@PoliceRajasthan कल शाम को बालोतरा के पास एक हाइवे पर फॉरच्यूनर की टक्कर दो भैंस से हो गई थी। मैने 112 पर कॉल किया, टीम जल्द ही मौके पर पहुंची और कार्यवाही हुई। @BalotraPolice , और जसोल थाना कर्मियों को धन्यवाद, बहुत सराहनीय।
राजस्थान में लग रहा है कि एक अकेला ऐसा मर्द बचा है जो हर हर जगह खुलकर सच बोलने की हिम्मत कर रहा है ....
इसके अलावा तो राजस्थान के नेता,कलाकार सेलिब्रिटी, इतिहासकार और तमाम सामाजिक और राजनैतिक संगठन गूंगे बने बैठे हैं....!!
सच कहने पर महाराष्ट्र से धमकियां भी आ रही हैं
इस दिवस पर उन सभी वीर स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को कोटि-कोटि श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान से भारत माता को पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त कराया।
जय हिंद
#IndependenceDay2025
@Hameersinghbhal आज के हमारे कार्यक्रम को हमारे लोकप्रिय विधायक जी द्वारा *भव्य कार्यक्रम* की संज्ञा दी गई है। जो कि हमारे लिए काफी अहमियत रखता है। आप अपना अमूल्य समय निकालकर बच्चों का हौसला अफजाई करने पधारे इस हेतु आपका तहे दिल से शुक्रिया विधायक जी।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर श्री गुरु मंश विद्या मंदिर, सिवाना में आयोजित भव्य समारोह में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर पूज्य श्री श्री १००८ गोपाल राम जी महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। ध्वजारोहण कर भारत की आन, बान और शान के प्रतीक तिरंगे को नमन किया।
मेरी आन जिन्दाबाद, मेरी शान जिन्दाबाद, मेरे भाई जिन्दाबाद
प्रिय साथियों, सादर प्रणाम
आज एक कड़वी सच्चाई हमारे सामने है — इस वर्ष भी राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव न कराने का निर्णय लिया है।
मैं,पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े विश्वविद्यालय का एक विद्यार्थी और आपका अपना साथी, इस निर्णय से गहरी पीड़ा महसूस करता हूँ।
क्योंकि छात्र राजनीति केवल चुनाव और पद का नाम नहीं, बल्कि यह वह पवित्र पाठशाला है जहाँ से भविष्य के नेतृत्व की नींव रखी जाती है।
साथियों, चुनाव हों या न हों, यह बात मैं दिल से कहना चाहता हूँ —
मैं आप सबका सदैव ऋणी रहूँगा।
क्योंकि आपने मुझे जो विश्वास, साहस, हौसला और अपनापन दिया है,
वह शायद ही किसी छात्रनेता को बिना चुनाव लड़े मिला होगा।
यह आपका निस्वार्थ स्नेह है, जिसने मुझे अकेले चलने वाले एक यात्री से कारवाँ का सेनानी बना दिया।
जब मैंने विश्वविद्यालय के छात्रों की आवाज़ बुलंद करनी शुरू की,
तब मेरे पास न कोई संगठन था, न कोई राजनीतिक सहारा।
मैं बस एक छोटे से गाँव का बेटा था,
एक शिक्षक का पुत्र, जो अपने नाम और सपनों के सहारे शहर आया था।
लेकिन आप में से हर युवा ने मेरे उस अकेलेपन को ताकत में बदल दिया,
गाँव-ढाणी और शहर की गलियों से निकलकर एक ऐसी फ़ौज मेरे साथ खड़ी कर दी,
जिसका आधार सिर्फ विश्वास और भाईचारा था।
आज, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तो हर कदम पर आपका चेहरा, आपकी मुस्कान, आपके नारे और आपका साथ नज़र आता है।
यह सफ़र मेरे लिए केवल एक आंदोलन नहीं,
बल्कि जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बन गया है।
इन अमूल्य यादों, गहरे एहसासों और अद्भुत अनुभवों के लिए
मैं आप सभी के चरणों में हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
आपका यह साथ, यह प्यार, और यह विश्वास,
मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी रहेगा।
आज अपना दिमाग घूम गया है...
