राहुल ने जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए ज़ुल्म के मुद्दे पर पारा बढ़ाया! PM निवास स्थान के बाहर इस्तीफा दो के नारों के साथ प्रदर्शन! उम्मीद कीजिए आज शाम तक गोदी मीडिया इसे देश के साथ गद्दारी और पाकिस्तानी लिंक बता देगी!
“जल्दी निकल जाओ, वरना कपड़े फाड़कर तुम्हें नंगा भगाएंगे”
एक रोती हुई लड़की ने बताया कैसे कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे और मां-बहन की भद्दी गालियां देकर मार रहे थे
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वालों की असलियत
इस्तीफा दो... इस्तीफा दो ✊
कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi के साथ कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने छात्रों पर की गई बर्बरता और जुल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा।
📍 दिल्ली
भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए। पहले NEET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और Re-NEET में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं?
संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों युवाओं की बात सुननी चाहिए, उन्हें जवाब देना चाहिए।
ये लोग कौन हैं ? इनकी क्या पहचान है? पुलिस की किस शाखा के हैं जो लाठी लेकर बैठे हैं। पुलिस कवर करने वाले पत्रकारों को पता होगा बस उनके संपादक छापने की हिम्मत कर पाएँ । उम्मीद है दिल्ली पुलिस जवाब देगी।
जब बच्चे तक न उठा सकते आवाज़
तो कैसे कहें कि ये वतन है आज़ाद?
आज भाजपा के कट्टर समर्थक भी शर्मिंदा हैं और पश्चाताप और प्रायश्चित की आग में जल रहे हैं, उनका भी तो परिवार है और परिवार में बच्चे भी हैं, और उन बच्चों का भी वर्तमान और भविष्य है।
अब कोई भाजपा से भविष्य की क्या उम्मीद करे, जब वर्तमान में ही जनता भाजपा से पूरी तरह नाउम्मीद हो गई है।
आज हर उम्र के लाखों लोगों ने बेख़ौफ़ होकर जिस तरह भाजपा के विरोध में एकजुटता दिखाई है, सच तो ये है कि उस जन-आक्रोश को देखकर भाजपाई और उनके संगी-साथी बेहद डर गये हैं। ये वो आम जनता है जिसे सरकार की किसी भी एजेंसी का भय नहीं है।
भाजपा ख़त्म!
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
नेता विपक्ष ने विपक्ष का धर्म निभाया है ।
राहुल गांधी जी और उनके तमाम साथी प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे हैं ।जब युवा सड़क पर हों, तो विपक्ष का स्थान भी सड़क पर ही होता है। संसद का रास्ता सड़क से होकर जाता है। अब जवाबदेही टाली नहीं जा सकती।
अगर आप दिल्ली में हैं, तो अभी प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग के बाहर पहुँचिए। यही समय है।
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
अमित शाह को यूं ही नहीं राजनीति का चाणक्य कहा जाता है ,अमित शाह भाँप गए थे ।
कि सोनम वांगचुक को जिस तरह से राजनीतिक और जनसमर्थन मिल रहा है,उससे सरकार की छवि तानाशाही के रूप में पेश हो रही हैं।
धीरे से दिल्ली पुलिस के कमीश्नर सतीश गोलचा को हटाकर अनुराग कुमार को दिल्ली का कमिश्नर बना दिया।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने पद संभालते ही तुरंत कार्यवाही करते हुए,सोनम वांगचुक का आंदोलन खत्म करा दिया।
सोनम वांगचुक को सफदरजंग हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया गया है,जहां उनका इलाज जारी है।
लेकिन अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर लाठी चार्ज का आरोप लगाया है, जंतर मंतर का आंदोलन कुछ मिनटो में खत्म कर दिया गया ।
पिछले 10 साल में कुल 152 पेपर लीक हुए हैं यानी हर महीने एक पेपर लीक। इससे 7.5 करोड़ छात्रों को नुकसान हुआ है। लेकिन एक भी व्यक्ति को सजा नहीं हुई। ये देश युवाओं, उनके माता-पिता, उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष का अपमान है।
~ राहुल गांधी जी, नेता विपक्ष
#ChhatronKiGoonj
शर्मनाक है। वन रैंक वन पेंशन की माँग को लेकर महीनों धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। महिला कुश्ती खिलाड़ियों के धरने को भी इसी तरह हटाया गया। और अब ये।
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।
#SonamWangchuk
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
‘अमृतकाल’ की नयी एजुकेशन पॉलिसीः
Exam से पहले ‘परीक्षा पर चर्चा’
Exam के वक्त ‘No पर्चा, No चर्चा’
Exam के बाद अंधकार में भविष्य
जो #CUET के छात्रों के साथ हो रहा है, वो आज देश के हर युवा की कहानी है।
4 लोगों की तानाशाही देश को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
UGC के नए ड्राफ्ट में उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग को मिलने वाले आरक्षण को ख़त्म करने की साजिश हो रही है।
आज 45 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में लगभग 7,000 आरक्षित पदों में से 3,000 रिक्त हैं, और जिनमें सिर्फ 7.1% दलित, 1.6% आदिवासी और 4.5% पिछड़े वर्ग के Professor हैं।
आरक्षण की समीक्षा तक की बात कर चुकी BJP-RSS अब ऐसे उच्च शिक्षा संस्थानों में से वंचित वर्ग के हिस्से की नौकरियां छीनना चाहती है।
यह सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले नायकों के सपनों की हत्या और वंचित वर्गों की भागीदारी ख़त्म करने का प्रयास है।
यही ‘सांकेतिक राजनीति’ और ‘वास्तविक न्याय’ के बीच का फर्क है और यही है भाजपा का चरित्र।
कांग्रेस ये कभी होने नहीं देगी - हम सामाजिक न्याय के लिए लड़ते रहेंगे और इन रिक्त पदों की पूर्ति आरक्षित वर्गों के योग्य उम्मीदवारों से ही कराएंगे।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार जी और उनके सहयात्रियों की आज हवाई जहाज दुर्घटना में निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
इस शोक के पल में महाराष्ट्र की जनता के साथ हूं। समस्त पवार परिवार और प्रियजनों को इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।