चार्ली 420 अगस्त में बोल रहा था कि निफ्टी 26500 तक जाएगा और 25000 की CE दिला दी वो जीरो हो गई फिर उसकी एक शिष्या है नहीं दो हैं उन्होंने 5 सितंबर की 25000 की CE दिला दी वो भी जीरो हो गई..... उसके बाद फिर इन्होंने अपना असली चार्ली वाला थोबड़ा दिखाया और 15 सितंबर की 25000 की CE buy करा दी.... इस बार चार्ली ने screenshot भी डाला कि confidence तो इतना है कि 25000 की CE खरीद के बैठा हूँ या तो ये 10 लाख दे के जाएगा या जीरो होगा.... वो भी जीरो हो गया...
अब बोल रहा है कि 25 को बाहर निकलेगा और सीधा कांवड़ लेने जाएगा..... इसको लगता है कि मार्केट थोड़ा सा भी ग्रीन हो गया तो फिर लूटने का मौका मिलेगा लेकिन मार्केट 22000 की तरफ मुँह किए खड़ी है...
लोगों ने बेवकूफी में कितना लॉस किया है लेकिन फिर भी कुछ इसके तलवे चाट रहे हैं तो क्या ही बोला जाए.....
लाचार लोगों को ठगने का नया सौदा और 'मेडिकल एस्ट्रोलॉजी' का नया फरेब रचा जा रहा है...
कहा जाता है कि एक भावुक दिल को जितनी बार छला जाता है, वह हर चोट के बाद उतना ही कठोर बनता चला जाता है। मगर जो लोग आदतन ठग होते हैं, उनका ज़मीर हर बार और ज़्यादा गिरता जाता है। जब बाज़ार के झूठे दावों और ट्रेडिंग के गोरखधंधे की पोल खुलने लगी, तो अब नया पाखंड शुरू हुआ है, फ़िलॉसफ़ी की आड़ में 'मेडिकल एस्ट्रोलॉजी' का घिनौना धंधा।
बीमारी इंसान को अंदर से तोड़ देती है। लाचार मरीज और उसके परिजन किसी भी उम्मीद के तिनके को पकड़ने के लिए अपनी आखिरी जमा-पूंजी तक झोंक देते हैं। इसी बेबसी को अब यह चार्ली अपना नया बाज़ार बना रहा है।
जो ठग पहले लोगों की जेबें काटकर अपनी अकड़ दिखाता था, वह अब अस्पतालों के चक्कर काटते परिवारों से 'ग्रह-दोष' के नाम पर मोटी फीस ऐंठने की योजना बना रहा है।
बीमारी की दवा और इलाज के खर्च से पहले ही टूटा हुआ इंसान जब इन बहरूपियों के तिलिस्म में फँसता है, तो न पैसा बचता है और न सेहत। दर्शन की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ इसलिए की जा रही हैं ताकि ठगी के नए खेल पर 'अध्यात्म' का पर्दा डाला जा सके।
एक कड़वा सच याद रखिए:-
1. रोग का समाधान विज्ञान, योग्य डॉक्टर और सही इलाज में है ना कि सोशल मीडिया पर कुंडली बांचते ठगों के 'टोटकों' में ।
2. जो आपके दर्द और डर से मोटी फीस वसूलने लगे, वह मार्गदर्शक नहीं, गिद्ध है।
किसी भी बीमारी में अस्पताल का रास्ता चुनिए, इन चार्ली मार्का बहरूपियों की चौखट नहीं। अपनी बेबसी को इनका धंधा मत बनने दीजिए।
कॉपी-पेस्ट का ज्ञान और ठगी की दुकान: ज्योतिष के नाम पर पाखंड का खुला तमाशा:-
सनातन परंपरा में 'देवता' और 'भगवान' के बीच का अंतर किसी प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थी को भी पता होता है। देवता वे दिव्य शक्तियां हैं जो सृष्टि की व्यवस्था और तत्वों का संचालन करती हैं, जबकि 'भगवान' वह परब्रह्म, सर्वशक्तिमान सत्ता है जिसमें समस्त ब्रह्मांड समाहित है...
महादेव देवों के देव 'महादेव' हैं, साक्षात् परमेश्वर हैं। मगर सोशल मीडिया पर बैठकर खुद को 'ब्रह्मांड का ज्ञाता' और 'मार्केट का भविष्यवक्ता' घोषित करने वाले इस चार्ली को इतना बुनियादी फर्क भी नहीं मालूम।
जिस अक्ल के अंधे को यह तक नहीं पता कि वह किसके बारे में क्या बक रहा है, वह चला है आम जनता को ग्रहों, नक्षत्रों और सनातन धर्म का मर्म समझाने!
