मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती।
दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।
अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं।
दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सज़ा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो।
महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए।
आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
बहुत हुआ, चलो युवा,
हाथ से हाथ जोड़ के,
अन्याय का घड़ा फोड़ के।
युवा ख्वाब ये जल जाएंगे,
सिंहासन तब हिल जाएंगे,
छात्रों की गूंज, ये है छात्रों की गूंज।
शिक्षा Revolution की ओर देश के सभी छात्रों और युवाओं का उत्साह और जोश बढ़ाने के लिए #ChhatronKiGoonj Anthem.
बदलाव अब दूर नहीं।
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
2nd ग्रेड में 62% पद वृद्धि - मामला कोर्ट में
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फॉर्म Re-Open करना RPSC के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन हठधर्मिता के अलावा कुछ नहीं !
माननीय हाईकोर्ट पर भरोसा है न्याय होगा !
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इस लड़ाई को लड़ने वाले विद्यार्थी - दीपिका वर्मा, सुनील माली, केशव, वीरेंद्र, सीताराम, गोविंद दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, CMO जाना हो, नेताओं से मिलना, सचिवालय में अधिकारियों से मिलना और RPSC जाकर अपनी बात रखना आपका प्रयास काबिले तारीफ है .... हार- जीत जो भी होगी देखा जाएगा !
आप सभी विद्यार्थियों से मेरा अनुरोध है,अगर आप इनके साथ नहीं जा सकते तो कम से कम घर बैठे सोशल मीडिया पर इनका साथ दीजिए,टाँग खींचने की बजाय इनका हौसला अफजाई कीजिये, मुझे भरोसा है आप प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष साथ देंगे ।
प्रिय साथियों,
धौलपुर ,भरतपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलवाने से जुड़े मुद्दों और समाज के हितों की रक्षा के लिए कल दिनांक 22 जून 2026 को भरतपुर में जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आयोजित आरक्षण हुंकार रैली में आप सभी की गरिमामयी उपस्थिति आवश्यक है ।
यह केवल एक सभा नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए एकजुट होकर अपनी बात रखने का अवसर है।
आइए, अधिक से अधिक संख्या में कल भरतपुर पहुँचकर समाज की ताकत और एकता का परिचय दें।
आपकी भागीदारी ही जाट आरक्षण संघर्ष समिति को मजबूती प्रदान करेगी।
मुझे भी आरक्षण संघर्ष समिति ने आमंत्रित किया है, मैं कल समर्थकों के साथ भरतपुर जाऊंगा |
"एकता हमारी शक्ति है, अधिकार हमारा संकल्प है।"
📍 स्थान: नुमाइश मैदान,भरतपुर,
समय : सुबह 11:15 बजे से
राज. SI परीक्षा 2025 का लिखित परीक्षा चरण उत्तीर्ण हुआ।
कई बार हालात ने हिम्मत तोड़ने की कोशिश की, लेकिन भगवान ने हर बार संभाल लिया।
यह ईश्वर की कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद और अपनों के विश्वास का परिणाम है।
अभी सफर बाकी है आगे के चरणों हेतु भी आप सभी की दुआएँ और आशीर्वाद रहे।
आज जिस प्रकार से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से राजस्थान विश्वविद्यालय के गेट के पर प्र'दर्शन किया जा रहा था उनको पुलिस द्वारा जिस प्रकार से गि'रफ्तार किया गया बहुत ही निं'दनीय है पुलिस डराने का प्रयास न करे यह हनुमान बेनीवाल की सेना है डरने वाली नहीं है ।
@hanumanbeniwal
भैराणा धाम में अधिकारियों के साथ हुई वार्ता विफल, RLP सुप्रीमों व नागौर सांसद श्री हनुमान बेनीवाल जी ने किया जयपुर कूच का ऐलान,हजारों समर्थकों के साथ भैराणा से राजधानी जयपुर की तरफ रवाना हुए सांसद |
