तुम्हारी बज्म के बाहर भी एक दुनिया है
मेरे हुजूर बड़ा जुल्म है ये बेखबरी
आज का दिन राजस्थान यूनिवर्सिटी में दो विचारधाराओं के भीषण टकराव का दिन था। मैं इस पूरी वैचारिक मुठभेड़ का चश्मदीद था। पुलिस, मीडिया, इंटेलिजेंस से लेकर तमाम तामझाम इसलिए कि NSUI वालों का विरोध हो जाए और RSS वालों का कार्यक्रम हो जाए। दो घंटे में ये टंटा भी खत्म हो गया।
लेकिन महज दो सौ मीटर की दूरी पर ही यूनिवर्सिटी के दो छात्र पूजा और लोकेंद्र बीते पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे किसी विचारधारा का विरोध और समर्थन करने के लिए नहीं बैठे बल्कि अपनी भाषा के लिए बैठे हैं। उनकी मांग है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थान भाषा का डिपार्टमेंट बनाया जाए। जब यूनिवर्सिटी उर्दू, अंग्रेजी, अफ्रीकन, जर्मन भाषाओं के विभाग को वित्त स्वीकृति दे रही है तो राजस्थानी भाषा से सौतेला व्यवहार क्यों ?
अफसोस देखिए कि अब तक भूखों मरने वाले इन दो आंदोलनकारी छात्रों के पास कोई नहीं पहुंचा। NSUI का लश्कर आया, RSS की फ़ौज आई और सब अपने सिक्के सीधे करके चले गए। पुलिस बैरिकेटिंग से महज 200 मीटर की ही दूरी पर ये दोनों छात्र बैठे हैं। अब तक यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर ने इनकी कोई खैर खबर नहीं ली है, तीन दिन तक इनकी मेडिकल रिपोर्ट नहीं बन पाई, एक अनशनकारी का शुगर लेवल हाई आ रहा है और उसकी हालत कभी भी गंभीर हो सकती है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन से लेकर सरकार की कान पर अब तक जूं नहीं रेंगी है।
आज छात्र हितों का दंभ भरने वाले NSUI के कितने रंगरूट इन अनशनकारियों के पास पहुंचें ? और महिला सशक्तिकरण की थीम पर इवेंट करने वाले RSS के कितने स्वयंसेवक उस लड़की की खबर लेने पहुंचे जो बीते पांच दिन में अपना पांच किलो वजन खत्म कर चुकी है।
NSUI की एक धमकी से आज भारी पुलिस लवाजमा यूनिवर्सिटी पहुंच गया लेकिन दो छात्रों को सरकार ने सिर्फ मरने के लिए छोड़ दिया। क्या सिर्फ इसलिए कि उन्हें धमकी देना नहीं आता ? उनके पास भीड़ और गाड़ियां नहीं है या फिर इसलिए कि ये दोनों छात्र तमाम विचारधाराओं को छोड़कर एक जायज और जरूरी मुद्दे पर गांधीवादी तरीके से आंदोलन का रास्ता अख्तियार किए हुए हैं।
@BhajanlalBjp@KumariDiya@GovindDotasra@TikaRamJullyINC@VinodJakharIN@nsui
पिछले तीन दिनों से राजस्थान विश्वविद्यालय में विधि महाविद्यालय के कुछ छात्र राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति विभाग की स्थापना की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। यह विषय अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील है।
मैं राज्य सरकार से आग्रह करता हूँ कि विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए तथा इस विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लिया जाए। राजस्थान जैसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाले प्रदेश में राजस्थानी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु छात्रों को इस प्रकार भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होना बहुत ही निराशाजनक है।
राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा शेखावत ने आज विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा अध्ययन केन्द्र और विभाग के लिए भूख हड़ताल कर शुरू कर दी है।
नई पीढ़ी को ही लड़ना होगा खुद की मायड़ भाषा के लिए,
अब तो चेतो सरकार
@BhajanlalBjp@KumariDiya
इस फैसले से Aravalli के बड़े हिस्से को कानूनी संरक्षण से बाहर करने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे खनन, निर्माण और पर्यावरणीय नुकसान का रास्ता खुल सकता है।
