मध्यप्रदेश में पुलिस पर हमले की पिछले एक वर्ष की इन प्रमुख घटनाओं को पढ़िए और मध्यप्रदेश में जंगलराज का अनुमान लगाईये।
🔹 सागर (27 मार्च 2025) -
सागर के सुरखी थाना क्षेत्र में भीड़ ने पुलिस टीम को लाठी, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला किया, कई पुलिसकर्मी घायल
🔹 मऊगंज (15 मार्च 2025) -
गड़रा गाँव में दो गुटों के विवाद में पुलिस टीम पर हमला। भीड़ ने ASI रामचरण गौतम की हत्या कर दी, कई पुलिसकर्मी घायल।
🔹 सीहोर (23 मार्च 2025) -
खैरी गाँव में ASI रामनारायण धुर्वे पर लाठी-डंडों से हमला, हालत गंभीर।
दमोह (19 मार्च 2025) - गौकशी के आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, ASI घायल।
🔹 छतरपुर (21 अगस्त 2024) -
कट्टरपंथी भीड़ ने कोतवाली थाने पर पथराव किया, चार पुलिसकर्मी घायल।
🔹 इंदौर (15 मार्च 2025) -
वकीलों और पुलिस के बीच संघर्ष, कई पुलिसकर्मियों पर हमला, चोटें आईं।
🔹 शहडोल (10 फरवरी 2025) -
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल।
🔹 महू (9 मार्च 2025) -
चैंपियंस ट्रॉफी जीत के जुलूस के बाद हिंसा, पुलिस पर हमला, स्थिति तनावपूर्ण।
🔹 छिंदवाड़ा (7 सितंबर 2024) -
मोचीपुरा में गणेश प्रतिमा स्थापना के दौरान पथराव, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त।
🔹 रतलाम (14 जून 2024) -
जावरा में जगन्नाथ महादेव मंदिर में बछड़े का सिर मिलने से तनाव, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला।
🔹 दतिया (15 नवंबर 2024) - भांडेर थाने से टीआई की सरकारी जीप चोरी, थाना परिसर से वाहन गायब।
मध्यप्रदेश में खाकी का अपमान चरम पर है। मऊगंज, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा, रतलाम - हर जगह पुलिस पर हमले हो रहे हैं, लाचारी का आलम यह है कि थाने से पुलिस की जीप तक चोरी हो रही है।
@DrMohanYadav51 जी,
आपकी नाकामी से मध्यप्रदेश में जंगलराज हावी हो गया है। पुलिस की इज्जत कब लौटेगी, या सिर्फ कुर्सी की मलाई और किसानों की जमीन निगलते निगलते अपना कार्यकाल पूरा करेंगे ?
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी आज प्रयागराज महाकुंभ में शामिल हुए और संगम स्नान कर माँ गंगा से मध्यप्रदेश की जनता के सुख समृद्धी की कामना की।
@jitupatwari
राहुल गांधी इसी असमानता की लड़ाई लड़ रहे है-
मध्यप्रदेश के सीधी ज़िले के चुरहट में पीएचई विभाग के ओबीसी वर्ग के आरएन पटेल रिटायर हुए तो गलती से गांव में विदाई में लोगों ने डीजे बजा दिया, मिश्रा टीआई साहब की नींद में खलल पड़ गई।
मिश्रा जी ने डीजे वालों को बंद किया,मारपीट हुई बुजुर्ग ओबीसी हाथ जोड़े खड़े रहे, पर मिश्रा जी पर पता नहीं क्या सवार था।
ये वही सीधी है जहां कुछ दिन पूर्व एक आदिवासी के मुँह पर पेशाब करने का वीडियो वायरल हुआ था।
मासूमों की चीख से दहला मध्यप्रदेश,
