जिसे भी पटाखे छोड़ते हुए थोड़ी-बहुत शर्म आ रही हो, वह @ajeetbharti का यह वीडियो देखकर ही दिवाली मनाए।
राजाराम के समय पटाखे नहीं थे, तो आज जैसे कमीने बुद्धिजीवी भी नहीं थे।😡
कोई बता दे कि ऐसे निर्णय कैसे किए जाते हैं। चार साल की बच्ची का रेप हुआ, उसे मार कर फेंक दिया (पर वो बच गई), और हायकोर्ट का जज उसे क्रूरता नहीं मानता। @rashtrapatibhvn@PMOIndia ये नौटंकी कब तक चलेगी?