मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO
मत छेड़ उस तूफान को जो अन्याय के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है।
हनुमान की सेना खामोश जरूर रहती है।
लेकिन जब बोलती है तो सत्ता की नींव हिल जाती है।
#राजस्थान_का_CM_मुर्खाधिराज
नरेंद्र मोदी जी राजस्थान में आपका स्वागत है लेकिन आपकी पर्ची से बने अक्षम और नाकाबिल नेतृत्व ने राजस्थान को असुरक्षित कर दिया है।
कृपया राजस्थान को प्रयोगशाला न बनाएं और
मासूम बच्चियों, किसानों व बेरोजगारों को Experimental Subject न बनाएं।
#मोदी_पर्ची_वापिस_लो
आज देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र @DainikBhaskar में विधायकों द्वारा विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने का मामला उजागर होना गंभीर प्रकरण है | विधायकों का यह कृत्य संघीय और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रहार है,एक तरफ देश के प्रधानमंत्री श्री @narendramodi कहते है कि "न खाऊंगा और न खाने दूंगा" मगर दूसरी तरफ ऐसे मामले का सामने आना पीएम की मंशा पर बड़ा सवालिया निशान है | राजस्थान की जनता राज्य के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से इस मामले में अपेक्षा कर रही है कि ऐसे विधायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाके प्रभावी कानूनी कार्यवाही सरकार करेगी वहीं राजस्थान विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री @VasudevDevnani जी से भी जनता यह अपेक्षा कर रही है कि अध्यक्ष जी ऐसे भ्रष्टाचारी विधायकों की सदस्यता रद्द करेंगे क्योंकि यदि जनता के चुने हुए जन - प्रतिनिधि इस तरह सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार करेंगे और उनके खिलाफ कड़ा एक्शन नहीं होगा तो लोकतंत्र की जड़े कमजोर हो जाएगी |
मैं @BJP4India के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @JPNadda और @INCIndia के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @kharge को कहना चाहता हूं कि इस मामले में आप अपनी पार्टियो के विधायकों को पार्टी से बर्खास्त करें ताकि लोकतंत्र में राजनैतिक दलों की व्यवस्था पर भी जनता का भरोसा कायम रहे |
@AmitShah@RahulGandhi
प्रदेश के जवान किसान की मज़बूत आवाज़ श्री मुकेश भाकर जी को जन्मदिवस की ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं।
वीर तेजाज़ी महाराज का आशीर्वाद सदैव बना रहे।
@MukeshBhakar_
राजस्थान की इस मिट्टी ने हमें हिम्मत दी है, हमें अपने हक़ के लिए लड़ना सिखाया है और यह एहसास दिलाया है कि जब जनता एकजुट होती है तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। आज वही समय फिर लौट आया है जब हमें अपने अधिकार, अपने स्वाभिमान और अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एक बार फिर खड़ा होना है।
29 अक्टूबर को बीकानेर की धरती उस दिन के रूप में याद की जाएगी जब हर किसान, हर जवान और हर आम इंसान अपने दिल की बात कहने के लिए घरों से निकलेगा — बिना डर, बिना लालच, सिर्फ़ सच्चाई और आत्मसम्मान के साथ। यह रैली सिर्फ़ नारों या झंडों का मेला नहीं है, यह उन अनसुनी पुकारों की आवाज़ है जो सालों से भीतर दबा दी गईं। यह उन किसानों की व्यथा है जिनका पसीना मिट्टी में मिल गया लेकिन मेहनत का मोल नहीं मिला, यह उन युवाओं का हक है जो बेरोज़गारी के अंधेरे में उम्मीद तलाश रहे हैं, और यह उन परिवारों की आहट है जो अब भी विश्वास करते हैं कि राजनीति जनता के लिए होनी चाहिए, न कि सत्ता के लिए।
जब सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों ने जनता की आवाज़ को कुचलने की कोशिश की, जब सच्चाई बोलने वालों को अकेला छोड़ दिया गया, तब भी एक नाम था जो आपके साथ खड़ा रहा — हनुमान बेनीवाल। आज वही नाम, वही सच्चाई, वही जज़्बा फिर से आपको पुकार रहा है — “उठो, अब चुप रहना गुनाह है।” 29 अक्टूबर को बीकानेर में जब लाखों लोग एक साथ खड़े होंगे, तब वह दृश्य सिर्फ़ भीड़ नहीं होगा, वह जनता की ताकत का प्रतीक होगा, वह राजस्थान के स्वाभिमान की हुंकार होगी। उस दिन यह धरती गवाह बनेगी कि किसान झुकता नहीं, जवान रुकता नहीं और जनता कभी हार नहीं मानती।
आओ भाइयों और बहनों, अब अपने गाँवों, खेतों और गलियों से निकलो। यह समय इतिहास रचने का है। यह वह पल है जब हमें अपनी मिट्टी, अपने प्रदेश और अपने आत्मसम्मान के प्रति कर्ज चुकाना है। अपने कदम बीकानेर की ओर बढ़ाओ क्योंकि इस रैली में जो आवाज़ उठेगी, वही आने वाले कल की राजनीति की दिशा तय करेगी। जब जनता सड़कों पर उतरती है तो परिवर्तन की लहरें महलों की दीवारें तोड़ देती हैं। अब वह लहर उठ चुकी है, अब राजस्थान बोलेगा — सच्चाई के साथ, बेख़ौफ़ होकर, अपने नेता हनुमान बेनीवाल के साथ। बीकानेर आइए, अपने दिल की आग लेकर आइए और इस धरती को उस जुनून से भर दीजिए कि आने वाली पीढ़ियाँ याद रखें — “कभी एक दिन राजस्थान के लोग उठ खड़े हुए थे और फिर इस मिट्टी ने इतिहास बदल दिया था।