अमित शाह का वीडियो दिखाते हुए राहुल ने कहा कि यह 30 साल 50 साल तक सरकार में रहने की बात करते हैं।
मोदी का वीडियो दिखाया कि यह 400 पार की बात करते हैं।
मैं राजनीतिक परिवार से आता हूं। 50 साल से राजनीति देख रहा हूं।
इन्दिरा जी हारीं। पाकिस्तान को हराने के बाद।
वाजपेयी हारे।
लेकिन मोदी शाह कहते हैं हम हारेंगे ही नहीं।
क्यों?
इसका जवाब दो चुनाव आयुक्तों ने दे दिया।
वोट चोरी।
इन्दिरा गांधी ने बांग्ला देश बनवाया।
पाकिस्तानी को हराया।
���गर उसके बाद 77 का चुनाव हार गईं।
लेकिन मोदी और शाह कहते हैं 50 साल तक रहेंगे!
कैसै?
जवाब मिल गया।
वोट चोरी।
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आ���ुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
जो भी आए स्वागत है!
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मिलने आए।
स्थापित परंपरा है की विदेश से आए हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं।
मगर अब यह सरकार उन्हें रोकती है।
राहुल गांधी ने पिछले दिनों यह आरोप ल��ाए थे।
देश की जनता से भी, छात्र युवाओं से भी, नेता प्रतिपक्ष से भी सबसे यह डर क्यों?
यही खासियत है चिराग पासवान की ।
स्पष्ट-बिना किंतु परंतु के अपनी बात रखी।
चिराग पासवान लंबी राजनीति के खिलाड़ी हैं। इसीलिए वह नई पीढ़ी में भी लोकप्रिय है!
ये मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं है बल्कि हमारे समाज का अपमान है इसलिए जिन लोगों ने इस प्रकार का शुद्धिकरण किया, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
- रामदास अठावले,केंद्रीय मंत्री
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
एक और जरूरी बात।
राहुल को सवर्ण विरोधी की तरह पेश मत कीजिए।
दलित ओबीसी महिलाओं का इशू उठाने का मतलब यह नहीं है कि वह दूसरे वर्गों के खिलाफ हैं।
यह अन्याय का शिकार हुआ है इसलिए राहुल का उनके प्रति व्यवहार अतिरिक्त समर्थन संवेदना का है।
लेकिन राहुल कई बार साफ कह चुके हैं कि सामान्य वर्ग के ��रीब कमजोर लोगों के प्रति भी उनका उतना ही समर्थन है।
मतलब कोई किसी भी तरह पीड़ित हो राहुल उसके साथ खड़े हैं।
कुछ लोग अतिरिक्त उत्साह में राहुल को सवर्ण विरोधी के तरह पेश कर देते हैं।
यह बीजेपी आरएसएस को सूट करता है।
कृपया ध्यान रखें एक राजनीतिक नेता कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी का जिसने सबको साथ लेकर आजादी के आंदोलन का नेतृत्व किया हो और उसके बाद इसी तरह सबको साथ लेकर देश को बनाया हो किसी के खिलाफ कभी नहीं हो सकता।
राहुल ने पुणे के लड़कियों के सम्मेलन में भी और आज दिल��ली की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी साफ कहा की महिला दलित के खिलाफ अत्याचार करने वाले आरएसएस बीजेपी के लोग हैं।
राहुल की लड़ाई इसी दक्षिणपंथी प्रतिगामी विचारधारा से है समाज के किसी वर्ग के खिलाफ नहीं।
एक दलित व्यक्ति जितना सफल होता है, BJP-RSS के लोग उस पर उतनी ही ताकत के साथ आक्रमण करते हैं। देश में हर दिन करोड़ों लोगों के साथ ये भेदभाव होता है।
⦿ राजस्थान कांग्रेस के CLP टीकाराम जूली जी मंदिर जाते हैं, BJP के नेता शुद्धिकरण करते हैं।
⦿ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी ह���्द्वानी के रामलीला मैदान भाषण देने जाते हैं, वहां शुद्धिकरण होता है।
⦿ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जी मंदिर जाते हैं, तो वहां भी शुद्धिकरण होता है।
ये BJP-RSS के लोग करते हैं, जो हिंदुस्तान के संविधान के अनुसार अपराध है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के स���विधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
राहुल ने अपनी बात शुरू करने से पहले राजेंद्र पाल गौतम उत्तर प्रदेश के कांग्रेस इंचार्ज को मंच पर बुलाया और उन्होंने कहा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का दलित होने के कारण जिस तरह उत्तराखंड में अपमान हुआ है वह बीजेपी की सोची समझी नीति है।
देशभर में दलितों के साथ ऐसा ही हो रहा है।
लगभग साढ़े सात घंटे बीत जाने के बाद और गृह मंत्री अमित शाह से अनुमति मिलने के बाद FIR दर्ज हुई। ये हालात तब बने, जब नेता प्रतिपक्ष @RahulGandhi जी ने साहिल और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाया और धरने पर बैठे।
साहिल के शरीर और आंख में छर्रे लगे हैं। एक आंख की रोशनी चली गई है। ऐसे मामले में साहिल और उसके परिवार की शिकायत को तुरंत दर्ज किया जाना चाहिए था। आज भारी दबाव में अनुमति मिली और FIR दर्ज हुई — यह सिस��टम की संवेदनहीनता है और गंभीर सवाल खड़े करती है।
राहुल जी ने बिल्कुल सही सवाल उठाया है—अगर राजधानी के बीचों-बीच FIR दर्ज कराने में इतना समय लगता है, तो गांवों और छोटे शहरों में आम नागरिक की स्थिति क्या होगी?
यह पहला कदम है। साहिल और छात्रों को जवाब मिलना चाहिए कि उन पर हुई इस बर्बरता के पीछे किसका हाथ था और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
@kcvenugopalmp @priyankagandhi @INCIndia
पत्रकार : महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ एक कंट्रोल माहौल में हो रही थी। आप क्या कहेंगी?
Gen-Z लड़की : यह बिल्कुल गलत है। हमें किसी ने फोन करके नहीं बुलाया था।
हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं। राहुल गांधी से क्या सवाल पूछने हैं, यह भी हमें पहले से नहीं बताया गया था।
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
जिस मुद्दे पर देश के किसी नेता ने आज तक बात करने की हिम्मत नहीं की राहुल ने आज उसी विषय पर क्रांति कर दी।
नेता महिला समानता तक पर बात करने से बचते हैं।
वहीं राहुल ने सीधे पितृसत्तात्मक समाज ( Patriarchy ) को चुनौती दे दी।
आज का द���न भारतीय राजनीति के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में लिखा जाएगा।
जब एक नेता ने वोट के लिए नहीं इस समाज को बदलने के लिए, उसकी आधी आबादी महिलाओं को सारे बंधनों से मुक्त करने के लिए आवाज उठाई हो।
महिला मुद्दा आज एक नई ऊंचाइयां तक पहुंच गया।
मोदी जी की समझ की परिधि से बाहर का हो गया।