UP SI का स्कोरकार्ड जारी करने, परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में लखनऊ के Eco Garden में छात्रों का प्रदर्शन. Vivek Sir और अन्य शिक्षकों ने बताया आगे का प्लान.
पूरी रिपोर्ट- https://t.co/WTUK6Z733n
@RajatpandeyJF@pix_shubham
[UP SI Protest, Lucknow, Vivek Sir]
Presenting #TeamIndia's newest T20I captain 🇮🇳
Congratulations to Shreyas Iyer as he takes the helm in the shortest format of the game 👏
@ShreyasIyer15
जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मु���्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व ��ोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
प्रयागराज के जन-प्रतिनिधियों व विश्वसनीय पत्रकारों की देख-रेख में हम आज ही ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ व ‘अग्निशमन विभाग’ के FIRE AUDIT की माँग करते हैं।
प्रयागराज के “विवेक Sir” रोते हुए
मोदी जी योगी जी और गोदी मीडिया क्या आप लोगों को “विवेक SIR” के आँसू नही दिखाई देते?
ऊपर वाले के पास जब हिसाब होगा तो ��्या बोलोगे बच्चों की कोचिंग पर बुलडोजर चलाया, किसी का मकान उजाड़ा, किसी की दुकान उजाड़ी, करोड़ों नौजवानों की ज़िंदगी बर्बाद की।
हॉल में पेपर लीक पर चर्चा रोकने
पहुंच गई पुलिस, संजय सिंह भड़के
Prayagraj: सर्किट हाउस में प्रतियोगी छात्रों से AAP सांसद Sanjay Singh संवाद कर रहे थे. संवाद के दौरान हॉल में ADM सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पहुंच गए. और हॉल में हो रही पेपर लीक पर चर्चा को रोकने को कहा.
इस पर संजय सिंह ���ड़क गए और अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई. कहा कि 'बंद कमरे में चल रही चर्चा के लिए कोई परमिशन नहीं लगती. जिस परीक्षा पर हो रही चर्चा को आप रोकने के लिए आए हैं वही परीक्षा पास करके आप अधिकारी बने हैं…'
देखिए वीडियो...
प्रयागराज यू पी में तानाशाही चरम पर है बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने तक की इजाजत नहीं पेपर लीक पर बात करने पर प्रशासन रोकने पहुंच गया है।
मोदी योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है विपक्ष को कुचलना चाहती है।
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात क��� है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
प्रयागराज में दो दिन पहले जब हजारों युवाओं ने लेखपाल भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, तो अपनी कमियां सुधारने के बजाय तानाशाह सरकार ने सीधे छात्रों के भविष्य पर ही वार कर दिया।
कल तक जो कोचिंग संस्थान युवाओं के सपनों को उड़ान दे रहे थे, आज 'अनाधिकृत निर्माण' बताकर सिर्फ इसलिए सील कर दिए गए क्योंकि उनके छात्र इस आंदोलन का हिस्सा थे।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को इन कोचिंग सेंटरों में 'अनाधिकृत निर्माण' का ख्याल ठीक छात्रों के आंदोलन के दो दिन बाद ही क्यों आया? क्या यह विशुद्ध रूप से बदले की भावना से की गई कार्रवाई नहीं है?
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के हर उस युवा पर हमला है जो रोजगार मांग रहा है।
शर्म करे भाजपा सरकार!
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन प��्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
BJP सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को धन उगाही का जरिया बना दिया है. एक भी परीक्षा बिना धांधली के नहीं हो रही है.
आज यूपी के प्रयागराज में लेखपाल भर्ती में हुई धांधली के विरोध में युवा सड़कों पर उतरे हैं.
इन युवाओं का साफ संदेश है- BJP सरकार की धांधली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
🚨 25 MAY | 11:00 AM 🚨
अब आवाज़ दबेगी नहीं! ✊
मेहनत हमारी, न्याय भी हमारा!
युवाओं की आवाज़ बुलंद करें।
#LekhpalExamInvestigation#JusticeForStudents
एक ट्वीट नहीं, लाखों युवाओं की पुकार है! 🔥
छात्रों के सब्र का और इम्तिहान मत लो,
दिन-रात एक कर के पढ़ने वाले युवाओं के साथ खिलबाड़ मत करो
लेखपाल भर्ती में घोटा���ा हुआ कि नहीं इसकी जांच करानी ही होगी,
अब युवा जाग चुका है, अपना हक लेकर ही मानेगा!
#LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION
@rojgarwithankit @kmrvivek14
छात्रों के सब्र का और इम्तिहान मत लो,
दिन-रात एक कर के पढ़ने वाले युवाओं का भविष्य मत बेचो। लेखपाल भर्ती घोटाले के जो आरोप लगाए रहे हैं उनपर स्पष्टीकरण देना होगा, अब युवा जाग चुका है, अपना हक लेकर ही मानेगा!
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK#लेखपाल_भर्ती#REEXAM