प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया - "ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से इलाके के गंभीर हालात पर बात हुई। बढ़ते तनाव और आम लोगों की जान जाने के साथ-साथ सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, साथ ही सामान और एनर्जी के बिना रुकावट आने-जाने की ज़रूरत, भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकताएँ हैं। शांति और स्थिरता के लिए भारत का वादा दोहराया और बातचीत और डिप्लोमेसी की अपील की।"
ज़िम्मेदार अफ़सर और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता में कुछ तो फर्क रहने दीजिए।
वैश्विक संकट के दौर में जंग की आहट चूल्हों तक पहुँच रही है तब DSP कुलदीप कुमार का बयान मरहम होना चाहिए था मगर अफ़सोस ये न कानून की भाषा है न तहज़ीब की।
वर्दी का काम अमन कायम करना है या नफ़रत को हवा देना?
शौर्य की प्रतिमूर्ति छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
शिवाजी महाराज वीरता, दूरदर्शिता और न्यायप्रिय नेतृत्व के अद्वितीय प्रतीक हैं।
उनका जीवन दर्शन और साहस हमें आज भी अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है।