4 दिन में दुष्कर्म की कई वारदातें, मुख्यमंत्री मोहन यादव का हरियाणा से वादा ‘यदि BJP को वोट दिया तो हरियाणा को भी मध्यप्रदेश बना देंगे’;
तस्वीर - 1 (27 सितंबर 2024)
▪️ भोपाल में 5 वर्ष की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या, मुख्यमंत्री हरियाणा में वोट माँगते रहे।
तस्वीर - 2 (27 सितंबर 2024)
▪️ इंदौर में नर्सरी की छात्रा से स्कूल के कर्मचारी द्वारा छेड़छाड़, मुख्यमंत्री हरियाणा को मध्यप्रदेश बनाने के सपने बेच रहे।
तस्वीर - 3 (25 सितंबर 2024)
▪️ मुरैना में 9 साल की मासूम से दुष्कर्म, खून से लथपथ मासूम ICU में भर्ती, मुख्यमंत्री हरियाणा में सुशासन का झूठ फैलाते रहे।
तस्वीर - 4 (24 सितंबर 2024)
▪️ सतना, जबलपुर और रीवा में 24 घंटे में सामूहिक दुष्कर्म की तीन वीभत्स घटनायें, मुख्यमंत्री हरियाणा में BJP सरकार बनाने की कोशिश में व्यस्त।
मोहन यादव जी,
🤬 क्या कफ़न में लिपटे मासूमों की दर्दनाक तस्वीरें आपको कुर्सी पर थमें रहने की इजाज़त देती है ?
🤬 क्या मध्यप्रदेश में बेटियों की आबरू की क़ीमत लाड़ली बहना के 1250 रूपये हैं ?
🤬 क्या आप मध्यप्रदेश सँभालने की क़ाबिलियत रखते हैं ?
खैर ! मध्यप्रदेश की जनता ने बेटियों की सुरक्षा के लिये वोट ही कब डाला, जब सरकार ‘लोभ’ में चुनोगे तो ‘हानि’ तो निश्चित है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं 7वीं बार विधायक श्री अजय सिंह ‘राहुल’ भैया को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी विद्वता, धैर्यता, कर्मठता और कर्तव्य परायणता आपको श्रेष्ठता के शिखर पर विराजित करती है।
मध्यप्रदेश की ख़राब सड़कों के कारण 6 महीने में 88000 से ज़्यादा एक्सीडेंट्स हुए हैं। शिवराज सिंह चौहान इन्हीं सड़कों को अमेरिका से ज़्यादा अच्छी सड़कें बताया करते थे।
अब मध्यप्रदेश की जनता को तय करना है कि उन्हें अच्छी सड़कें, बिजली, पानी, सुरक्षा, शिक्षा, अस्पताल और रोज़गार चाहिए या 1250 रूपये महीने का लॉलीपॉप।
“जागो मध्यप्रदेश जागो”
बीजेपी सांसद बेशर्मी पर उतारू,
— किसान आंदोलन में रेप होने और हत्या कर लाशें टाँगने की बात कही, किसानों को उपद्रवी बताया।
मोदी जी,
700 से अधिक किसानों की मौत के बाद भी मन नहीं भरा जो, अब अपने सांसद से इस तरह के निराधार और निर्लज्जता वाले आरोप लगवा रहे हो?
देश का किसान सब देख रहा है।
ये मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं !
इन जनाब को अभी तक सीधा तिरंगा लगाना नहीं आया। हैरानी की बात तो ये है कि इन्होंने उल्टे तिरंगे के साथ परेड की सलामी भी ली है।
किसी ने सही ही कहा है,
RSS और BJP वालों की तिरंगे से पहचान कहाँ है।
“शर्मनाक”
अड़ानी महाघोटाले की जाँच करने वाली सेबी भी महाघोटाले में शामिल थी।
वाह ! मोदी जी,
कितना व्यवस्थित भ्रष्टाचार है।
शिकार और शिकारी दोस्त हैं,
जनता को मूर्ख से महामूर्ख बनाते रहो।