PM पूरे देश का होता है । वो भेद नहीं कर सकता । केजरीवाल से छुआछूत क्यों बरतते हैं ? वो चुने हुये मुख्यमंत्री है । मेट्रो में दिल्ली का भी ५०% पैसा लगा है । मेट्रो उद्घाटन में क्यों नहीं बुलाया ? वाजपेयी ऐसा नहीं करते थे । हम अपने प्रधानमंत्री को इतना संकीर्ण होते नहीं देख सकते ?