देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
Election Commission of India must stop protecting Vote Chors.
They should release all incriminating evidence to Karnataka CID within 1 week.
#VoteChoriFactory
Content creator @MukeshMohannn catches Ethanol scammer Gadkari red handed.
Gadkari spent crores on social media influencers to defend fraud charges against him & his sons.
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
यहाँ इसलिए शेयर कर रहे हैं ताकि चुनाव आयोग की MISLEADING वाली स्याही ख़र्च हो सके। आयोग को पता होना चाहिए कि उसके ठप्पे पर कोई यक़ीन नहीं करता क्योंकि उसके प्रति लोगों का भरोसा कम हो गया है। EC भारत का नया ED न बने तो बेहतर है। इसी तरह ED ने जब विपक्ष पर हमला किया तो लोगों को लगा कि भ्रष्टाचार से लड़ाई हो रही है लेकिन इसके नाम पर विपक्ष को डरा दिया गया। ज़्यादा नहीं पाँच छह साल के भीतर ही कोर्ट में ED का खेल खुल गया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस इसे CROOK कह रहे हैं। अतः भारत के नए ED को यानी EC को समझना चाहिए कि जनता वोटर लिस्ट के खेल को समझ गई है। उसे वोटर लिस्ट की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी, पाँच बजे के बाद का वोटिंग का वीडियो सौंप देना चाहिए। चुनाव आयोग को शपथ पत्र देना चाहिए कि हमारे बनाए लिस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं है। अगर एक भी ग़लती निकली तो वह अपने अधिकारियों को जेल भेजेगा। आयोग अगर यह कहता तो लोग शपथ पत्र पर लिख कर देते कि हमें आयोग पर भरोसा है। वरना पाँच रुपये के शपथ पत्र पर लोग ठीक इसका उल्टा लिख कर देने लग जाएंगे। हमें नहीं पता कौन अधिकारी रिटायर होकर रिलायंस की नौकरी करने वाला है या बीजेपी से चुनाव लड़ने वाला है। इसलिए आयोग को संदेहों से ऊपर होना चाहिए। शपथ पत्र दिखा कर जनता को भटकाने का प्रयास बंद होना चाहिए।