किसी भी राजनीतिक दल के नेता को ये अधिकार प्राप्त नहीं है कि वह हमारे देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था पर अशोभनीय टिप्पणी करे और न ही ऐसा कोई अधिकार हमरे देश के संविधान में ही दिया गया है.
किसी भी राजनीतिक दल के नेता को ये अधिकार प्राप्त नहीं है कि वह हमारे देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था पर अशोभनीय टिप्पणी करे और न ही ऐसा कोई अधिकार हमरे देश के संविधान में ही दिया गया है.