@SanjayJhaBihar This all party delegation across the globe is an expression of the might of Indian democracy and its resolve in the fight against terrorism....Valour * Values !!!
Every major India-Pakistan crisis in this century was precipitated by an act of terror.
The ‘whole of society’ diplomatic outreach aims to convey that India will no longer absorb terror passively. 🇮🇳
#JaiHind#OperationSindoor
110 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार स दरभंगा आ बरौनी के बीच यहां कोनो ट्रेन होयत के ��ात्र 115 टका में पहुंचा देत से कहियो नहि सोचने छलहु।
समस्तीपुर स दरभंगा टेम्पो में 80 टका लगे छै आ गर्मी प्रदूषण असुरक्षा से अलग।।
मखाना बोर्ड का गठन होने से मिथिला के सुपरफूड की वैश्विक बाजारों में पहुंच बढ़ेगी और उत्पादकों एवं निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। #मखाना जल्द ही मिथिला और बिहार के युवाओं के साथ-साथ आनेवाली पीढ़ियों के लिए उद्यमिता और रोजगार का एक स्थायी साधन बनेगा।
पढ़ें, आज 'दैनिक जागरण' में प्रकाशित मेरा आलेख 👇
#MakhanaBoard #Makhana #FoxNut #MithilaMakhana #Mithila #Bihar @NitishKumar@Jduonline@JagranNews
नारी शक्ति से मजबूत हो रहा विकसित बिहार का आधार!
भारत सरकार द्वारा जारी आर्थिक समीक्षा 2024-25 के मुताबिक, बिहार में महिला श्रम बल भागीदारी दर (Labour Force Participation Rate) वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 20% हो गई है, जो वर्ष 2017-18 तक केवल 03% थी। जी हां, केवल 03% (देखें संलग्न चित्र)।
यानी बिहार के श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी पिछले छह वर्षों में करीब सात गुनी बढ़ी है। इस एक आंकड़े से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि नीतीश कुमार जी के मुख्यमंत्री बनने से पहले बिहार की आधी आबादी किस तरह घरों में कैद रहती थी।
मेरा मानना है कि यदि नीतीश सरकार के ऐसे बड़े कामों की सूची बनाई जाये, जिनसे बिहारी समाज में क्रांतिकारी बदलाव आया है, तो उनमें महिला सशक्तिकरण को सबसे ऊपर रखा जाएगा। मुख्यम���त्री @NitishKumar जी द्वारा छात्राओं की शिक्षा के लिए शुरू की गई दूरगामी प्रोत्साहन योजनाओं, पंचायती राज संस्थाओं तथा सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था और जीविका तथा उद्यमी योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किये गये प्रयासों ने आधी आबादी को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अ��सर उपलब्ध कराये हैं।
आज पूरे बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं घरों से बाहर निकल रही हैं, मुखिया-सरपंच बन कर अपने गांव-समाज का नेतृत्व कर रही हैं, शिक्षिका के रूप में नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रही हैं, पुलिसकर्मी के रूप में समाज की सुरक्षा कर रही हैं, अन्य सरकारी एवं प्राइवेट नौकरियों के साथ-साथ विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ कर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
हमें विश���वास है, NDA की डबल इंजन की सरकार के अगले पांच वर्षों में #बिहार में महिला श्रम बल भागीदारी दर और भी तेजी से बढ़ेगी। कहने की जरूरत नहीं कि विकास की गतिविधियों में आधी आबादी की बढ़ी भागीदारी से विकसित बिहार के निर्माण का मार्ग तेजी से प्रशस्त होगा।
#WomensDay #WomensDay2025 #WomenEmpowerment #NitishKumar #Bihar #EconomicSurvey2025
@SanjayJhaBihar For the realisation of the true potential of Vibrance of Bihar the soft power of #Mithila needs to be presented to a larger audience.
Film makers from Darbhanga r doing well in other languages.
We hv a good number of individual performers but still way behind being an industry!
@nildeoreIAS High fertility level above replacement rate is itself an indicator of backwardness and thereby need for greater attention.
How many more decades should Bihar await for basic growth enablers like roads, energy and agri infrastructure.
Also doesn't Bihar GSDP add to National GDP!
@bisnujha@NitishKumar Water resource management is to be learnt from water scarce regions...
it is all about social consciousness and Individual conduct...
Govt schemes and statutory norms can facilitate but society itself has to manage its commons.
