दिल्ली हिंसा में शाहरुख़ को मिश्रा बतानेवालों का घर हो या गुजरात दंगों पर दो कौड़ी की किताब लिखनेवालों का(जिसे कोर्ट तक ने फालतू बताया) उनके घर तो कभी पुलिस ना गई।सैंकड़ों ऐसे उदाहरण हैं पर @AmanChopra_ के यहां पुलिस डेरा डाले बैठी है।लोकतंत्र के लिए किसकी राजनीति खतरा है दिख रहा
@AmitShah@JPSRathoreBJP माननीय केंद्रीय सहकारिता मंत्री और उत्तर प्रदेश राज्य सहकारिता मंत्री आप दोनों लोगों से निवेदन है की समस्याओं को आंखें मूंदने से समस्याएं हल नहीं होंगी बल्कि समय रहते उनका न��स्तारण कर लिया जाए तो ज्यादा अच्छा होगा
आज उत्तर प्रदेश के नव लाइसेंस प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों में शासन का कोई पैसा नहीं आ रहा है शासन से गन्ना मूल्य भुगतान भी इन बैंकों में नहीं भेजा जा रहा है जब प्रदेश सरकार को ही अपने बैंक पर भरोसा नहीं है तो आमजन से बैंक के प्रति भरोसे की उम्मीद कैसे की जा सकती है
माननीय @JPSRathoreBJP सहकारिता मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार आपसे निवेदन है कि सहकारिता विभाग से जुड़ी समस्याओं का सोशल मीडिया के माध्यम से भी संज्ञान लेने का कष्ट करें। 🙏
@RathoreJps
उत्तर प्रदेश के सारे जिला सहकारी बैंकों को सिर्फ कागजों में शेर दिखाया जा रहा है असल में उनकी स्थिति बद से बद्तर है जो हाल पूर्वांचल के 16 जिला सहकारी बैंकों का है वही हाल शेष अन्य जिला सहकारी ब���ंकों का हो जाएगा बाद में सारा ठीकरा कर्मचारियों के ऊपर भोड़ दिया जाएगा
प्रदेश का अग्रणी बैंक होने के बावजूद भी इस बैंक में आज तक प्रदेश के अन्य संस्थाओं का पैसा 16 कमजोर जिला सहकारी बैंकों में नहीं भेजा जा रहा है आखिर क्यों जब प्रदेश सरकार ही अपने बैंकों पर विश्वास नहीं जाता पा रही है त�� फिर अन्य लोगों से कैसे अपेक्षा की जा सकती है
ऐसे ही प्रयोग करते करते इस संस्था का बंटाधार कर दिया जाएगा यह सभी जानते हैं कि इसका एकमात्र विकल्प बैंकों का विलीनीकरण ही है पर कोई भी माननीय मुख्यमंत्री जी से सत���य बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और जिसका खामियाजा यह विभाग भुगत रहा है
उत्तर प्रदेश के समस्त जिला सहकारी बैंक सिर्फ प्रयोगशाला बन कर रह गए हैं जो जैसे चाहता है प्रयोग करके चला जाता है कभी माइक्रो एटीएम दे दिया जाता है कभी इ वायलेट योजना लाई जाती है कभी कोई और प्रयोग कर लिया जाता है लेकिन असल मर्ज की दवा दिया ही नहीं जाता है
क्या मजाक सिर्फ मौज करने जाने वाले है । पांच साल हो गया मर्ज करने के लिए कमेटी बनी हुई । आज तक कुछ हुआ । अब तो बाबा जी भी ध्यान नहीं दे रहे है । जब तक वो ध्यान नहीं देंगे कुछ नही हो सकता बस अफसरों की मौज है ।
पूरे देश में एक सहकारिता श्रेष्ठ सहकारिता की मुहिम चलानी चाहिए अगर ऐसा हो जाता है तो सहकारिता में उत्पन्न सारी समस्याओं का निराकरण हो जाएगा और सहकारिता का देश और विश्व पटल पर महत्वपूर्ण नाम हो जाएगा #एक_सहकारिता_श्रेष्ठ_सहकारिता