#NSUI के राष्ट्रीय पूर्व सचिव एवं राजस्थान युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव युवा नेता माननीय भरत सराधना जी की धर्मपत्नी श्रीमती मंजूला देवासी जी को राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पद हेतु अपना अमूल्य मत एवं समर्थन देकर विजयी बनायें।
@BharatSaradhana@IYC
#जालौर#सिरोही में युवाओं की बुलंद आवाज आबू पिंडवाड़ा कांग्रेस के प्रभारी , पूर्व प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस , पूर्व राष्ट्रीय सचिव @nsui बड़े भाई श्री भरत सराधना जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
@BharatSaradhana
रबारी समाज बेहद शांत समाज है मुख्यरूप से ये पशुपालन के कार्य से जुड़ा है वर्तमान में बदलते परिवेश में ये विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा हैं
ख़ासतौर से जब वे एवड़ लेकर गोल जाते है तो उन्हें बहुत सी तकलीफें झेलनी पड़ती है
कई बार मारपीट ओर हत्याएं तक सामने आयी है।
वर्तमान जो इन्होंने दस सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलन शुरू किया है उस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए
@BhajanlalBjp@JoraramKumawat@RajCMO
Is this the right time to safeguard your family? For years, my family has been facing threats from an ex-minister of the past government, along with his son, and several other officials.
They are allegedly seeking to harm my family with the support of certain individuals from Jalore, Sirohi, and the trustees of the Sundha Mata temple.
My fight for the weaker section of the society, a drug-free society, and other causes will continue. Time will tell
Not a long time but will speak a day after.
@kharge@RahulGandhi@INCRajasthan@INCIndia@SachinPilot@TikaRamJullyINC@PoliceRajasthan
|| सर सुन्धे, धड़ कोटड़े, पग पिछोला री पाल,
देवी आप बिराजिया आवरी, गले फूलों री माला..।
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'. || 🙏😊
राजस्थान में कोसों दूर तक फैले मरूभूमि के अंतर्गत अरावली पर्वतमाला की श्रृंखला में जालौर जिला है, जहां पर ऐतिहासिक और पौराणिक सौगंध पर्वत स्थित है। इस पहाड़ को #सुंधा_पहाड़ के नाम से भी जाना जाता है। इस पहाड़ के 1220 म��टर की ऊंचाई पर #मां_चामुंडा देवी का मंदिर स्थित है, जिसे सुंधा माता का मंदिर भी कहा जाता है।भक्तों के लिए यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माउंट आबू से 64 किलोमीटर की दूरी पर है। 900 साल पुराना यह मंदिर जैसलमेर के पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित किया गया है। मंदिर के आगे बहने वाला झरना इस मंदिर की शोभा को बढ़ाता है। यहां पर राजस्थान का पहला रोपवे भी लगा हुआ है। जो पूर्व मुख्यमंत्री @VasundharaBJP के कार्यकाल में बनाया गया था।
सुंधा माता मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर और आकर्षक है, इसी के कारण यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बनाया गया है। विशाल पर्वत के नीचे मां चामुंडा देवी की एक बहुत सुंदर मूर्ति भी स्थापित है। हाथ में खड्ग और त्रिशूल धारण किये महिषासुर मर्दिनी स्वरूप की यह प्रतिमा बहुत सजीव लगती है।
माता के पार्श्व में वैष्णवी, वाराही, नारसिंही, ऐन्द्री, कौमारी, ब्रह्माणी, शाम्भवी आदि मातृ शक्तियाँ भी प्रतिष्ठित हैं। मंदिर का परिसर दो खंडों में विभाजित है। अग्रिम खंड में भूभुर्वः स्वेश्वर महादेव का शिव मन्दिर है, जहाँ उक्त शिवलिंग स्थापित है। वहीँ दूसरे खंड में सुंधा माता का मंदिर है।
