@rajnathsingh साहब, राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 07 Dec 2022 को पूर्व सैनिकों की पुनर्वास योजना को जातिगत आधार पर बांट दिया जिससे हमारे सीट बहुत कम आ रहीं हैं.
भाजपा ने वादा किया था कि पुनर्वास योजना को वापस ठीक करेंगे लेकिन अब तक नहीं किया है...
@BhajanlalBjp@Ra_THORe@Bhupesh
@alokआलोक राज जी Ex Service Man के नियम सरकार ने स्पष्ट कर रखे हैं फिर उनमें बार बार अनियमितता क्यों होती है आपको एक बात और याद दिला दूं एक ही परीक्षा से दो भर्ती हुई JRA/TRA इनमें TRA को पोस्टिंग में वरीयता दी गई लेकिन JRA में नहीं ऐसा क्यों?
@alokrajRSSB आलोक राज जी Ex Service Man के नियम सरकार ने स्पष्ट कर रखे हैं फिर उनमें बार बार अनियमितता क्यों होती है आपको एक बात और याद दिला दूं एक ही परीक्षा से दो भर्ती हुई JRA/TRA इनमें TRA को पोस्टिंग में वरीयता दी गई लेकिन JRA में नहीं ऐसा क्यों? आज वो JRA जोधपुर , उदयपुर etc
अब RAS भर्ती देश की आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा आयोजन है!
वाह सरकार!
हर सरकारी हैंडल से एक ही संदेश –
RAS के एडमिट कार्ड जारी हो गए हैं।
सरकारी हैंडलों से ऐसे प्रचारित किया जा रहा है, जैसे चंद्रयान नहीं, Admit Card उतरा हो।
जैसे प्रशासनिक परीक्षा नहीं, राष्ट्रीय उत्सव हो।
हर घर खुशहाली।
हर स्टेटस पर मुख्यमंत्री की फोटो।
और साथ में –अभ्यर्थियों को घूरती हुई भाषा।
सवाल यह नहीं कि एडमिट कार्ड निकले।
सवाल यह है कि डर क्यों दिखाया जा रहा है?
किस अफसर की नजरे इतनी ऊँचाई से देख रही हैं,
कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक… सब धुंधले लगने लगे?
पत्र लिखे गए।
सड़कों पर प्रदर्शन हुआ।
लेकिन सरकार ने चुप्पी ओढ़ ली।
जैसे सब कुछ सामान्य हो।
भर्ती आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
किसके इशारे पर?
कौन चाहता है कि अभ्यर्थी थक हार जाएं?
भाजपा भूल रही है –
उसे कांग्रेस की भर्ती घोटालों ने ही सत्ता में बैठाया था।
अब वही कहानी दोहराई जा रही है।
बस चेहरे बदले हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को समझना होगा –
सिर्फ प्रचार से खुशहाली नहीं आती।
सुनवाई से आती है। समाधान से आती है।
वरना जिस जनता ने सत्ता दी है,
वही परीक्षा परिणाम भी बदल सकती है।
और तब कोई एडमिट कार्ड बचा नहीं पाएगा।