मागधी अपभ्रंश से निकलल ओड़िया, असमी बंगला शास्त्रीय भाषा घोषित कयल गेल मुदा मैथिली दिस आंख मुइन लेल गेल।
आन भाषा में वर्णरत्नाकर जेहन गद्य वा कवि कोकिल विद्यापति जेहन पद्य नहि रहितहु सब शास्त्रीय भ गेल।
प्राथमिक शिक्षा तक में नहि छी
की मैथिली पछुआ जायत
अगिला 50 साल में ?🤔
मैथिली भाषा का संरक्षण एवं संवर्धन शुरू से मेरी शीर्ष प्राथमिकता रही है। इसे शास्त्रीय भाषा (Classical Language) की कोटि में शामिल करने का आधार मैंने वर्ष 2018 में ही तैयार करवा दिया था। मेरे प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा गठित मैथिली के विद्वानों की विशेषज्ञ समिति ने 31 अगस्त 2018 को पूर्ण की गई अपनी रिपोर्ट में जो 11 सिफारिशें की थीं, उनमें पहली सिफारिश थी- 'मैथिली भाषा लगभग 1300 वर्ष पुरानी है और इसके साहित्य का विकास स्वतंत्र रूप से अनवरत होता रहा है। अत: इसे शास्त्रीय भाषा की कोटि में रखा जाये।' पिछले छह ���र्षों में समिति की कुछ सिफारिशों पर काम हुए हैं, लेकिन इसे शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है। अब समिति की सिफारिशों के अनुरूप मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए जल्द ही माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी से मिलूंगा।
मेरे बहुत से स्नेहीजनों को स्मरण होगा कि मैंने 19 मार्च 2018 को दिल्ली में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी से उनके ��फ्तर में मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें मैथिली लिपि के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने तथा उसके लिए स्थायी तौर पर फंड आवंटित करने का अनुरोध किया था। सौम्य स्वभाव के धनी श्री जावड़ेकर जी ने मेरे ज्ञापन को सहर्ष स्वीकार करते हुए मैथिली लिपि के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए मैथिल विद्वानों को आमंत्रित कर विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश जारी कर दिये थे और इसके लिए नाम सुझाने का जिम्मा मुझे ही सौंप दिया था।
मैंने विशेषज्ञ समिति के गठन के लिए दरभंगा में मैथिल समाज के कई विद्वानों से मुलाकात कर विस्तारपूर्वक चर्चा की थी। उस दौरान मैथिली के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं मूर्धन्य विद्वान डॉ रामदेव झा जी (अब स्वर्गीय) से भी मेरी बात हुई थी, और उनसे इस समिति में शामिल होने का आग्रह किया था। लेकिन, उन्होंने स्वास्थ्य और उम्र की वजह से असमर्थता व्यक्त करते हुए अपना आशीर्वाद दिया और कुछ ��ामों के सुझाव दिए थे। मैंने सभी विद्वानों से व्यक्तिगत स्तर पर बात कर उनसे इस यज्ञ में शामिल होने के लिए आग्रह किया।
मैथिली के कई विद्वानों से गहन चर्चा के उपरांत मैंने 18 मई 2018 को केंद्रीय मंत्री को पत्र लिख कर विशेषज्ञ समिति के लिए चार नाम सुझाये थे, जिनमें एलएनएमयू के मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ रमण झा, संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ पं. शशिनाथ झा, एलएनएमयू के सेवानिवृत्त प��रोफेसर डॉ रत्नेश्वर मिश्र और महावीर मंदिर न्यास के प्रकाशन विभाग के पदाधिकारी पंडित भवनाथ झा के नाम शामिल थे। इस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 29 मई 2018 को विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गई, जिसमें मैथिली भाषा के उक्त चारो विद्वानों को शामिल किया गया था।
मैथिली भाषा एवं लिपि के संरक्षण, संवर्धन तथा विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति में शामिल चारो विद्वानों से ���ैंने नई दिल्ली में अपने आवास पर 5 जुलाई 2018 को मुलाकात कर विस्तृत विचार-विमर्श किया। समिति ने गहन मंथन के बाद 31 अगस्त 2018 को अपनी रिपोर्ट फाइनल कर उसे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को सौंप दी थी।
इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि #मैथिली भाषा के ��ंरक्षण एवं संवर्धन के लिए अब तक जितने भी काम हुए हैं, एनडीए की राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा ही किये गये हैं। माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी की पहल पर पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हम मिथिलावासियों की दशकों से लंबित मांग को पूरा करते हुए मैथिली भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल किया था। बिहार में वर्ष 2005 में जब नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में सरकार बनी, तब उन्होंने मैथिली को पुन: बीपीएससी के सिलेबस में शामिल किया; जिसे पूर्व की कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार ने सिलेबस से हटा दिया था। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर सौराठ (मधुबनी) में मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललितकला संग्रहालय की स्थापना की गई, जो प्राचीन एवं विश्वविख्यात मिथिला चित्रकला को संरक्षित करने तथा मिथिला की कला-संस्कृति के संवर्धन की दिशा में आजादी के बाद की सबसे बड़ी एवं ऐतिहासि��� पहल है।
मुझे विश्वास ��ै, केंद्र की एनडीए सरकार विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुरूप मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा भी देगी।
References:
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1. केंद्रीय मंत्री से मुलाकात:
https://t.co/9pjj2GvO82
2. चारि गोटेक नाम पर सहमति:
https://t.co/lPVRRvlgdl
3. विशेषज्ञ समिति का गठन:
https://t.co/yrlSWjpiWn
4. समिति बनाने के लिए धन्यवाद:
https://t.co/hsU3ukUr5u
5. समिति के साथ दिल्ली में विमर्श:
https://t.co/P9MYpGtPHa
#Maithili #Mithila #ClassicalLanguage @EduMinOfIndia
Would MCD consider doing a drone survey of all the illegal constructions in Delhi on the top floors and conduct a demolition drive or make it mandatory to pay RENT through Bank Accounts
That would never happen
These papers are nothing but papers
Far Far away from reality...
Watch: "It is tragic that three children have lost their lives...I have written to the MCD Commissioner, urging strict action against all coaching centers in Delhi under MCD's jurisdiction that are operating commercial activities in basements, violating building bylaws and norms. The completion certificate for this building in Rajinder Nagar, issued in 2021, explicitly states that the basement is designated for parking and storage only. Instead of engaging in a blame game, we must hold those responsible accountable," says Mayor Shelly Oberoi on Old Rajinder Nagar Coaching Centre case
People have stopped realising that in the past so many years their income has not increased....
Instead the tax slab is squeezing even the lower middle class with 5 % proposed tax....
It is stupid to celebrate one's status simply because of falling into top slab...Stagnated!!
If you ever questioned 30% Income Tax on income of ₹10 LPA, you must have got reply you're in top 10% of population hence is 30%.
With ₹10 LPA one can't even survive in cities like Mumbai, Bengaluru, Pune .. Why is govt. & everyone assuming your rich ?
Read on ..
.. 1/N