क्या पैंतीस की उम्र तक भीख माँगने वाले आदमी की तुलना नेहरू जैसे नामी बैरिस्टर से की जा सकती है?
क्या देश को IIT, AIIMS, JNU और IIM जैसे उम्दा ग्लोबल शिक्षण संस्थान देने वाले इंसान की तुलना हज़ारों स्कूल बंद करवाने वाले व्यक्ति से की जा सकती है?🤔
सच्चा पत्रकार आज के समय में घुट घुट कर जी रहा है और कलम बेचने वालों की बल्ले-बल्ले है सच में अमृत काल चल रहा है
जिन्होंने नेहरू जी के बारे में 10 पेज नहीं पढे बो आज नेहरू जी को हैं गाली देता है
जिन्होनें महात्मा गांधी जी के बारे में 20 पेज में नहीं पढ़े वो बापू को गाली देता है।
नेहरु का रिकॉर्ड साल , महीने और दिन गिनकर नहीं तोड़ा जा सकता. नेहरु ने अपने कालखंड में जो किया और देश को जो दिया , उससे इन 12 सालों की तुलना ही नहीं की जा सकती . समाज में नफ़रत और ज़हर का घोल नेहरु ने नहीं घोला था . नेहरु ने बड़े -बड़े संस्थान तब बनाए थे , जब देश गुलामी से आज़ाद हुआ था . हज़ार तरह की चुनौतियां थी. आर्थिक तौर भारत बहुत कमज़ोर था. अंग��रेज गरीबी और तंगी हमारे हिस्से में छोड़ गए थे . वैश्विक पटल भी भारत एक आज़ाद मुल्क के तौर पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था . तब भी नेहरु ने ऐसे राष्ट्र की कल्पना को साकार करने की कोशिश की थी , जिसमें भाईचारा हो , मोहब्बत हो .धर्म आधारित ��ाजनीति न हो , सांप्रदायिकता न हो .
नेहरु ने तरक्की की ऐसी बुनियाद रखी थी , जिसमें नफ़रत और साम्प्रदायिकता की कोई जगह नहीं थी . और आज ?
मीडिया को गुलाम बनाकर अपनी चाटुकारिता करवा लेने से कोई नेहरु नहीं बन सकता .
महंगाई पर मुँह बंद
पेपर लीक पर मुँह बंद
हॉर्स ट्रेडिंग पर मुँह बंद
गैस और तेल के बढ़ते दाम पर मुँह बंद
USA की मनमानी पर मुँह बंद
एप्स्टीन फ़ाइल पर मुँह बंद
भुखमरी ���र बेरोजगारी पर मुँह बंद
मुँह खुलेगा सिर्फ़ ठहाके लगाने और झालमुड़ी खाने के लिए?
नेहरू जी की लकीर छोटी करने की बातें करने वालों, कभी नहीं कर पाओगे…….सात जन्मों में नहीं कर पाओगे।
थोड़ा पंडित नेहरू के बारे में पढ़ो तब समझ में आयेगा नेहरू किस शख़्सियत का नाम है।
एक निडर और सच्चे पत्रकार की पीड़ा
“जिन्होंने नेहरू की किसी किताब के 10 पेज नहीं पढ़े वो उनके बारे में न जाने क्या-क्या बक रहे हैं
जिन्होनें महात्मा गांधी की किसी किताब के 20 पेज नहीं पढ़े वो बापू को गाली देते हैं
प्रधानमंत्री के खिला��़ कुछ बोलो तो कहते हैं राष्ट्र के खिलाफ़ हो गया
सरकार के खिलाफ़ बोलो तो कहते हैं देश के खिलाफ़ हो गया”
कौन है मोहन भागवत, पीएम है सीएम है या कोई बड़ा सरकारी अधिकारी है?
जिस संगठन ने 52 साल तिरंगा तक नहीं फहराया, उसके अध्यक्ष पर नरेंद्र मोदी भारत की जनता के खून पसीने की कमाई ��्यों लुटा रहे हैं?
My heartfelt thanks to the Leader of Opposition in Lok Sabha, Thiru @RahulGandhi ji, for gracing my swearing-in ceremony with his presence. Your support and kind wishes are truly appreciated as we embark on this journey to serve the people.