“एक राजा था। उसके चाटुकारों ने उसको कह दिया था कि वह महान है। एक दिन किसी ने उसको आईना दिखा दिया। इसके बाद राजा ने ऐलान कर दिया, “जो आईना दिखाए वह दुश्मन है। जो सवाल पूछे है वो ग़द्दार है।
ऐसा ही एक राजा हमारे देश में भी है”
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
जब विपक्ष में थे तो गौ माता को कानूनी दर्जा दिलाने की बात कर रहे थे अब कह रहे गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की कोई जरूरत नहीं है
गाय पर राजनीति करना कोई योगी आदित्यनाथ से सीखे
पटना में KHAN सर की कोचिंग "ग्लोबल स्टडीज" पर हमला हुआ!
गार्ड से मारपीट की गई, पथराव किया, पोस्टर फाड़े गए!
खान सर के कोचिंग के स्टूडेंट्स खान सर के समर्थन में सड़क पर उतर आए है!
ये वो गरीब बच्चे है, जिनकी ज़िंदगी खान सर संवार रहे है!
कोचिंग तोड़- ताड़ दिया, गार्ड को लहूलुहान कर दिया... '
Patna में Khan Sir के कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग हुई
ज़िंदा हो तो RT ठोको, ख़ान सर का Support करो 🔥✊
डीके शिवकुमार के पास भी आसान रास्ता था।
BJP जॉइन करते,
ED-CBI के केस शांत हो जाते,
दौलत और सत्ता दोनों बढ़ जातीं।
लेकिन उन्होंने राहुल गांधी का साथ नहीं छोड़ा।
जेल मंजूर की,
समझौता नहीं किया।
आज वही नेता कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। 🔥
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
Thank you, Rahul ji, for your concern and constant support. We stand united and resolute in our fight to protect the soul of India, defend its democratic institutions and uphold the values enshrined in our Constitution.
Last year, I travelled across five countries representing India as part of the all-party delegation for Operation Sindoor. I defended my country and stood united against terrorism.
Today, I stand as a victim of political violence and state sponsored terrorism unleashed by those who claim to be the guardians of nationalism.
This is the reality of today’s BJP. If you support them, you are a patriot. If you question them, you become a target. If you stand with them, you are celebrated. If you stand against them, they try to silence you.
I would rather face intimidation while defending democracy than enjoy comfort by surrendering my principles.
Power is temporary. The will of the people is permanent. I will bow only before the people, never before the people in power.
We will continue our fight against those who seek to weaken democracy and divide our nation. INDIA STANDS UNITED and together, we will ensure that the politics of fear, hatred, violence and intimidation is defeated, and that the voice of the people prevails.
NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दावे "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
जो लोग आज सरकार के सबसे बड़े समर्थक बने हैं, थोड़ा याद करेंगे तो वही आपको 2014 के पहले कांग्रेस के सबसे बड़े समर्थक मिलेंगे।
उनका सिद्धांत सत्ता की चापलूसी है, कुर्सी की पूजा।
FIR हो, न्याय हो!
लखनऊ में महिला दरोगा के साथ हुए कुकर्म की FIR नहीं लिखे जाने से सबसे अधिक शर्मिंदा भाजपा की वो महिलाएं हैं, जो ‘महिला आरक्षण’ के नाम पर प्रदर्शन कर रही थीं।
घोर निंदनीय!
NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।
उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।
उनका एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है।
और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है।
टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा। छात्रों, शिक्षकों और Experts के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी।
हम और बच्चे नहीं खो सकते। और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते।