Big #Breaking !
Mahipal Singh Makrana , Karni Sena chief has given open and formal call to boycott the BJP in upcoming Rajasthan municipal elections &Panchayati Raj elections in protest against UGC Bill!
With slogan “Kamal ka phool, Suvaran ki Bhool”
It’s high time GC Hindus wake up and smell the coffee
BJP is the most anti hindu party , most worrisome part is the hate and contempt they have for general caste Hindus is mind numbing.
यह कहानी लखनऊ के "कुमार टैग कोचिंग" चलाने वाले कुमार सर हैं!
ये बता रहे हैं कि कैसे इनके ऊपर 2023 में एक लड़की ने पैसे के लालच में उनके खिलाफ झूठा SC/ST एक्ट का मुकदमा लिखवा दिया था।
लड़की ने जाति-सूचक शब्दों का झूठा आरोप लगाकर 20 हज़ार रुपये ऐंठ लिए थे। पैसे मिलते ही लड़की ने एप्लिकेशन वापस ले ली।
Sir दस्तावेज़ दिखाते हुए साफ कहते हैं - "यह रियल घटना है उनके साथ। झूठी FIR के डर से उन्हें पैसे देने पड़े।"
सोचो... झूठे मुकदमों का कितना बड़ा दुरुपयोग हो रहा है।
कोचिंग वाले भी सुरक्षित नहीं।
#StopMisuseOfSCSTAct
वाह दिल्ली पुलिस, वाह! अगर कोई आतंकवादी होता तो तुम्हारा म्यूट निकल जाता, लेकिन वो तो ठहरा अभागा सवर्ण का बच्चा!
मोदी जनता की आवाज़ को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता। ये सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन है! ये अहंकार यही बच्चे खत्म करेंगे ।
बिहार भीम आर्मी के state president अमर ज्योति पासवान" कहता है:
“अगर अजीत भारती (@ajeetbharti) कभी दिल्ली की सड़कों पर भीम आर्मी के सदस्यों के हाथ लग गया, तो हम उसकी सुताई करेंगे। यह इतने हद तक होगा कि उसकी सात पीढ़ियाँ और उसका परिवार दलितों से पंगा लेने के अंजाम को याद रखेंगे।”
@BhimArmyChief वैसे तो आपकी पार्टी के लोग बड़ा संविधान का चोला ओढ़कर घूमते हो, इधर क्या भीम आर्मी संविधान और कानून में विश्वास को क्या हुआ? ऐसी खुली गुंडागर्दी और हिंसा की धमकियां दे रहे हो?
@bihar_police@DelhiPolice कृपया इस धमकी का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई करें, क्योंकि अगर अजीत भारती को कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी, अगर आपको पता होने पर भी अगर कोई कार्रवाई नहीं की तो।
वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री जी ने इतिहास और जाति को लेकर कहा कि भारत के इतिहास में OBC और SC-ST समुदायों से आने वाले कम से कम 100 बड़े राजा हुए हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “‘हज़ारों साल से रोटी नहीं मिली’ जैसे दावे करने वाले पहले इतिहास पढ़ें। जब ये लोग राजा थे तो पानी कहाँ से पीते थे? राजा थे लेकिन पानी नहीं पीते थे? ये कैसा मजाक है!”
अग्निहोत्री जी ने कहा कि ऐसे झूठे दावों और पूर्वाग्रहों से पहले इतिहास समझिए, पढ़िए-लिखिए और बुद्धि के दरवाजे खुले रखकर बात कीजिए।
सुबह पानी पिने फायदे हम सभी को पता है पर
सुबह उठते ही सिर्फ पानी क्यों? इन Natural Drinks को भी अपनी morning routine में शामिल करके देखिए,जो आपकी सेहत/ इम्युनिटी को बेहतर बनाएगा
Alkaline Water — हाइड्रेशन & इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस
Water — किडनी
Green Tea — दिमाग
Turmeric Water — लिवर
Coconut Water — हृदय
Ginger Water — पाचन तंत्र
Shilajit Water — हड्डियाँ/जोड़
Hibiscus Tea — रक्त वाहिकाएँ
Note: अगली पोस्ट में हम बात करेंगे Alkaline Water के फायदे, इसे कब और कैसे पीना चाहिए, और इसे अपनी daily routine में सही तरीके से कैसे शामिल करें।
@thebrainyogi #HealthAwareness #healthtips
Even after series of Invasions Brahmans saved the civilization
By memorizing the Vedic hymns bit by bit and transferred it orally to next Generation.
Brahmans preserved Hindu identity for so long
.... @ajeetbharti call seems to be showing impact among reserved sub-castes who are not getting benefit of reservations.
This Dalit Girl questions and says "Hamari Bari Kab Aayegi" and also supports Reservation Hatao Andolan and she is willing to join protests in future
I hope people from 100's of reserved castes and sub-castes who are not getting benefit of reservation come forward and put their demands and seek reservation based on their % of caste.
She is "seema.gautamsc" on insta.
He is the son of a nine-time MP and a three-time MP himself. How much more empowerment does he need?
He has wealth, power, and political clout, so why does he continue to contest from reserved seats? Why not fight from an open seat? By monopolizing a reserved constituency, isn't he actively preventing a less privileged Dalit brother or sister from his party from entering Parliament?
And he isn't alone. There are many like him in every field. This argument is not a conspiracy by the GCs; they gain nothing either way. It is a question of internal accountability. Your own influential elites are holding the broader community back by refusing to step aside. So Dalits should start asking questions about where the real issue lies, instead of blaming GCs for their lack of opportunities.
RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें
सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया।
मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है।
खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं।
सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं।
आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था।
हमारी माँगें:
१. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई।
२. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा।
३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे।
४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए।
५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें।
६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले।
७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा।
८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए।
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अन्य माँगें:
९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए।
१०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए।
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सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।
Today is one of the most emotional days of my life. I genuinely don’t have the words to express what I am feeling right now.
Exactly four years ago I started speaking about reservation reforms.
I was abused. Mocked. Trolled. Threatened. I even got SC/ST Act notice by Delhi Police. But I kept going.
For four years, I wrote thousands of posts and made hundreds of videos on the issues. People I had never met started reaching out to me & sharing their stories.
The last four years have not been easy. I have lost work because I chose to associate myself with this movement. I have lost friendships. I have been attacked by trolls and IT cells. There were attempts to intimidate and silence me in every possible way.
I rarely spoke about any of this. Because for me, the cause was always bigger than my career, my comfort, my friendships, or anything I could personally lose.
And today…
When I stood back and saw thousands of people at Jantar Mantar demanding reservation reforms, I honestly felt something I cannot put into words.
Thank you. From the bottom of my heart. ❤️
This is only the beginning!!
50 protestors were arrested by Delhi Police at Jantar Mantar yesterday late in the evening. Not one BJP, OPPOSITION neta has demanded amnesty.
HOW MANY CJP ACTIVISTS HELD FOR JANTAR MANTAR VIOLENT NEET PROTEST? = 0
HOW MANY PRO-MERIT PROTESTORS DETAINED FOR PEACEFUL PROTEST AGAINST QUOTA AT JANTAR MANTAR? = > 50
How many "freedom of expression activists" demanding the release of "meritorious" protestors? = 0
WHAT'S THE MAIN DEMAND OF ANTI-QUOTA PROTESTORS:
Reservations should go to poor, not castes.
IS MAKING SUCH A DEMAND PEACEFULLY A REASON TO DETAIN/ARREST?