"I am personally proud of the holocaust of Gaza, and that 80 years from now, they will tell their grandchildren what the Jews did"
-Flora May Bedra-Golan, Israeli Minister of Social Equality.
*“प्रधानमंत्री मोदी, 3 कैबिनेट मंत्री और 150 सिविल सेवा अधिकारी अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित प्रोग्राम्स का हिस्सा रहे हैं।”*
आइए आपको एक कहानी सुनाता हूँ:
आप सबने नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले की पुरानी तस्वीरें ज़रूर देखी होंगी जिनमें वे अमेरिका के दौरे पर नज़र आते हैं। एक तस्वीर में तो वाइट हाउस के बाहर भी खड़े दिखाई देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नरेंद्र मोदी का पहला अमेरिका दौरा 1993 में हुआ। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के 3 दौरे और किए।
आख़िरी अमेरिकी दौरा 1999 में हुआ जहां उन्होंने कथित तौर पर ट्रेनिंग भी ली थी। ये ट्रेनिंग किस विषय की थी, किसने दी, कहाँ दी- इस बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। गौरतलब बात ये है कि इस इस दौरे पर ट्रेनिंग लेने के तुरंत बाद 2001 में रहस्यमई तरीके से गुजरात के मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का इस्तीफ़ा ले लिया गया जो कि भाजपा को गुजरात में बहुमत दिलवाकर लाए थे।
केशुभाई पटेल की जगह कई सीनियर नेताओं को दरकिनार करके नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया जो कि विधायक तक नहीं चुने गए थे। नरेंद्र मोदी के शपथ लेते ही कुछ महीने के अंदर अंदर गुजरात में दंगे करवाए गए। वही दंगे, जिन पर अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वयं मीडिया के सामने नरेंद्र मोदी को राजधर्म का पालन करने की सलाह दे दी थी।
आज जब हम नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री के रूप में देखते हैं तो उनकी विदेश नीति पर बड़े सवाल उठते हैं। सारे प्रोटोकॉल तोड़ते हुए, सभी नियमों को ताक़ पर रखते हुए नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प के चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। भारत की नीतियों की बलि चढ़ाते हुए ट्रम्प ने भी जमकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए प्रचार किया।
इसके बाद का समय देखें तो भी नरेंद्र मोदी रहस्यमई तरीके से अमेरिका के आगे हर एक मुद्दे पर सरेंडर करते हुए नज़र आते हैं। चाहे वो टैरिफ़ लगाने का मामला हो, अड़ानी के केस का मामला हो, अमेरिका द्वारा भारतीयों को बेड़ियों में बांधकर वापस भेजने का मामला हो, किसान विरोधी ट्रेड डील हो, ऑपरेशन सिंदूर हो, या अमेरिका द्वारा 3 भारतीय नाविकों की हत्या का मामला हो, नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक रूप से अमेरिका के आगे झुके हुए दिखाई दिए हैं।
एक के बाद एक मौक़े पर नरेंद्र मोदी वही करते दिखाई दिए हैं जो जो अमेरिका चाहता गया है। ऊपर बताए हुए किसी भी मामले में नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने भारत का स्टैंड नहीं रखा। हमेशा एक दब्बू प्रधानमंत्री बनकर अमेरिका की जी हुजूरी में लगे रहे हैं और अमेरिका के हित में भारत के हितों को सूली चढ़ा दिया। अभी हाल ही में ट्रम्प ने कहा भी था कि पहले के प्रधानमंत्रियों के शासन में अमेरिका को नुक़सान होता रहा लेकिन जब से उनके परम मित्र मोदी आए हैं, तब से अमेरिका को फायदे पहुँचाए जा रहे हैं।
आख़िर ऐसा क्या है अमेरिका के पास मोदी के बारे में जो उसने कठपुतली की तरह अपने इशारों पर मोदी को नचाया हुआ है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प कहते हैं कि वो एक झटके में नरेंद्र मोदी का राजनैतिक कैरियर खत्म कर सकते हैं, तो वो ऐसे ही नहीं बोल रहे। ज़रूर कुछ ना कुछ ऐसा है जो पूरी दुनिया से छुपाया हुआ है अमेरिका ने, ज़रूर कोई न कोई फाइल है जो अमेरिकी सरकार या उनके ख़ुफ़िया विभाग CIA के पास है। वरना हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को कोई देश झुका दे दुनिया में, यह संभव ही नहीं है।
अब अमेरिका सरकार की एक उच्च अधिकारी ने बताया है कि नरेंद्र मोदी उस प्रोग्राम का हिस्सा थे जो अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित है और वो “मिशन इंडिया” का अहम हिस्सा रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और CIA इस तरह के अभियान चलाने में कुख़्यात रहा है। दूसरे देशों में अपने कठपुतली राष्ट्राध्यक्ष बैठाना, चुनावों को प्रभावित करके सत्ता में हस्तक्षेप करना जैसे कामों में CIA को महारथ हासिल है।
नरेंद्र मोदी और भाजपा को उनके विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, देश को पता होना चाहिए कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में किस संस्था के साथ ट्रेनिंग ली, कैसी ट्रेनिंग थी? उनका अमेरिका के साथ क्या रिश्ता है? अमेरिका के सामने घुटने क्यों टिके रहते हैं नरेंद्र मोदी के? अमेरिका की ख़ुशामद के चक्कर में भारत के हितों को कैसे दांव पर लगा सकते हैं नरेंद्र मोदी?
JUST IN: Tucker Carlson blasts Nikki Haley, Lindsey Graham and Dan Crenshaw for being warmongers with their responses to the Israel-Hamas war.
Carlson specifically blasted Graham for "not caring" about lost lives because he is nearly 70 years old with no kids.
"What exactly would happen to the United States if we declared war on Iran and started blowing up their infrastructure?"
"Lindsey Graham has no clue what would happen. He hasn't thought it through. He's almost 70 years old and he has no children. He doesn't care."
"But neither amazingly do most of his colleagues in Washington, they're as reckless as he is."
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Tesla Full Self-Driving capability demo in Austin
FSD capability features use vision neural networks to perceive & understand the world, just like humans do.
Via our unique fleet learning approach, we are able to collect anonymized data from our vehicles—meaning the neural nets have learned from a few orders of magnitude more driving scenarios than the average human driver (including unusual & weird ones!)
कांग्रेस जो कहती है वो करती है, भाजपा जैसे खोखले वादे नहीं करती!
कर्नाटक में 5 गारंटी लागू हो गईं
✅गृह ज्योति: 200 यूनिट मुफ्त बिजली
✅गृह लक्ष्मी: महिलाओं को ₹2000
✅अन्न भाग्य: गरीबों को 10 किलो चावल
✅युवा निधि: ग्रेजुएट युवाओं को ₹3000
✅शक्ति: महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा