए ऊंची-नीची पगडंडियों को पार कर एक बहते हुए नाले के पास पहुंचते हैं।फिर यहां बने दो चुआं से बर्तन में एक-एक कर पीने का पानी निकालते हैं।
#Jharkhand
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर #धनबाद में निकाली गई भव्य शोभायात्रा। गाजे बाजे के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल। विभिन्न लोक संस्कृति का किया गया प्रदर्शन।
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Fresh FIR in Dhanbad ‘banned meat’ case details how locals wanted mob justice to prevail: aggressive locals attacked police, fractured a skull, overturned three police vehicles & tried to recapture the accused. And then Dhanbad DC termed it 'Nok Jhonk'.
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जंगल खोद कर अधिक से अधिक कोयला ले जाने की हवस ऐसी है कि नियम क़ानून को ताक पर रख कर मालगाड़ी के डिब्बे को कई फ़ीट ऊपर तक भर दिया जा रहा है.
कोयले की इस डकैती में रेलवे प्लेटफ़ार्म के शेड तक टकरा के टूट रहे हैं.
लेकिन मजाल है कि सत्ता या विपक्ष का कोई नेता इस पर चूँ-चाँ भी करे.
स्वार्थी ना बने, अपने घर आँगन बालकनी मुँडेर या छत पर सिर्फ़ थाली बजाने हेतु ही ना खड़े होइए बल्कि इस जगह का इस्तेमाल कर किसी जीव को सुकून देने में भी हिस्सेदार बनिये।
इंसान सच्चे मायने में इंसान तभी बनता है जब वो किसी निरीह प्राणी की मदद करता है!
जय हिंद
#LaddooMovement
सिमडेगा जिला के सेमार कुदार गांव की रहने वाली एक बच्ची को 5 महीने पहले गुड़गांव दाई का काम के लिए ले जाया गया।बच्ची का आरोप है कि मालिक मनीष खट्टर और घर वालों ने उसे क्रूरता से प्रताड़ित किया और उसका शारीरिक शोषण किया। बच्ची का रेस्क्यू कर लिया गया है। @HemantSorenJMM