बिहार : जमुई की घटना पर फूटा प्रियंका गांधी का गुस्सा
◆ कहा, "यह बहुत बुरा है, महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं, महिलाओं के लिए माहौल असुरक्षित हो गया है"
#NandanYadav | Nandan Yadav | @priyankagandhi
बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बिहार में अब कहीं भी, कभी भी, कोई भी छात्रा और महिला सुरक्षित नहीं है। गुंडे अपराधी अब दिन दहाड़े स्कूलों, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे है।
महिलाओं को 10 हज़ार रूपया नगद देकर और चुनाव बाद दो लाख ₹ ओर देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौनी बाबा बन चुके है। एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।
बिहार का खजाना लुटाकर तथा महिलाओं को 2 लाख रुपए देने का लालच देकर श्री नीतीश कुमार तो चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चल दिए।
विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से ही एक बीमार मुख्यमंत्री से 41 हज़ार करोड़ रुपए बंटवाकर तथा तंत्र व यंत्र से विजय हासिल कर घमंड में डूबे बीजेपी के दो शीर्ष नेता नौसिखिए हाथों में बिहार की बागडोर देकर, पता नहीं बिहार से किस जुर्म का बदला ले रहे है?
बिहार के इस हालात के अकेले ज़िम्मेवार प्रधानमंत्री श्रीमान @narendramodi जी हैं। भाजपा और उनकी पिछलग्गु पार्टियों को ऐसी घटनाओं पर शर्म भी नहीं आती।
बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता।
@officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।
बिहार के जमुई में बीच सड़क पर एक लड़की के साथ बलात्sकार की कोशिश की गई. कहाँ हैं मोदीजी? बेटियाँ बच नहीं पा रही हैं. आप बेटियों को बचा नहीं पा रहे हैं या उन्हें बचाना ही नहीं चाहते? खैर! बेटियों से माफ़ी मंगवाने वालों से बेटियों का सम्मान बचाने की उम्मीद करना मूर्खता ही है
@narendramodi@AmitShah
ख़ुद दूसरों की माँ को जर्सी गाय और पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड कह रहे थे तब माँ का सम्मान हो रहा था? क्या वो गाली नहीं थी? मणिपुर में दूसरों की माताओं-बहनों को नंsगा करके घुमाया गया तब क्यों चुप थे?
आख़िरकार हौसले की जीत हुई! सलाम है बहन कुलसुम बानो को। 🫡
जब सिर्फ़ बुर्क़े और दुपट्टे की वजह से NEET परीक्षा केंद्र पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तब उन्होंने चुपचाप लौटने के बजाय अपने अधिकार और सम्मान के लिए आवाज़ उठाई। न डरीं, न झुकीं, न पीछे हटीं।
पूरी जांच और नियमों के पालन के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली। यह उन लोगों के लिए भी जवाब है जो हर बार मुस्लिम पहचान को शक की नज़र से देखते हैं।
कुलसुम बानो की जीत सिर्फ़ एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि अपने हक़, अपनी पहचान और अपने आत्मसम्मान के लिए डटकर खड़े होने की जीत है।
सलाम है इस हौसले को। 🫡🔥
RT रुकने नहीं चहिये इससे दूसरी बेटी को himmat milegi