🚨 BIG BREAKING 🚨
⚖️ इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
🔴 'शांति भंग' में निर्दोषों को जेल भेजने वाले पुलिस अफसरों पर गिरेगी गाज
🔴 अवैध हिरासत पर ₹25,000 प्रतिदिन मुआवजा
🔴 दोषी पुलिस अधिकारियों की सैलरी से वसूला जाएगा जुर्माना
🔴 8 दिन अवैध हिरासत में रखने पर पीड़ित को ₹2 लाख मुआवजा
🔴 हाईकोर्ट बोला- व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि
🔴 बिना कानूनी आधार 24 घंटे से ज्यादा हिरासत अब पड़ेगी भारी
🔴 पूरे यूपी में लागू होंगे हाईकोर्ट के नए दिशा-निर्देश
🔴 प्रयागराज पुलिस कमिश्नर को 14 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने का आदेश
#AllahabadHighCourt #UPPolice #BreakingNews @CMOfficeUP@dgpup@Uppolice
सरकारी कंपनी किसने ज़्यादा बेचीं? Modi, Atal या Manmohan? Uttarakhand की IMPCL बिकने का क्या विवाद?
Watch the Full Video with @Saurabh_Pinch
Full Video here:
https://t.co/zHGbPp2aMT
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान
"सालों तक, भारत ने अमेरिका का बहुत फ़ायदा उठाया। उन्होंने हमसे बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगाए और हमें कुछ नहीं दिया, हार्ले डेविडसन पर 200% टैरिफ़ लगाया… लेकिन ये मुझसे पहले की बात थी। अब इसका उल्टा होगा। अब हम भारत से बहुत पैसा कमाएँगे”
इतना बोलने के बाद ट्रंप ने फिर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ कर दी और कहा
"हम एक व्यापार समझौता डील करेंगे क्योंकि मुझे आपके PM बहुत पसंद हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं, और हमारी अच्छी बनती है। हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं"
चैनलों पर हो सकता है कि सिर्फ़ दोस्ती और तारीफ़ वाली ख़बर दिखे, उसके पीछे की मंशा जानिए
उत्तर प्रदेश : कार की 45 लीटर की टंकी में डाल दिया 52 लीटर पेट्रोल
◆ कानपुर के हर्ष नगर स्थित एक पेट्रोल पंप पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है
◆ कार मालिक चरन सिंह ने बताई पूरी घटना
#UttarPradesh | #Kanpur | Uttar Pradesh | Charan Singh | 45 Litre Car Tank | Kanpur
बधाई! देशवासियों; भारत की एक सरकारी 'मिनी रत्न' कंपनी बिक गई!
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को ₹145 करोड़ की कंपनी को ₹121 करोड़ में बेच दिया गया। जबकि यह कंपनी लगातार मुनाफे में थी। क्या इस पर किसी टीवी एंकर ने डिबेट की?
सोशल मीडिया पर शेयर करना ही है तो ऐसी स्टोरीज़/वीडियो क्लिप्स शेयर करें जिससे सिस्टम और सरकार की पोल खुलती हो। TV स्टुडियोज़ में बैठ कर किसी बतोलेबाज द्वारा की गई बतोलेबाजी को शेयर कर क्या करेंगे? उस काम को तो गोदी मीडिया बख़ूबी अंजाम दे ही रहा है!
कांग्रेस शासित राज्य ओडिसा में भ्रष्टाचार का आलम देखिए
एक माइनिंग अधिकारी के ख़िलाफ़ 30000 की रिश्वत की जांच हुई तो उसका 4 करोड़ की रिश्वत का भांडाफोड हो गया।
कुछ कहेंगे कि देखो पकड़ा गया तो बीजेपी की वजह से।
झारखंड के 12वीं क्लास के स्टूडेंट, सार्थक सिद्धांत ने CBSE की जो गड़बड़ियां पकड़ीं हैं उनकी मुख्य बात
“…मैंने एक ब्लॉग लिखा है जिसमें CBSE के टेंडर डॉक्यूमेंट्स की तुलना की गई है। मैंने इसे अपलोड और पब्लिश किया है… मेरे ब्लॉग के अनुसार, कम से कम 15 गड़बड़ियां थीं। मैं उनमें से तीन या चार को हाईलाइट करना चाहूंगा।
मैं कोएम्प्ट के बारे में बैकग्राउंड बताता हूं। इसे ग्लोबारेना के नाम से जाना जाता था, और उनका बैकग्राउंड बहुत खराब है। कोएम्प्ट की वजह से 23 स्टूडेंट्स ने खुदकुशी कर ली…
अब, मैं आपको RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) के बारे में बताना चाहूंगा। होता यह है कि सरकार एक टेंडर जारी करती है और बिडर से इसके लिए बिड करने को कहती है। CBSE ने यह टेंडर तीन बार जारी किया… मैंने पुराने RFP और नए RFP की तुलना की है, और मुझे कुछ गड़बड़ियां मिलीं… पहली गड़बड़ यह है कि खराब परफॉर्मेंस के तीन क्लॉज थे जिन्हें नए RFP से पूरी तरह हटा दिया गया था। पहले के RFP में, पहले ब्लैकलिस्टेड नाम का एक क्लॉज था, जबकि नए RFP में, इसे बदलकर ‘मौजूदा ब्लैकलिस्टेड’ कर दिया गया। बोर्ड ऐसा सर्विस प्रोवाइडर क्यों चाहेगा जो पहले ब्लैकलिस्ट किया गया था?
तीसरी बात जो मुझे पता चली, वह है 50 करोड़ की लिमिट, जिसके लिए आपको क्वालिफाई करना था, और कोएम्प्ट ने उसे 1.7% से क्वालिफाई किया… करप्ट प्रैक्टिस का टाइम फ़्रेम आधा कर दिया गया, और प्रोजेक्ट क्राइटेरिया में बदलाव किए गए… यह एक पैटर्न दिखाता है कि इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी TCS को प्रिफरेंस नहीं दी गई, बल्कि कोएम्प्ट को प्रिफरेंस दी गई, जो इंस्टीट्यूशन्स के एक बहुत ही बिखरे हुए ग्रुप के तौर पर काम करती है…”
Courtesy: @ANI
अहम ख़बर
ईरान रेलवे के ज़रिए चीन और पाकिस्तान को तेल और LPG एक्सपोर्ट करता है
US नेवी ब्लॉकेड के लगभग 50 दिन बाद चीन जाने वाली मालगाड़ियों की संख्या तीन गुना हो गई : फ़ार्स
टैंकरों की लंबी लाइन रात भर चलती रहती है
महीने भर में ही गंगा एक्सप्रेसवे
का हुआ ये हाल! कौन ज़िम्मेदार?
29 अप्रैल 2026 को PM Modi ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. लेकिन उद्घाटन के महज़ एक महीने के भीतर ही इसकी हालत को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
कहीं सुरक्षा खामियां सामने आ रही हैं, तो कहीं रखरखाव और एक्सप्रेसवे के गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. देखिए वीडियो...
बीजेपी को अब खुली छूट मिल गई है कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके अपने पसंद की मतदाता सूची बनवाना जारी रखे !
फिर सुप्रीम कोर्ट ने देश को निराश किया है
: मुकेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार