तीन तलाक़ पर तो खूब चर्चा कर लिए अब इसपर भी चर्चा होनी चाहिए।
मध्य्प्रदेश के इंदौर में रहने वाली एक युवती का आरोप है कि उसकी शादी की पहली रात उसके ससुराल वालों ने उसकी वर्जिनिटी चेक करने के लिए गलत तरीके अपनाए, जिससे उसे मानसिक और शारीरिक यातनाओं का सामना करना पड़ा।
पीड़िता की शादी दिसंबर 2019 में भोपाल के एक युवक से हुई थी। अगले कुछ सालों में पीड़िता गर्भवती हुई लेकिन ससुरालवालों की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के चलते उसका मिसकैरेज हो गया, इसके बाद पीड़िता फिर से माँ बनने वाली थी लेकिन पति की पिटाई के चलते अजन्मी बच्ची की पेट में ही मौत हो गई, पीड़िता ने मृत बच्ची को जन्म दिया।
इसके बाद भी महिला पर अत्याचार रुके नहीं और पति और ससुरालवालों ने उसे मारना पीटना जारी रखा, इन सबके बावजूद पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, उसे लगा बच्ची के जन्म के बाद हालात सुधर जायेगे लेकिन प्रताड़ित करने का क्रम ससुरालवालों का जारी रहा।
इसके बाद 2024 में महिला के देवर के साथ ससुरालवालों ने उसे मायके के लिए रवाना कर दिया, देवर भी महिला को आधे रास्ते में छोड़कर चला गया।
पीड़िता अपनी मासूम बच्ची को लेकर मायके पहुंची और लंबा समय गुजर जाने के बाद भी उसे लेने न तो पति और ही ससुराल से कोई आया, जिसके बाद आखिरकार महिला ने पूरे मामलें की शिकायत करते हुए कोर्ट में अपील की, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए ससुरालवालों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया।
यह @narendramodi जी का मंत्री है। इसकी नफ़रती भाषा के लिए भी इसे मंत्री बनाया गया है। एक सप्ताह से यह यात्रा निकाल रहा था। सवाल यह है कि मंत्रालय से इतने दिन ग़ैर हाज़िर रहने पर मंत्रालय का काम कौन करता है? ग़ैर हाज़िर रहने पर वेतन में कटौती नहीं होती? क्या किसी अफ़सर, कर्मचारी के लिए ऐसी सुविधा है? यह नफ़रती अंकिल जनता के पैसे से अपना पेट भरता है और फिर जनता को जनता के खिलाफ भड़काता है।
अलीगढ़ : एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी मंदिर के पुजारी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही उस पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
Remember this video of Bajrang Dal goons trying to stop Burqa-clad women from applying Mehndi on Hindu women on the eve of Karwa Chauth? This incident happened in Karol Bagh, Delhi, Capital city of India.
Not in UP, Bihar, Haryana, MP. C'C @DCPCentralDelhi@CPDelhi@DelhiPolice
दादरी में गोमांस खाने के शक में 27 अगस्त को साबिर मलिक की पीट–पीटकर हत्या कर दी गई थी।
अब फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में पता चला है कि वो गोमांस नहीं था।
अब सवाल ये उठता है कि उन दंगाइयों के साथ क्या होना चाहिए?? RT
मंदिर के #तीन_पुजारियों ने अकेली लड़की का किया बलात्कार, फिर गला दबा कर उसे पहाड़ियों से फेक दिया नीचे,
अंधभक्तों #धीरेन्द_शास्त्री को बोलो हवस का पुजारी ही होता है मौलवी नहीं!!!
हरियाणा में पश्चिम बंगाल के मुस्लिम मजदूर साबिर मलिक की गाय का मांस खाने के संदेह में गौ रक्षक गुंडों ने हत्या कर दी थी!
अब फोरेंसिक लैब ने खुलासा किया है कि वह गोमांस नहीं था!
पुलिस ने "अभिषेक, रविंदर, मोहित, कमलजीत और साहिल सहित 10 गौरक्षकों को साबिर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है!
इस मामले में 6 और आरोपियों को गिरफ्तार करना बाकी है!
जब इस बात का खुलासा हो गया है तो नेशनल मीडिया इस पर कोई डिबेट नहीं करेगी??
हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग नहीं करेगी??
आखिर कब तक झूठा आरोप लगाकर भीड़ मुस्लिमों की जान लेती रहेगी??
कब तक जानवर के नाम पर हत्या होती रहेगी??
अज़ान बंद करवा दी, सड़कों पर नमाज़ नहीं होती, इन सब चीज़ों के अलावा और कोई अचीवमेंट नहीं है महाराष्ट्र की जनता को बताने के लिए ? अज़ान की आवाज़ को चिल्लाहट बताकर देश के 25 करोड़ मुसलमानो की भावनाओं को ठेस पहुँचाने की कोशिश नहीं है ये ?
ऐसे ही फ़र्ज़ी न्यूज़ के मामले में हमारा देश दुनिया भर में बदनाम नहीं हुआ है। 2021 में एक रिफायनरी में लगी आग की फोटो लगाकर यहाँ उस इज़रायल के लिए माहौल बनाया जा रहा जिसके अखबार खुद भी किसी नुक़सान का दावा नहीं कर पा रहे।
बाक़ी भाषाई नीचता में इनका मुक़ाबला कौन कर सकता है? माँ-बाप ने शायद यही भाषा सिखाई हो।