विकास आवश्यक है, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं।
👉 Social Justice Front (SJF) इस फैसले का स्पष्ट रूप से विरोध करता है । #SJF
विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध को कुलपति और प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। छात्रों की आवाज़ को दबाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे साथियों को डीटेन कर प्रताप नगर थाने में रखा गया और रात कों 7:30 बजे उन्हे छोड़ा गया ।
#socialjusticefront#sjf#RU
राजस्थान विश्वविद्यालय की समस्त छात्रशक्ति द्वारा
राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की माँग को लेकर
15 नवम्बर, दोपहर 11 बजे
संविधान पार्क, राजस्थान विश्वविद्यालय में
सामूहिक ज्ञापन एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया जिसको सोशियल जस्टिस फ्रंट ने समर्थन प्रदान किया ।
#sjf#RU
राजस्थान विश्वविद्यालय राजस्थान रौ सबसूं बड़ो विश्वविद्यालय है पण आपां सारूं आ बात घणै सरम री है कि आपारै विश्वविद्यालय में राजस्थानी रौ विभाग हाल तक थापीत नी हुयो है।
आपाणों "सोशियल जस्टिस फ्रंट" राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग री थापना रों पुरजोर समर्थन करे है।#sjf
इस दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान,कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव व गजेंद्र शेखावत के पुतले फूंके।
छात्रों ने कहा कि यह केवल एक समुदाय का मुद्दा नहीं,बल्कि राजस्थान और देश के गौरव से जुड़ा मामला है।इतिहास से छेड़छाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आज राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने NCERT की किताबों राजस्थान के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी सामग्री में की गई छेड़छाड़ के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अगुवाई वंश प्रताप सिंह, आईराज सिंह,मानवेन्द्र सिंह,लोकेंद्र सिंह,घनश्याम मीणा,आशीष महावर और सिद्धार्थ सिंह ने की।
आज राजस्थान विश्वविद्यालय केे समस्त छात्र नेताओं ने संयुक्त बैठक का आयोजन किया जिसमें सर्वसहमति से राजस्थान में बंद छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने को लेकर आगामी संघर्ष को लेकर परिचर्चा का आयोजन किया गया।
#छात्रसंघ_चुनाव_बहाल_करो#छात्र_मांगे_छात्र_संघ_चुनाव
श्री क्षत्रिय युवक संघ के परम पूज्य संरक्षक आदरणीय भगवान सिंह जी रोलसाबसर के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है।
वे न केवल संघ के लाखों स्वयंसेवकों के मार्गदर्शक और संरक्षक थे, बल्कि हमारे समाज के आत्मबल, अनुशासन और मर्यादा के प्रतीक थे
ॐ शांति।
“अस्सी घाव लगे थे तन पे,
फिर भी व्यथा नहीं थी मन में”
अपने साहस एवं शक्ति से मेवाड़ साम्राज्य का विस्तार करने वाले महापराक्रमी योद्धा, अजेयता के साक्षात रूप वीर शिरोमणि महाराणा सांगा जी (संग्राम सिंह) की जयंती पर कोटिशः नमन।
#ranasangajayanti
**"सूर्यमंदिर में हवन के साथ संकल्प का दिन!
'याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या कि मरण होगा।' बाधाओं को चूमते हुए, हर नई चुनौती से निखरते हुए।
‘हित वचन नहीं तुने माना, तो ले अब अंतिम संकल्प सुनाता हूँ।
सूर्य की तरह चमकता हुआ हर नया प्रयास! ☀️
#Lokendrasinghraythaliya#1jan
देश को अपूर्णीय क्षति! भारतीय राजनीति का स्तंभ, दुनिया के सबसे विद्वान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का निधन। उनका आर्थिक ज्ञान, उदारीकरण, और नरेगा जैसे फैसले हमेशा याद रहेंगे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। #ManmohanSingh#RIP#EconomicReformer#Legend