मुख्य मंदिर में भगवान शिव और पार्वती सहित गणेश की मूर्त��� भी स्थापित है, जो बहुत ही पुरानी और विलुप्त मानी जाती है। क्योंकि यहां पर भगवान शिव जिस महेश के ऊपर विराजमान है, उनका मुंह मानव आकार का है, वहीँ सिंघ महेश जैसा हैं। भगवान शिव के दोनों हाथों में त्रिशूल है, पिछले हाथों में वीणा धारण किए हुए हैं, गले में मणि माला धारण किए हुए हैं। भगवान शिव की यह प्रतिमा एक दुर्लभ और उत्कृष्ट कलाकृति है।
यहाँ मां चामुंडा के सामने भुरभुव स्वावेश्वर शिवलिंग भी व��स्थापित है। यहां पर मां चामुंडा के मस्तिष्क की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां चामुंडा की सूंड कोरटा में और पैर सुरपाल में स्थापित है।
मंदिर के परिसर में तीन ऐतिहासिक शिलालेख भी है, जो यहां के इतिहास के बारे में बताता है। पहला शिलालेख चौहान की जीत और परमार के पतन का वर्णन करता है, जो 1262 ईसवी पुराना है। वहीँ दूसरा शिलालेख 1326 ईसवी का है और तीसरा 1727 ईसवी का है।
माता का मंदिर सड़क मार्ग से अच्छे ��े जुड़ा हुआ है। मंदिर का प्रवेश द्वार काफी विशाल और कलात्मक तोरणद्वार है। वहां से मां सुंधा देवी के मंदिर तक सुगम��ा से पहुंचने के लिए पहाड़ों पर सीढ़ियां बनाई गई है। सुविधा के लिए ऊपर चढ़ने के लिए रोप वे भी बना हुआ है। सीढियाँ चढ़ने पर आगे भव्य सभामण्डप देखने को मिलता है, जो विशालकाय स्तम्भों पर टिका है। मंदिर के बाहर एक झरना भी है, जो इस मंदिर की शोभा को बढ़ाता है। अभी बारिश में यहां झरने बह रहे है। ये स्थल प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहां भाव जी देवासी को सुंधा माता ने साक्षात दर्शन दिए थे।
कानियों व��लियों भी इन्हीं पहाड़ों में रहते थे। ये जगह बड़ी रमणीक और ऐतिहासिक है। ये जगह के दर्शन जरूर करने चाहिए।
#जय_सुंधा_माता
#जय_चामुंडा_मां
#शक्ति_दें
#SundhaMata #Jalore #Rajasthan
#BoycottTurkey #IndianArmy #Raniwara #Bhinamal @8PMnoCM @arvindchotia @1K_Nazar @AdityaRajKaul @anjanaomkashyap @KumariDiya @gssjodhpur @BhajanlalBjp @my_rajasthan
आप लोगों ने MLA रतन देवासी जी को बहुत आशीर्वाद दिया है!
आगे भी देते रहना✔️🙏
आने वाला भविष्य बहुत अच्छा है,
उनको अभी तक जो भी नहीं मिला वह 28 में मिल जाएगा ऐसी मुझे पूरी उम्मीद है 💯
"सचिन पायलट जी "
मंडोली नगर जालौर में!
@SachinPilot
सचिन पायलट जी का ओर रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी जी की दोस्ती अपनापन 🙏
मैं जानता हूं रतन जी अच्छी गुजराती बो���ते हैं! मेरे को इतनी नहीं आती मैं समझ लेता हूं!
रतन जी की गुजराती और मारवाड़ी दोनों अच्छी है!
प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन में
"श्री सचिन पायलट जी"
@SachinPilot
श्री भरत जी सराधना को राजस्थान कांग्रेस कमेटी द्वारा पिंडवाड़ा आबू विधानसभा संगठन प्रभारी नियुक्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। @BharatSaradhana
रानीवाड़ा से विधायक रतन देवासी ने आज विधानसभा में जसवंतपुरा में एकलव्य आवासीय विद्यालय को पूर्व में आवंटित जमीन को लेकर जिला शिक्षा विभाग द्वारा उसी जमीन के ऊपर जमीन को आवंटित कर दी गई। जिसको लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से आवासीय विद्यालय को 8 हेक्टर जमीन, आवासीय विद्यालय का निर्माण शुरू करने व दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर स्थगन प्रस्ताव पर बोला। @madandilawar@RatanDevasiINC@DmJalore
अगर मेरे जूते मारने से आपका जिला वापिस आ जाता है तो मैं जूता खाने के लिए तैयार हूँ। यह धरना बंद कर दो औ�� मुझे बता दो कहां पर आना है, आ जाता ह��ँ - रतन देवासी MLA
जिन लोगो ने मुझे चुना है वॉट दिया चुनाव से पहले जो वादा किया है!
अगर में वह बात रखूंगा तो मैं गलत हो गया?
किस की कहा दोस्ती है मुझे पता नहीं है क्या में पिछला चुनाव हारा था!
मुझे सब पता है कोन कांग्रेसी है कोन नह��� मेरे लोगो की पैरवी में करता रहूंगा!
(रतन देवासी रानीवाड़ा MLA)