@ReallySwara@ndtvindia तुझे प्रेम और आत्मसम्मान की परिभाषा नहीं पता है। तुझे नहीं पता नहीं है कि जान की कीमत सम्मान के सामने कुछ भी नहीं है क्योंकि तुम जैसे लोगों के लिए बिस्तर बदलना भी आम बात है तुम्हारे हिसाब से तो स्त्री की स्वतंत्रता का अर्थ ही यही है इसलिए तुम जौहर का मूल्य नहीं समझ सकती
@yadavakhilesh तुमको यह वहम क्यों है कि तुम हाज़िरजवाब इंसान हो ? ये जो भी तुम लिखते हो बोलते हो इसको बकलोली बोलते है। 27 तक करो जमकर उसके बाद 5 साल का इंतजार
@priyanshu__63@BhimArmyChief क्यों ना एक काम किया जाए और जनगणना में यह भी देखा जाए कि देश का कौनसा वर्ग कितना % टैक्स दे रहा है और फिर उसी के हिसाब से नौकरी और सरकारी सुविधाओं का वर्गीकरण किया जाए , क्या बोलते हो ?
@JaikyYadav16 ये राजस्थान है प्रधान यहां की मेहमाननवाजी दुनियाभर में मशहूर है। और कोई बिना वजह की चौधर लेकर पंहुचे तो उसको उसी भाषा में समझाया जाता है। बेहतर होता कि इतिहास पढ़कर आए होते ईशारा तो पहले दिन जयपुर में दीपके को दे ही दिया गया था
@Jeetuburdak सपनों को अपने तक ही सीमित रखें कुछ सपने आपको गालियाँ और बेज्जती दिलवा सकते है। खैर वैसे भी आप यदि कांग्रेसी है तो आपको तो इनकी आदत लंबे समय से हो गई है। ज्ञान समाप्त ∆
@SurajKrBauddh एक इंसान के हाथ में सामान्यतः 5 उंगली होती है। हर उंगली का आकर प्रकार , साइज और वैल्यू अलग होती है। तुम चाहे जितना मर्जी रोजाना कनिष्ठा को खींचना चालू कर दो वह कभी भी मध्यमा से बड़ी नहीं हो पाएगी , बेहतरी इसी में है कि सब उंगलियाँ परस्पर सामंजस्य बनाए रखते हुए हाथ की शोभा बढ़ाए
@PMOIndia सपने तो आपको लेकर भी आम जनमानस ने काफी देखे थे किंतु निष्कर्ष क्या निकला ? जिस वर्ग ने आपको भर भर के वोट दिया उसी वर्ग के खिलाफ USC जैसे कानून लेकर आए , अब भी समय है कहां चूक हुई है कि आपको एकतरफा वोट देने वाला वोटर आपके खिलाफ लिखने को मजबूर हो रहा है इसकी समीक्षा की जाए
@LakhanmeenaIND तुझे यह क्यों लगता है कि किसी के कुछ भी बयान दे देने मात्र से किसी को कोई फर्क पड़ता है ? इस देश में लगभग 150 करोड़ की आबादी रहती है हर व्यक्ति आये दिन कुछ ना कुछ बोलता रहता है। यह उसका निजी विचार है इस से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। तेरे जैसे लोग चाहे तो खुशी मना सकते है।
@ActivistSandeep@Pawankhera कल तक रामायण महाभारत को काल्पनिक बताने वाले आज उन्हीं ग्रंथों के उदाहरण देकर ज्ञान दे रहे है इस से अधिक क्या चाहिए मोदीजी से
@SavitaK74929291 जातिगत जनगणना करवाने के साथ यह भी देख लिया जाये कि किस वर्ग के लोग कितना टैक्स भर रहे है और फिर उसी आधार पर भविष्य में सरकारी सुविधा और योजनाओं का बंटवारा कर देते है तुम लोग ही तो कहते हो " जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी हिस्सेदारी "
@narendramodi मोदीजी आप " मास्टर साहब " मत बनिये आपको " प्रधानमंत्री " पद पर आसीन किया गया है देश के विकास को प्रगति देने के लिए ये पढ़ाई लिखाई वाला विभाग पढ़ाने समझाने के लिए शिक्षक काफी है। ट्रंप का चेप्टर खत्म कीजिए आप यदि कर सकते है तो जो आए दिन भारत के खिलाफ बयानबाजी करता है आँख दिखाता है