हकीकत ये है कि इस बहरूपिए की अपनी कोई साधना नहीं, न शास्त्रों का कोई अध्ययन है। सारा ज्ञान इंटरनेट और चैट-जीपीटी से चुराए गए दो-चार रटे-रटाए कीवर्ड्स पर टिका है। स्क्रीन पर प्रॉम्प्ट डाला, दो भारी-भरकम शब्द उठाए, उसमें अपनी मनगढ़ंत चाशनी घोली और तैयार हो गई जनता को ठगने वाली 'कपोल-कल्पित' कथा।
जब खुद की बुद्धि में घोर अज्ञान भरा हो, तो इंसान धर्म का चोला ओढ़कर ही अपनी अंधी दुकान चलाता है।
यह खेल बहुत शातिर है। पहले धर्म, भक्ति और भोलेनाथ का नाम लेकर लोगों की आस्था और भावनाओं को भुनाओ। फिर ग्रहों का झूठा भय दिखाकर या लालच का दाना डालकर अपनी तथाकथित 'एस्ट्रो-टिप्स' और जादुई भविष्यवाणियां बेचो।
जब मासूम लोग अपनी गाढ़ी कमाई, बच्चों की फीस और बुढ़ापे के लिए इक्कठे किए पैसे, किसी ने तो अपना मेडिकल emergency फंड तक दांव पर लगा दिया और आपका सारा पैसा इन बोगस दावों पर लगाकर लुट जाएं, तो बड़ी बेशर्मी से कह देता है कि 'यह तो बाज़ार का नियम है' या 'ग्रहों की दशा बिगड़ गई थी।'
आता-जाता ककहरा भी नहीं, लेकिन सीनाजोरी ऐसी जैसे विधाता ने सारा बही-खाता इसी की जेब में रख दिया हो। धर्म कोई तुम्हारी जेबी दुकान नहीं है जिसे तुम अपनी ठगी और फरेब को ढकने का पर्दा बना लो।
महादेव सत्य हैं, न्याय हैं और कर्म के सबसे बड़े साक्षी हैं। उनके नाम पर पाखंड रचकर जो दौलत आज बटोरी जा रही है, वह सिर्फ पाप का टोकरा भारी कर रही है।
सोशल मीडिया के इस नकली 'ज्ञानचंद' का नक़ाब अब उतर चुका है। जनता अब तुम्हारी चोरी की गई थ्योरी और धर्म की आड़ में रची गई ठगी को पहचान चुकी है। जिसने आस्था को व्यापार और झूठ को पेशा बना लिया हो, उसका अंत भी उसी अहंकार की भट्टी में जलकर होना तय है।
चार्ली आजा खुले मैदान में.... जनता ने जूते इकट्ठे कर रखे हैं....
#Nifty#Sensex
सट्टा/जुआ में जीतने का कोई मंत्र गारंटी नहीं दे सकता। ऐसे काम में धन-हानि, मानसिक तनाव और गलत निर्णय का जोखिम बहुत अधिक होता है। मंत्र को विवेक, धन-सुरक्षा और गलत लालच से बचने के लिए करें—जीत की गारंटी के लिए नहीं।
सुरक्षित और शुभ मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः।
रोज 108 बार — बाधा, जल्दबाज़ी और गलत निर्णय से बचने के लिए।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
रोज 108 बार — स्थिर लक्ष्मी, धन-संरक्षण और शुभ आय के लिए।
कुबेर मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
इसे शुक्रवार या गुरुवार से शुरू करके 108 बार करें।
मेरी स्पष्ट सलाह: सट्टा बाज़ार में पैसा लगाने के बजाय इन मंत्रों को वैध कमाई, ट्रेडिंग/इन्वेस्टमेंट में अनुशासन, और नुकसान से बचाव के संकल्प के साथ करें। मंत्र से सबसे बड़ा लाभ तब मिलेगा जब आप लालच से नहीं, विवेक से निर्णय लेंगे।
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When I buying a falling knife,I give at least 6 months to recover—patience is key.
I know it won't bounce immediately; i am investing in value, not chasing quick momentum. In the next upcycle, this value may turn into momentum.
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