ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और 'वोट चोरी' का गवाह बनना चाहिए।
इसी मांग के साथ आज देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर हैं।
वोट चोरों को बख्शा नहीं जाएगा, सबका हिसाब होगा।
📍 पटना, बिहार
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं - आपका योगदान अमूल्य है।
आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवाज़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कहानी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउंड, पुणे
#ChhatronKiGoonj
जब अमित शाह बोलते हैं, तो क्या आप (मीडिया) उन्हें टोकते हैं?
अमित शाह में ऐसा क्या खास है कि पूरा मीडिया चुप होकर खड़ा हो जाता है?
जब देश के छात्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी उनसे नहीं डरना चाहिए।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
हम छात्रों के खून का हिसाब मांगने प्रधानमंत्री के घर आए हैं - युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती।
देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने, और उनके ख़िलाफ क्रूरता के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।