Proud Indian, beyond caste and religion, against extremism, believe in equality & वसुधैव कुटुंबकम, love to read write & music, Sannyasi, human, support RaGa ✋
It has been 24 hours since the BBC broke this EXTREMELY SHOCKING story.
There has not been a single official word yet from the Govt of India. Indian TV media has completely IGNORED this.
While the Modi Govt has been issuing hundreds of takedown notices for any content criticizing them, monsters have been openly running ads on Instagram selling CSA videos.
Question is:
👉 Why was this never flagged or deleted by the Govt of India?
👉 Why has there been no action against Meta for this?
👉 Why has the Govt not issued a SINGLE STATEMENT? Why are comments being planted through “sources”?
👉 Why has Noida TV media not asked a single question about this to the Modi Govt?
Content takedown laws are being misused to crack down on criticism of Modi-Shah. At the same time, CSA videos are being openly sold on Instagram in India.
The Modi-Shah govt is a shameless, criminal, heartless, & monstrous cabal of crooks. And they are enabled by a CRIMINAL TV media which prefers licking the govt’s boots rather than protecting children.
How do these people even sleep at night?
मध्यप्रदेश में 6 साल से 87 स्टाफ के साथ सरकारी अस्पताल कागजों पर चल रहा है
जबकि हकीकत में एक ईट भी नहीं रखी गई, ना जमीन फाइनल हुई है - TOI का बड़ा खुलासा
With a toxic media, your children's futures are at risk.
Support news that puts your children’s future first. Support journalism that holds power to account.
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केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल का कहकर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें 2 महिलाएं डांस कर रही हैं. लेकिन वायरल दावा गलत है, वीडियो में सिया गोयल नहीं बल्कि कोई और महिला है. देखिए वायरल वीडियो का सच! #AltNewsVideoReport#AltNews#FactCheck
''मुझे जो बोलना है बोल चुका हूं, जब कोई नहीं बोला था संसार में तब 4 साल पहले बोल चुका हूं, और इसलिए आजतक राम जन्मभूमि दर्शन नहीं करने गया। क्योंकि यहां पहले दिन से ही खेल चल रहा था''
रामधन गबन मामले में बृज भूषण शरण सिंह का बयान
#BrijBhushanSingh#RamMandir#Ayodhya@b_bhushansharan
खबर आ रही है कि मध्यप्रदेश के एक विश्वविद्यालय का Question Paper चोरी हो गया है।
जमीन चोरी के आरोपी मुख्यमंत्री के राज में चोरी ही चरित्र है।
वोटचोरी, जमीनचोरी, चंदाचोरी, पेट्रोलचोरी और पेपरचोरी।
मुख्यमंत्री जी सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का जश्न मना रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि इन पाँच वर्षों में उत्तराखंड ने क्या पाया?
इतिहास केवल कुर्सी पर सबसे अधिक समय बैठने से नहीं बनता, बल्कि जनता का विश्वास जीतने से बनता है। आज प्रदेश भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, भर्ती घोटालों, कानून व्यवस्था और जनसरोकारों की अनदेखी जैसे गंभीर सवालों से जूझ रहा है।
मुख्यमंत्री जी, आप अपनी पार्टी के लिए भले ही "सिलेक्टेड" हों, लेकिन खटीमा की जनता ने आपको "रिजेक्ट" किया था। अब प्रदेश की जनता भी आपके पाँच वर्षों का हिसाब मांग रही है। जनता पद का उत्सव नहीं, काम का परिणाम देखती है।
"Boys & Girls who talk on phone should be banned,Govt should track their call & jail them
Boys & girls should meet only after they are married;dating is against our culture
Our country is Hindu Rashtra & Law of Lord Ram should prevail"
This is the mentality of a Hindutva Scum
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।
राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।
मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।
किसने किया काम,
और कौन जता रहे हैं नाम।
प्रधानमंत्री ने भाजपा को ‘झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो’ का मंत्र दिया है, और राजस्थान के मुख्यमंत्री उसी राह पर चल रहे हैं।
हमारे यूपी कांग्रेस के तमाम नेता आज राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अधोध्या जाना चाहते है पर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, यह तानाशाही है।" आरफा खानम..
#BaatBharatKi | नागरिकताः पहचान आपकी, मर्ज़ी सरकार की!
पासपोर्ट को 'यात्रा दस्तावेज़' बताए जाने और एसआईआर के बाद उठे सवालों के बीच, क्या सरकार का कोई दस्तावेज़ नागरिकता का प्रमाण है? @ghazalawahab और @svaradarajan के साथ चर्चा में @MissfitMee
चढ़ावा चोरी मामले में मोदी ने रात 2 बजे विनय कटियार से कहा- "अरे भाई, क्या-क्या होगा अब?"
मैंने कहा- "कुछ नहीं... सब ठीक हो जाएगा."
लेकिन जब मैं आयोध्या आया तो देखा- इसमें सब शामिल हैं, चंपत राय, गोपाल राव, अनिल मिश्रा.
'किसी कारण' से ये लोग बच गए, जेल नहीं गए. हो सकता है आगे जेल जाएं.