पिछड़ा वर्ग को 52% एससी को 15% एवं एसटी को 7.5% संघ लोकसेवा आयोग, राज्य लोकसेवा आयोगों एवं समस्त केंद्र एवं राज्य सरकारों की चयन समितियों में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए जिसके लिए ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चा का दृढ़ संकल्प है |
पिछड़ा वर्ग को 52% एससी को 15% एवं एसटी को 7.5% राज्य सभा एवं विधान परिषद् में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए जिसके लिए ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चा का दृढ़ संकल्प है |
पिछड़ा वर्ग को 52% एससी को 15% एवं एसटी को 7.5% उच्चतम न्यायलय एवं उच्च न्यायलय में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए जिसके लिए ओबीसी एससी एसटी संयुक्त मोर्चा का दृढ़ संकल्प है |
संविधान की मूलभावना है समानता, समानता को प्राप्त करने के लिए ओबीसी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति एवं पद्दोनती में कम से कम 52 प्रतिशत आरक्षण किया जाना चाहिए |
- जैसे कृषि के क्षेत्र में कई बार म.प्र. को कृषि कर्मठ अवार्ड मिला, सिंचाई का रकबे, सड़कों की लम्बाई , टैक्स कलेक्शन आदि में वृद्धि हुई एवं म.प्र. बीमारू राज्य से ऊपर हो गया है | जब मेरिट होल्डर ज्यादा संख्या में थे तब म.प्र. बीमारू राज्य था |
दुष्प्रचार किया जा रहा है कि आरक्षण के कारण देश का नुकसान हो रहा है जबकि SC ST का जिस संस्थान/विभाग में प्रतिनिधित्व बढ़ा है वहां पर कई गुना कार्यों की गति बढ़ी है | मध्यप्रदेश इसका उदाहरण है | बीमारू राज्य से विकासशील राज्य की श्रेणी में आ गया है -
अजाक्स की महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 7-10-2018, गाँधी भवन, पाली टेक्निक चौराहा भोपाल में समय 11:00 बजे से आयोजित की गयी है जिससे प्रांतीय कार्यकारिणी संभागीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य है |