ये खुद को एक पत्रकार कहता है और इसकी पत्रकारिता का अंदाजा लगा सकते है।जबसे गुंडा स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी हुई और कोर्ट के द्वारा उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है।तब से लेकर अभी तक न जाने कितने ट्वीट कर दिया।इतना प्यार है इसे उस गुंडे से कही ये भी उसका बड़ा भाई तो नहीं है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने गलत किया तो 70 दिन बाद भी SC/ST लगा दिया जाएगा और वो जेल जाएगा लेकिन उसको पीटनेवाले वीडियो में दिख रहे हैं पर उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
अजीत भारती को गाली देनेवाले का बाल भी बांका नहीं होगा लेकिन अजीत के जवाब पर SC/ST एक्ट भी लगेगा और उसको एंटीसिपेटरी बेल भी नहीं मिलेगी।
ये सिर्फ दो उदाहरण नहीं हैं.. यही आज की डेट में हमारे समाज की सच्चाई है।
सवाल बस इतना है कि जब किसी के गलत पर होनेवाला कानूनी एक्शन उसकी जाति देखकर होता है तो वो प्रक्रिया बटेंगे तो कटेंगे की कैटेगरी में आती है या नहीं?
जब देश की व्यवस्था ही हमें एक नहीं मान रही तो काहे का एक हैं तो सेफ हैं फिर? आज कोई और है.. कल को हममें से कोई होगा। बस अपनी बारी का इंतजार कीजिए।
सड़क बनेगी तो धसेगी,धसेगी तो लोग मरेंग,लोग मरेंगे तो थोड़ा बहुत मगरमच्छ की आँसू बहाकर शोक व्यक्त करके निकल लेंगे।फिर सड़क बनेगी तो उसमें कमीशन बनेगा,कमीशन बनेगा तो जेब गरम होगी।जेब गरम होगी तो बेटा विदेश में पढ़ेगा।और ये सिलसिला चलता रहेगा फिर ऐसे हम एक दिन विश्वगुरु बन जाएंगे।
अरे आंटी कहना क्या चाहती हो?इसका जिम्मेदार MCD- म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली नहीं है दिल्ली गवर्नमेंट नहीं है तो कौन है।अच्छा अब समझा इसका जिम्मेदार नेहरू जी है।सच बोला न आंटी।
लगता है कि अंटी का पेमेंट टाइम पे नहीं मिला। तभी तो बहकी बहकी बाते कर रही है। पेमेंट आ जाएगा कभी कभी देर हो जाती है।तो संयम रखे मिल जाएगा आपकी पेमेंट डियर आंटी।
राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरा था ….जान गई थी तो अचानक से सिस्टम चौकन्ना हो गया था…. फिर भूल गया । आज दिल्ली में दूसरी जगह ‘मौत की पीजी’ सामने आई तो सिस्टम फिर तेज़ हो गया ।
इस सिस्टम में बहुत फिसलन है , यह सिस्टम चिकने घड़े की तरह है ।
#SatyaNiketan
अबे पहले मुंह से सुपारी निकाल के बोल। अब ये भी अंटी@RubikaLiyaquat कि तरह बोलेगा कि मैं एक लाख चार हजार(100004) ऐसे ही लिखता हुमुझे मेरे गुरु ने यही सिखाया है।तुम्हे जो करना है कर लो मैं ऐसे ही लिखूंगा।@sushantbsinha अपने पाठशाला
का ज्ञान अपने पास रख।ख़ैर टीचर्स डे की शुभकामनाएं।
@RajLaveena डियर आंटी उसने जो भी बोला उसके लिए थाना कोर्ट-कचहरी है।कानून के हिसाब से उसके ऊपर करवाई बनती है होनी चाहिए।लेकिन ये गुंडा कौन होता है? इस बात के लिए किसी पे जानलेवा हमला करे। ये अधिकार क्या सत्ता ने दे रखा है इसे कि जो भी सरकार के खिलाफ बोले उसे जान से मार दो?@raajlaveena
क्या मजबूरी रही होगी इस पुलिस वाले की? एक बंदे को भाई भाई बोल कर चुप करा रहा है।अगर इसके जगह अगर कोई और होता तो यही पुलिस वाले अपने पुरी ताकत उसके ऊपर दिखा दिया होता।पर यहाँ पे पावर दिख रही है।
आ गए महोदय किया धारा कुछ नहीं श्रेय लेने कूद पड़े मैदान में।इन महोदय को लगता है कि अपने पाले हुए गुंडे की खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी इनकी बदौलत हुई है।कल से ये मामला सुर्खियों में लेकिन इनके मुँह से चु तक नहीं निकला।और आज मीडिया में आकर सफ़ाई दे रहे है।नेता किसी के नहीं होते।
पर क्या फायदा मैडम?ये आतंकी महज़ कुछ ही दिनों के बाद सभी को बाहर दिखाई देगा।चाहे इस चूतिया पे अटेम्प्ट टू मर्डर (307)का धारा ही क्यों ना लगा हो? इस आतंकी ने ऑन कैमरा बोला था कि इसके ऊपर बड़े भाई चिराग पासवान कपिल मिश्रा और बड़े भाई के बड़े भाई नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद है इसके साथ
क्या दिमाग से पैदल हो कल दिल्ली पुलिस के द्वारा एक महिला पत्रकार को सरकार से सवाल पूछने पर निर्दयी तरीके से पिटा गया।उस पर मुँह तक नहीं खोला जब वो गुंडा भारद्वाज खुलेआम बोल रहा था तब तू चुप था।अब किसी ने उसकी सुताई कि बात कर रहा है तो बहुत जल्द आ गया जांच कराने शर्म नहीं आती।
दिल्ली पुलिस को इस वीडियो का भी संज्ञान लेना चाहिए.. स्वतंत्र भारद्वाज ने हिंसा की है तो उसपर कार्रवाई कीजिए लेकिन अगर उसके साथ भी हिंसा हुई है तो उसको भी जांच में शामिल कीजिए..
इस वीडियो में बहुत कुछ साफ है कि क्या हुआ था वहां।