अरविन्द चोटिया @ सुबह-सुबह जब मैंने यह सब देखा तो मुझे यह समझ में नहीं आ रहा था कि मैं जयपुर में ही हूं या अभी तक यूरोप के किसी शहर में घूम रहा हूं। मैं राजस्थान विधानसभा के सामने वाली सड़क पर था और यह राजस्थान के किसी भी शहर में उपलब्ध बेहतरीन सड़कों में से एक सड़क है। मैंने इसे कभी टूटते और फिर बनते हुए नहीं देखा क्योंकि जिस भी ठेकेदार ने जिस भी अफसर के निर्देशन में यह सड़क बनाई थी उसे यह बहुत लाउड एंड क्लियर मैसेज था कि इस सड़क को इतना अच्छा बना देना है कि यहां से गुजरने वाले कोई भी माननीय नेता और अधिकारी के पेट का पानी तक नहीं हिले और कभी नहीं हिले। सड़क वैसी ही बनाई गई और यह अपने आप में एक आदर्श उदाहरण भी है। हालांकि इसके अलावा कोई भी सड़क ऐसी नहीं बनाई जाती और अभी हम और आप जहां भी जाते हैं वहां गड्ढों वाली सड़कों से सामना प्रतिदिन और प्रतिक्षण होता है। इस साफ सुथरी और स्वस्थ सड़क की भी इस वक्त बड़ी शिद्दत से और बड़े प्यार से रिपेयरिंग हो रही है। कोलतार और कंक्रीट का घोल जहां डाल जा रहा था उनको गड्ढे या दरारें कहना गड्ढों और दरारों का घोर अपमान हो सकता है। वीडियो में मैंने कुछ जगह इन्हें गड्ढ़े कहकर संबोधित किया है जिसके लिए मैं लिखित में क्षमा याचना कर रहा हूं। उम्मीद है राजस्थान की अधिकांश सड़कों पर हुए बड़े-बड़े गड्ढे मुझे दिल से माफ कर देंगे। मैं उन गड्ढ़ों का दिल बिल्कुल भी नहीं दुखाना चाहता था लेकिन अब कहीं पर कोलतार और कंक्रीट डाली जा रही है तो उन्हें कुछ तो कहना ही पड़ेगा। खैर!
मुद्दे की बात पर लौटते हैं। हम आमजन सरकारों और सिस्टम के लिए कीड़े मकोड़ों से ज्यादा कुछ भी नहीं हैं। हमारे लिए घटिया से घटिया सड़क बनती हैं। ठेकेदार से लेकर अफसर और नेता तक, सबके पास हमारे हिस्से की सड़क को घटिया बनाकर जो पैसा बचता है वह पूरी ईमानदारी से जाता है। इसलिए हमारी सड़कें एक बारिश भी नहीं झेल पाती और बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं। हम इन गड्ढ़ों में गिरते रहते हैं। हमारी गाड़ियां और स्कूटर मोटरसाइकिल इन गड्ढ़ों में हिचकोले खाते रहते हैं। हम मन ही मन में सिस्टम को कोसते रहते हैं। इससे ज्यादा कुछ भी नहीं कर सकते। 5 साल बाद हमारे पास एक दिन वोट डालने का मौका आता है। उस दिन हम उन सारे निकम्मे लोगों से बदला लेते हैं और उन्हें सत्ता से बाहर कर देते हैं। इसके साथ ही हम एक अपराध यह करते हैं कि उनकी जगह दूसरे निकम्मे लोगों को लाकर बिठा देते हैं। फिर से खुद को कोसने के लिए और अगले 5 साल का इंतजार करने के लिए कि हम इनसे कब बदला लें?
हम सपने देखने के लिए स्वतंत्र हैं...
मैं एक सपना देखना चाहता हूं। हर सड़क का महत्व वही हो जो विधानसभा के सामने वाली सड़क का है। छोटी सी दरार भी और छोटा सा गड्ढ़ा भी प्रशासन को बर्दाश्त नहीं हो। अगर किसी सड़क में गड्ढा होने की झूठी सूचना भी सरकार तक पहुंच जाए तो रिपेयरिंग करने वाले ट्रैक्टर लेकर वहां तुरंत पहुंच जाएं और लौटकर रिपोर्ट दें कि गड्ढा होने की सूचना पूरी तरह झूठी, बेबुनियाद और निराधार पाई गई। किसी ने सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसी अफवाह फैलाई थी। सरकार ने इतनी अच्छी सड़कें बनाई हैं कि उनमें गड्ढे हो ही नहीं सकते।
ठीक है कि सपने और सच्चाई में कोई संबंध नहीं होता लेकिन इसके बावजूद सपने देखने पर कोई भी सरकार, कोई भी प्रशासन, कोई भी पुलिस कोई भी जेडीए आयुक्त और नगर निगम मेयर रोक तो लगा नहीं सकता इसलिए हम सपने देखने के लिए स्वतंत्र हैं।
आइए, मेरे साथ सपने और हकीकत दोनों एक साथ देखिए। सही सलामत और शानदार सड़कों की रिपेयरिंग पर निकले जांबाज मजदूरों, उन्हें भेजने वाले अफसरों और उनके प्रेरणा स्रोत नेताओं का साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर नागरिक अभिनंदन कीजिए। धन्यवाद के लिए उन्हें पत्र लिखिए।
बस, अपनी अपनी सड़क का फोटो कमेंट बॉक्स में जरूर डालते जाइए।
@BhajanlalBjp@RajCMO@jdajaipur@drsomyagurjar@8PMnoCM
अपने शौर्य व पराक्रम से देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय सेना के योद्धा महावीर चक्र से सम्मानित, लेफ्टिनेंट जनरल हणुत सिंह जी जसोल PVSM MVC की जयंती पर सादर नमन। 🙏 #barmer#jasol#mallani#rajasthan
हमें हमेशा झूठे दुबई के सपने दिखाकर हमारी खनिज संपदा लूटी गई, लेकिन विकास के नाम पर स्थिति यह है कि जिले के अस्पताल में आज भी एक सीटी स्कैन मशीन बंद पड़ी...
जब मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा हो, तब सरकारों से भवनों और दीवारों की मरम्मत की उम्मीद करना उचित नहीं....
#हकीकत