इसी लायक है ये
कोई बात नहीं बेटा फिर से बोल,अबकी बार...
10000 दिए गए थे, वो किराया ही तो दिया था
इनको गालिया देने को मन कर रहा है लेकिन हमारे संस्कार गालिया देने के नही है
कब तक तुम लोग पैसों के लालच में आकर अपने आने वाली नस्लो की जिंदगी खत्म करते रहोगे
तुम लोगों को इतनी अकल नहीं जो 10,000 रुपए का लालच तुम लोगों को दे रहा है
और बदले में तुम से आपका वोट मांग रहा है, तो वो जब जीतेगा तो 10,000 के 10,00000 तुम लोगों से ही वसूलेगा।