आगामी 27 मई को जयपुर जिले की मौजमाबाद तहसील स्थित पावन दादू पालाकां, भैराणा धाम में साधु-संतों की ऐतिहासिक महापंचायत आयोजित होने जा रही है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौमाता, गौचर भूमि, पर्यावरण, संस्कृति और जनअधिकारों की रक्षा के लिए उठी जनआवाज़ है। आज जब संत समाज भीषण गर्मी में समाज और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है, तब हम सबका नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम उनके इस आंदोलन को मजबूती दें और अपनी सहभागिता दर्ज करवाएं।
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg
#si_भर्ती_2021_रद्द from supreme court
पिछले 15 साल से #पेपरलीक का दंश झेल रहे राजस्थान के लाखों युवाओं के दिलों में 'न्याय व व्यवस्था के प्रति विश्वास' स्थापित करने वाला SI भर्ती रद्द का 'जजमेंट' कोई एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं था; बल्कि इसमें शामिल है SIT का वह अचूक अन्वेषण, #चंद_पीड़ित_अभ्यर्थियों का खून-पसीना और #कुछ_जिम्मेदार_नागरिकों के अथक प्रयास।
गत 15 सालों में लाखों बेरोजगार युवा इतनी हताशा में डूब गए थे कि पेपरलीक को ही अपनी नियति मान बैठे और उन्हें लगता था कि सिस्टम ऐसे ही चलता है वे अपने आप को पेपरलीक रूपी दानव के सामने असहाय व लाचार महसूस कर रहे थे उन्हें 'उम्मीद की किरण' देता है यह फैसला।
दिसंबर 2023 में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ व पेपरलीक के खिलाफ SOG में एक SIT बनाई गई जिसका नेतृत्व ADGP श्री #वीके_सिंह जी कर रहे थे उनकी टीम में शामिल थे DIG श्री अनिल परिस देशमुख, एडिशनल एसपी श्री #रामसिंह_शेखावत, एडिशनल एसपी श्री भवानीशंकर मीणा, एडिशनल एसपी श्री चिरंजीवीलाल मीणा, एडिशनल एसपी श्री महावीर जी मीणा व डिवाइएसपी श्री नियाज मोहम्मद इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्य पथ पर अडिग, अटल व निष्पक्ष रहते हुए इतनी मेहनत की कि कई मर्तबा तो तीन-तीन दिन तक सोए भी नहीं।
इस टीम पर दबाव बनाने के लिए एक तगड़ा नैक्सस काम कर रहा था जिसमें कई राजनेता, मीडिया का प्रभावी धड़ा, कई जातिगत जमातें, कई ब्यूरोक्रेट्स, कोर्ट में भी अवैध हिरासत का मामला आदि-इत्यादि परंतु इस टीम ने सभी प्रकार के दबावों को नकारकर राजस्थान पुलिस के इक़बाल को नयी उच्चता प्रदान की।
वैसे उक्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 में आयोजित हुई थी उस समय भी राजस्थान के कई जिलों में दर्जन भर FIR दर्ज हुई लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया उस घटना को तीन साल बीत जाने के बावजूद इस टीम ने इस प्रकरण की जड़ें खोदकर उस धारणा को निर्मूल साबित किया कि किसी भर्ती में एक बार नियुक्ति हो जाए तो फिर कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और इस भर्ती को अपने वास्तविक अंजाम तक पहुंचाने में अपना अहम योगदान अदा किया।
सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में यह अक्सर मान लिया जाता है कि एक बार नियुक्ति हो जाने के बाद उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता ये धारणा निर्मूल साबित हुई जिसका मुख्य आधार हैं SIT की दर्जन भर चार्जशीटें और भर्ती रद्द करने का ठोस व तथ्यात्मक ड्राफ्ट जिसके आधार पर माननीय न्यायालय ने यह लैंडमार्क जजमेंट दिया है जो सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता व पारदर्शिता के लिए 'मील का पत्थर' साबित होगा।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की इस SIT टीम ने राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य "आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय" को सही मायने में स्थापित किया है।
SOG के इस दल के हम लाखों युवा व करोड़ों राजस्थानी हमेशा ऋणी रहेंगे।
@CommandoUttam
"सत्यमेव जयते"
🇮🇳🇮🇳
"जय हिंद"
"जय जय राजस्थान"