जय जय श्री राम🚩सब में श्री सीता राम जी हैं 🙏
सनातन धर्म प्रचारक🙏 भागवत कथा प्रवक्ता, ज्योतिषी
विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल जिला प्रमुख रायपुर छत्तीसगढ⚔️🚩
"वोट की राजनीति हो या पेशाब की राजनीति - रहेगी हमेशा सवर्ण विरोधी राजनीति"
दो व्यक्ति सड़क पर शराब पीते हैं और इस अद्भुत कार्य को करते हुए दोनों समान होते हैं अचानक एक व्यक्ति नशे में धुत दूसरे पर थूक देता है पेशाब कर देता है, यहाँ तक भी ठीक है फिर इस घटना का वीडियो वायरल हो जाता है। बस एक क्षण में दो समकक्ष शराबियों की जाति ऊँची और नीची हो जाती है। क्या मैं घटना को उचित ठहरा रहा हूँ ? नहीं। जो हुआ दुःखद है। पेशाब करने वाले व्यक्ति को दंड मिलना चाहिए था- उचित है। पीड़ित को पचास कैमरों के सामने मुख्यमंत्री निवास बुलाकर पैर धोना, खाना खिलाना- ये भी ठीक है। परन्तु न्याय करने का अधिकार क्या मुख्यमंत्री का है? अगर वोट बैंक के चक्कर में जाति आधारित भेदभाव की मानसिकता रखते हुए कोई नेता गुंडई पर उतर आए तो क्या यह न्याय है? जिसने जुर्म किया वो गिरफ़्तार हो गया, परन्तु उसके परिवार का क्या दोष था जो उनका घर तोड़ दिया गया जिनके लिए कोई आवाज़ नहीं उठा रहा। क्या इसलिए कि वे सवर्ण हैं ब्राह्मण हैं? दंड अपराध के अनुपात में होना चाहिए अन्यथा न्याय भी अन्याय बन जाता है।
एक सामान्य व्यक्ति पूरे जीवन की कमाई जोड़कर अपना घर बना पाता है और एक मुख्यमंत्री वोटों के लिए हीरो बनने के चक्कर में अपने आप को न्यायपालिका और देश के संविधान से ऊपर समझते हुए बुलडोज़र को फैशन सिम्बोल बनाकर गुंडाराज स्थापित करने का प्रयास करता है तो यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत दुःखद एवं मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
#सवर्ण #सवर्ण_एकता #humanity #humanrights
#_एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशी होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर २६ हो जाती है। #आषाढ़ मास के #शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही #_देवशयनी एकादशी कहा जाता है।
आचार्य मोहन महाराज जी
7000923664
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9111138872
"जमीन हमारी, पैसा हमारा, मजदूर हमारे और ताजमहल पर ठप्पा इन मुगलों का... औरंगजेब के बाप, दादा घोड़ों पर लादकर जमीन लाए थे क्या?
जिनको खाने और रहने का सलीका नहीं पता वो भारत में मुगले आजम और जिल्ले इलाही हो गए!"
-अमिताभ अग्निहोत्री
जिस दिन अजमेर-९२ रिलीज़ होगी उस दिन आधी दाड़ी और मूछो वाले हरम से निकल कर बाहर आयेंगे।
अंदेशा पूरा हैं की जिन सिनेमाघरों में ये लगेगी वहाँ कटी हुई नुनी वाले तमाशा खड़ा करेंगे, तोड़ फोड़ करेंगे।
लेकिन राहत वाली बात ये होगी की जो आज भई चारे कि बात करके सेक्युलर बने हैं उनकी आखो की पट्टियाँ खुल जाएगी। में लिख के देता हूँ की ऐसे सेक्युलर जो आज तक हिंदू नहीं बन पाये वो अब हिंदू बनेंगे।
क्यूकी ये कहानी हैं ऐसी लड़कियों की जिन्होंने नर्क की ज़िंदगी धरती पर झेली हैं।
सभी इस फ़िल्म को देखें और अपने परिवार को भी दिखाए। सामर्थ्य हैं तो पड़ोस के बच्चों को और परिवारों को भी दिखाए।
#The_Ajmer_Files
#Ajmer_92