एक जाहिल जाहिल आदमी की पूरी Home Time line S@x और Oyo की कहानियों से भरी हुई है।
आंखों का पानी मर गया या शर्म, हया नीलाम कर दी ,इतना कैसे गिर लेते हो ?
Pay Out के लिए झूठी और ख्याली कहानी बनाकर X पर पोस्ट कर देते हो ।
लेकिन अब इनकी दुकान और फर्जी कहानियां बंद होने वाली है ,क्योंकि X ने Original Content Reward Program लॉन्च किया है।
आने वाले समय में इनकी ,अश्लील दुकान बंद होने वाली है ,लेकिन एक कहावत है।
अब जमीन और कमीन के रेट बढ़ रहे हैं ,तो ये कमीनें सुधरने वाले नहीं हैं।
भारतीय रेलवे के सेकंड क्लास कोच पर “दीन दयालु” लिखा देखकर एक सवाल मन में आता है।
यह कोच मुख्य रूप से आम यात्रियों के लिए होता है।
इसमें ऐसे बहुत से लोग सफर करते हैं जो AC या महंगी श्रेणियों का किराया नहीं दे सकते।
तो सवाल यह है कि ऐसे कोच पर “दीन दयालु” लिखना क्या गरीब और सामान्य यात्रियों को अलग वर्ग के रूप में दिखाता है?
क्या इससे उन्हें ऐसा महसूस हो सकता है कि उन्हें उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर पहचाना जा रहा है?
हालांकि, दीन दयालु शब्द का एक सकारात्मक अर्थ भी है
गरीब और जरूरतमंद लोगों के प्रति दया और करुणा रखने वाला।
इसलिए इसे सीधे तौर पर अपमानजनक कहना भी सही नहीं होगा।
लेकिन सवाल फिर भी यही है कि सार्वजनिक परिवहन का नाम ऐसा क्यों न हो जो यात्रियों की सुविधा और गरिमा को दर्शाए, न कि उनकी आर्थिक स्थिति से जुड़ा हुआ लगे?
और हाँ, इस नाम के पीछे एक महत्वपूर्ण वजह है।
यह नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय के सम्मान में रखा गया है।
इसलिए नाम देखकर निष्कर्ष निकालने से पहले उसके पीछे की पूरी जानकारी जानना भी जरूरी है।
@sunil112255@sharppurni16w Mat sun na lori kisi ki 😭
शुरू में तो लड़कियां मूतते मूतते भी मेसेज करेंगी
एंड में तुम्हारे career पर भी मूत कर चली जाएंगी 😭